नहीं हो सकी आरसीएम के उत्पादों की नीलामी
Courtesy: Rajasthan Patrika, Bhilwara – 8 June 2012
भीलवाड़ा/हमीरगढ़। मल्टीलेवल मार्केटिंग कम्पनी आरसीएम के पुलिस कार्रवाई के दौरान सीज किए गए करीब सात करोड़ के लागत के खाद्य उत्पादों की नीलामी गुरूवार को नहीं हो सकी। वहां एक भी खरीदार नहीं पहंुचा। पुलिस अब न्यायालय से नीलामी की नई तारीख लेगी।
हमीरगढ़ में ग्रोथ सेन्टर स्थित आरसीएम वल्र्ड के सीज गोदाम में रखी खाद्य सामग्री के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने गुरूवार को नीलामी रखी थी। लेकिन सुबह 10 से लेकर अपराह्न 3 बजे तक एक भी बोलीदाता नहीं पहुंचा। इस पर नीलामी कमेटी के सदस्य सचिव एवं पुलिस उपअधीक्षक रामकुवार कस्वां ने नीलामी स्थगित कर दी। कस्वां ने बताया कि नीलामी के लिए न्यायालय से दोबारा तारीख ली जाएगी। नीलामी की कार्रवाई के लिए कार्यवाहक रसद अधिकारी रौनक बैरागी, हमीरगढ़ थाने के कार्यवाहक प्रभारी प्रमोद शर्मा, कम्पनी प्रतिनिधि राजेश माहेश्वरी व ओम बसेर आदि मौजूद थे।
नीलामी में थे 200 प्रॉडक्ट
गोदाम में रखे करीब 200 उत्पादों की नीलामी होनी थी। इसके लिए प्रशासन की ओर से न्यूनतम बोली राशि पांच करोड़ 41 लाख 53 हजार 63 रूपए रखी गई थी। जबकि कम्पनी के सीज उत्पादों की राशि कुल (एमआरपी रेट) 7 करोड़ 71 लाख 18 हजार 501 रूपए थी। बोली में शामिल होने के लिए पचास हजार रूपए की धरोहर राशि जमा करानी थी।
यह सामग्री होनी थी नीलाम
नीलामी में बिस्कुट, भुजिया, आटा, मसाला समेत वह सामग्री थी, जिसके जल्द खराब होने की संभावना है या उनकी एक्सपाइरी तिथि नजदीक है। दूसरी तरफ बताया गया है कि गोदामों में लाखों का माल अब तक खराब हो चुका है। इसमें आटा, नमकीन, स्वीट्स, गेहूं आदि शामिल है।
छह माह पूर्व हुए थे गोदाम सीज
हमीरगढ़ पुलिस ने लाखों लोगों से वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों के चलते गत 10 दिसम्बर को आरसीएम के गोदामों को सीज किया था। पुलिस ने गोदामों में भरी सामग्री खराब होने की संभावना के चलते जिला एवं सत्र न्यायालय से आदेश लेकर गुरूवार को रखी थी। प्रकरण में कम्पनी के प्रमुख तिलोकचंद छाबड़ा समेत कुल आठ जनों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
नहीं आए बोली लगाने वाले
Courtesy: Dainik Bhaskar, Bhilwara (Hamirgarh) – 8 June 2012

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Jai rcm jai hindustan raj sarkar ko chahiye ki rcm ko jaldi start kar de keyu ki india sarkar naukri to de nahi sakte our rcm ko rok kar caroro logo ko berojgar kar diya is sarkar ko sarm aani chahi jai rcm
हम RCM की नीलामी में भाग लेने वाले भाइयों को एक सलाह देते हें कि वे प्रोडक्ट की पेकिंग पर लिखी फर्जी MRP दर या नीलामी की कम से कम रिजर्व दर 40% के आधार पर अपनी बोली की केलकुलेशन नहीं करें बल्कि इन उत्पादों की वास्तविक निर्माण लागत को समझ कर बोली लगाये.
इस वास्तविक निर्माण लागत को निकालने के लिए RCM कंपनी के ही किसी भी RSP (आर सी एम् शोपिंग पॉइंट) का आर सी एम् डिपो से खरीदा गया सामान का इन्वोइस, बिल देख ले जिससे स्पष्ट हो जाएगा की RCM के सभी सामानों की कीमत उनकी MRP से 60% से 70% तक कम हे, इसे यू भी समझ सकते हें कि 100/- रूपए की MRP का सामान खुद कंपनी ने अपनी शोपिंग पॉइंट को 40 से 30 रुपये में बेचा था, इसमें से कंपनी का मार्जिन निकाल दिया जाए तो लागत आती हे 25 रुपये.
अब जब भी कोई सामान कबाड़ी में नीलाम होता हे तो वेसे ही उसकी कीमत एक रुपये की चवन्नी रह जाती हे, और जब सामान ही चवन्नी छाप हो तो उसकी क्या कीमत रह जायेगी? तो अब 100 रूपए MRP के RCM सामान की नीलामी की कीमत निकलती हे 5 या 6 रुपये.
अब आप कबाड़ी लोग तो वेसे भी बहुत समझदार होते हें तो क्या इस 5 रुपये के सामान के रिजर्व प्राइज के 40 रुपये दे देंगे? नहीं ना, आपकी समझदारी इसी में हे की आप नीलामी में भाग ही नहीं लें, उधर वो जेल में सड़ रहा हे इधर उसका सड़ने दे.
उसने तो 25 रुपये की कीमत के सामान को 100 रुपये में लोगो को बेवकूफ बना कर बड़ी ही आसानी से बेचा था और वह जब भी बाहर आयेगा इसी सड़े सामान को और भी ज्यादा रेट बढ़ा कर कोई नयी स्कीम के साथ बेवकूफों को बेच देगा, पहले भी यह एसा कई बार कर चुका हे, चाहे रिजोइनिंग स्कीम का किट हो या लोयलटी बोनस स्कीम, घटिया, सड़ा सामान बेचना तो इसके बाएं हाथ का खेल हे। इस मामले में तो यह बहुत ही अनुभवी और महारथी हे, तभी तो देश-विदेश की नामी-गिरामी कम्पनियों ने भी अपना आउट-ऑफ़-डेटेड, ओल्ड टेक्नोलोजी और प्रायोगिक, तोल के भाव के प्रोडक्ट इसके माध्यम से बड़ी ही आसानी से ऊँची रेटों में बेच दिए.
इसने अपने सदस्यों पर एसा कालाजादू कर रखा हे की वे इससे अपने आप को ठगे जाने पर भी गोर्वान्तित समझते हें, ताली बजाते हे, मिठाई बाँटते हे, इसकी जय बोलते हें ।
Satymev Jayte.
sarm rahegi to aaegi,ye to besharm hai.jai rcm
Nahi Chahiye Hame SUBSIDI
Nahi Chahiye Hame Saste Rate Me Anaz
Nahi Chahiye Hame Berojgari Bhatta
Hame Chahiye Hamara Chhina Hua Rojgar
Hame Jald se Jald Nayay Chahiye
Kyunki yeh ek nahi Lakhon Logon ki Roji Roti ka sawal Hai.
Dears, Jai RCM
Every one want to be RICH
Every one want to be Popular
Every one want to be Powerful
Every one want to be Great
God gives problem to become Powerful
God gives problem to Powerful man to become Great
& God gives problem to Great Pers to become famous for ever
This is the right time to do so
Jai RCM, Jai RCM, Jai RCM,
Rajasthan police and poltical ,- Riswat khoronko kaise pata saman kaise becha jata hai , chalo lalach de kar saman ko bechke dikhawo tab manege log burbak nahi he rcm sachai ke sath tha he aur rahega hum kavi nahi harenge agar sarkar rcm ko band v kar de fir vi hum jeetenge tum jeet ke bhi haroge k u ki tume vi abtak to sachai najar aagaya hoga js din tumare uper gach girenge tab samaj me aayega ki kon sa pap tum ne kiya .
same to you ,jai rcm
jai rcm.jaibharat.
jab jaane ka sabhi rastha bandh hoja thi hai tho, wahi se ek naya rastha kuljatha hai .
rcm is a G0d plan ,rcm make new wold soon,
jai rcm…….
ham os desh me rahte hai jis des me riswat chalti hai,
jaha neta mojh odate or janta bhukhi marti hai…………..
sathiyo jaldi kuchh karo sab barbad ho raha hai……..jai hind jai bharat jai rcm.
JAI RCM………
DOSTO AAJ RAJASTHAN GOVT. MLM PAR DUIDLINE JARI KARNE JA RAHI HAI…….TO YE SAMJHO KI 1/2 DIN ME AAPNA RCM BUSINESS SURU HO JAYEGA………JAI HIND JAI BHARAT JAI RCM
sir,
ple give me this guidline..where rcm server start BIHAR or BHILWARA ?? panskura, purba medinipur, w.b
rcm ak very nice company hai mujhe Itna pta ki usne mujhse aj tak kuchh bhi nahi liya sarkar blaind hai use kuchh dikhai nahi deta aur wo ghotale karti hai to apne liye bhi niyam lagu kare apne upar bhi
It is unfortunate even after 5-6 months the Govt. Could not conclude the case. RCM did not do any illegal business and its members do not have any complaint. and the govt doesn’t have any complaint from any member then why the operation is unnecessary stopped. Now the Govt should allow RCM to work. The financial anomaly what ever happen should be penalised. Now 7 corer goods are being spoiled in godown and there would be any customer to buy it and no RCM distributor would purchase those expired items. Gvt /court should take fast decision to make the things happen. If such matter is of any multy national then the authority & politician would have given the full support for its operation. Jai RCM
govt fdi ke liye rasta kholna chahti hai tabhi to rcm ko band kiya hai. lekin rcm ko kisi bhi sarkar ko chalo karna padega. jai rcm
madharchod tc chabra tune lakho logo cutiya banaya le ab sad jel me gahlot je aapko sat sat naman is kutte ko dhokhebaj tc chabra ko jel me sadva dalo ye harame ka pilla lakho garebo ko sapne dekhakar unke paiso ka fayda keval apne logo ko fayda karvaya..
हम RCM की नीलामी में भाग लेने वाले भाइयों को एक सलाह देते हें कि वे प्रोडक्ट की पेकिंग पर लिखी फर्जी MRP दर या नीलामी की कम से कम रिजर्व दर 40% के आधार पर अपनी बोली की केलकुलेशन नहीं करें बल्कि इन उत्पादों की वास्तविक निर्माण लागत को समझ कर बोली लगाये.
इस वास्तविक निर्माण लागत को निकालने के लिए RCM कंपनी के ही किसी भी RSP (आर सी एम् शोपिंग पॉइंट) का आर सी एम् डिपो से खरीदा गया सामान का इन्वोइस, बिल देख ले जिससे स्पष्ट हो जाएगा की RCM के सभी सामानों की कीमत उनकी MRP से 60% से 70% तक कम हे, इसे यू भी समझ सकते हें कि 100/- रूपए की MRP का सामान खुद कंपनी ने अपनी शोपिंग पॉइंट को 40 से 30 रुपये में बेचा था, इसमें से कंपनी का मार्जिन निकाल दिया जाए तो लागत आती हे 25 रुपये.
अब जब भी कोई सामान कबाड़ी में नीलाम होता हे तो वेसे ही उसकी कीमत एक रुपये की चवन्नी रह जाती हे, और जब सामान ही चवन्नी छाप हो तो उसकी क्या कीमत रह जायेगी? तो अब 100 रूपए MRP के RCM सामान की नीलामी की कीमत निकलती हे 5 या 6 रुपये.
अब आप कबाड़ी लोग तो वेसे भी बहुत समझदार होते हें तो क्या इस 5 रुपये के सामान के रिजर्व प्राइज के 40 रुपये दे देंगे? नहीं ना, आपकी समझदारी इसी में हे की आप नीलामी में भाग ही नहीं लें, उधर वो जेल में सड़ रहा हे इधर उसका सड़ने दे.
उसने तो 25 रुपये की कीमत के सामान को 100 रुपये में लोगो को बेवकूफ बना कर बड़ी ही आसानी से बेचा था और वह जब भी बाहर आयेगा इसी सड़े सामान को और भी ज्यादा रेट बढ़ा कर कोई नयी स्कीम के साथ बेवकूफों को बेच देगा, पहले भी यह एसा कई बार कर चुका हे, चाहे रिजोइनिंग स्कीम का किट हो या लोयलटी बोनस स्कीम, घटिया, सड़ा सामान बेचना तो इसके बाएं हाथ का खेल हे। इस मामले में तो यह बहुत ही अनुभवी और महारथी हे, तभी तो देश-विदेश की नामी-गिरामी कम्पनियों ने भी अपना आउट-ऑफ़-डेटेड, ओल्ड टेक्नोलोजी और प्रायोगिक, तोल के भाव के प्रोडक्ट इसके माध्यम से बड़ी ही आसानी से ऊँची रेटों में बेच दिए.
इसने अपने सदस्यों पर एसा कालाजादू कर रखा हे की वे इससे अपने आप को ठगे जाने पर भी गोर्वान्तित समझते हें, ताली बजाते हे, मिठाई बाँटते हे, इसकी जय बोलते हें ।
जेबीएम परिवार आपका स्वागत करता है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप द्वारा जेबीएम परिवार में शामिल होने का लिया गया फैसला, आपके सपनों को साकार करने में मददगार सिद्ध होगा। जय भारत मार्केटिंग केवल मार्किटिंग नहीं बल्कि खुद को विकसित करने का एक सुनहरा अवसर है। जय भारत
जेबीएम परिवार के दरवाजे खुले हैं उनके लिए….
हर व्यक्ति की आंखों में स्वप्न होते हैं, और वह उन स्वप्नों के लिए दिन रात दौड़ता है, लेकिन जिन्दगी एक झटका देती है, वह कुछ समय के लिए रूकता है, फिर उसके दिल से आवाज निकलती है, एक दरवाजा बंद हुआ है तो दूसरा ईश्वर ने आपके लिए खोला है, अब साहस उस व्यक्ति को करना रहता है, जैसे सूर्य रोज निकलता है, मगर सूर्य रोशनी उस कमरे में देता है, जिसका दरवाजा खुला हो, जेबीएम परिवार का दरवाजा उन लोगों के लिए ईश्वर ने खोला है, जो नेटवर्किंग की दुनिया में अपने नाम की अमिट छाप छोड़ना चाहते हैं। समु्द्र की गहराई तक जाने के लिए किनारे पर खड़े रहने की बजाय सही साधनों का प्रबन्ध करके साहस के साथ कूद जाने वाले को ही हीरे, मोती प्राप्त होते है, करने से ज्यादा सोचने में वक्त जाया ना करें, वक्त व छूटी हुई ट्रेन को पकड़ना बहुत मुश्किल होता है.
High Lights प्रमुखताएँ
साथियों, आज हमारे देश में नेटवर्किंग, प्रोडक्ट डायरेक्ट सेलिंग का कार्य कोई नया नहीं रह गया हें, इस समय कई कंपनियाँ कार्यरत हें, सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए रोज़गार के अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद हे, और आने वाले वर्षों में यह और तेज़ी से बढ़ेगा.
देश में इस समय जेबीएम परिवार, एन-मार्ट, आई एम सी, जी टी एफ एस, आर सी एम, फॉरएवर, वेस्टिज, डी-हेल्थ एण्ड केयर, एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कई कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हे जिनसे करोड़ो लोग लाभावन्तित हो रहें हें.
आप भी अपने खाली समय का सदुपयोग नेटवर्किंग का कार्य अपना कर कर सकते हें व अपना और अपने देश का भविष्य उज्ज्वल कर सकते हें, इसके लिए वर्तमान में तेज़ी से पूरे देश भर में अपना डंका बजवाने वाली और अन्य कंपनियों से तुलनात्मक तौर पर सबसे ज़्यादा अच्छा, सरल और वास्तव में हर एक को कमाई देने वाला बिजनस प्लान ले कर आने वाली कंपनी “जेबीएम परिवार” JBMparivar.com में आपका स्वागत हें.
कोई भी नेटवर्किंग कंपनी को जोइन करने से पहले आप इस कंपनी के नीचे दी गयी बिजनस प्लान की प्रमुखताएँ ‘High Lights’ और प्रॉडक्ट को आप उस अन्य कंपनी के प्लान और प्रॉडक्ट से ज़रूर टेली कर लें फिर निर्णय लें ताकि वास्तव में आपके फालतू समय का सदुपयोग हो और भरपूर कमाई भी हो साथ में देश हित भी सर्वोपरि हो.
S. No
विषय
JBM parivar
अन्य कंपनी
1
मीटिंग प्रवेश शुल्क
किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता हें.
30 से 500 रुपये शुल्क लिया जाता हें.
2
ज़ोइनिंग शुल्क
मात्र 240 रु में मनपसंद सामान के साथ ज़ोइनिंग कर सकते हें
1500 से 3000 में थोपे गये सामान के किट से ज़ोइनिंग हो पाती हें
3
किट के सामान की बाजार में कीमत %
पूरी 100%
आधी 50% से भी कम
4
खुद की ज़ोइनिंग किट की बी वी पर खुद को आय
22%
0%
5
कमीशन सार
खरीदी के बिजनस वैल्यू का कुल 51% हिस्सा वितरण करती है
खुद की खरीद पर : 22%
5000 to 9999 : 2%
10,000 to 19,999 : 4%
20,000 to 39,999 : 6%
40,000 to 69,999 : 8%
70,000 to 1,14,999 : 10%
1,15,000 to 1,39,999 : 12%
1,40,000 to 1,74,999 : 14%
1,75,000 and above : 16%
खरीदी के बिजनस वैल्यू का कुल 36% हिस्सा ही वितरण करती है
खुद की खरीद पर : 10%
5000 to 9999 : NIL
10,000 to 19,999 : 1.5%
20,000 to 39,999 : 3%
40,000 to 69,999 : 5%
70,000 to 1,14,999 : 7%
1,15,000 to 1,69,999 : 9%
1,70,000 to 2,59,999 : 11%
2,60,000 to 3,49,999 : 13%
3,50,000 and above : 15%
6
बेंक में फॅंड ट्रांसफर
1 रुपया भी कमीशन बना हो तो भी ट्रांसफर होगा
सभी कटोती काटनें के बाद कम से कम 500 रु का कमीशन जमा हो जाये तो ही फॅंड ट्रांसफर होगा
7
स्वंय की मासिक खरीद के बी वी पर परफॉर्मेंस बोनस का %
स्वयं की खरीदी के बी वी का 22% एवं 16% तक टीम परफॉर्मेंस बोनस, कुल 38%
स्वयं की खरीदी के बी वी का 10% एवं 15% तक टीम परफॉर्मेंस बोनस, कुल 25% केवल
8
हर भुगतान पर कटौती
0 रु
30 से 300 रु तक राशि अनुसार
9
लीडरशिप बोनस
ए लेग में 135000 बी वी एवं बी लेग में केवल 40000 बी वी होने पर लीडरशिप बोनस 3 फीसदी + 2000 रुपए
ए लेग में 280000 बी वी एवं बी लेग में 70000 बी वी होने पर लीडरशिप बोनस कुल 2000 रुपए केवल
10
लीडरशिप बोनस की शर्तें
लीडरशिप बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा
लीडरशिप बोनस की स्थति में पहुँचने के पश्चात दूसरे माह में भी उसी स्थति में बने रहने पर ही दिया जाएगा और लगातार हर माह उसी स्थति में बने रहने पर ही जारी रहेगा
11
रॉयल्टी बोनस
ए लेग में 175000 बी वी एवं बी लेग में केवल 70000 – 175000 बी वी होने पर रॉयल्टी बोनस 2 – 6 फीसदी + 4000 रुपए
ए लेग में 350000 बी वी एवं बी लेग में 115000 – 350000 बी वी होने पर रॉयल्टी बोनस 2 – 6 फीसदी + 4000 रुपए
12
रॉयल्टी बोनस की शर्तें
रॉयल्टी बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा
रॉयल्टी बोनस की स्थति में पहुँचने के पश्चात दूसरे माह में भी उसी स्थति में बने रहने पर ही दिया जाएगा और लगातार हर माह उसी स्थति में बने रहने पर ही जारी रहेगा
13
टेक्नीकल बोनस
दोनों लेगो में 250000 होने पर 1%, 500000 होने पर 1.5%, 1000000 होने पर 2%, 2000000 होने पर 2.5%
+
कंपनी के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम पर 1.5% औसत आधार पर हर टेक्नीकल अचिवर के बीच डिवाइड किया जाता हें
ये बोनस आपकी मेन लेग के बी वी में से 2.5 लाख घटा कर शेष के औसत के आधार पर निकाला जाता हे
दोनों लेगो में 500000 होने पर 1%, 1000000 होने पर 1.5%, 2200000 होने पर 2%, 4800000 होने पर 2.5%
+
कंपनी के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम पर 1.5% औसत आधार पर हर टेक्नीकल अचिवर के बीच डिवाइड किया जाता हें
ये बोनस आपकी बी लेग के बी वी में से 5 लाख घटा कर शेष के औसत के आधार पर निकाला जाता हे
14
टेक्नीकल बोनस की शर्तें
टेक्नीकल बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा
कम से कम 2 माह किसी रॉयल्टी लेवल पर रहना हे, उसके पश्चात 1 माह 6% लेवल रॉयल्टी पर, व उसके पश्चात 1 माह में 5-5 लाख या इससे ज़्यादा का बी वी दोनो लेगो में होना चाहिये, और इन चारो माह का लक्ष्य 6 माह की अवधि मे पूर्ण हो जाना चाहिये या जब भी किसी भी 6 माह या उससे कम अवधि में ये चारों लक्ष्य पूरे होने पर ही उसकी टेक्निकल बोनस की पात्रता मानी जाएगी.
15
दुर्घटना म्रत्यु अनुदान
1000 रु. या ज़्यादा की खरीद प्रति माह करने पर
नॉमिनी को 2.51 लाख की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी
हर सक्रिय डिस्ट्रीब्यूटर को कंपनी अपने परिवार का सदस्य मानती हे और किंतु-परंतु के शर्तों के जाल में नहीं उलझाती, यानी की जिस माह भी उसकी 1000 रु की खरीद होगी उस माह के लिए वह इसका पात्र होगा
नॉमिनी को 2 लाख की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी
इसकी पात्रता लगातार 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से मानी जाएगी और पात्रता को जारी रखने के लिये लगातार हर माह खरीद जारी रहनी चाहिये, यदि किसी माह 1000 रु. की खरीद छूट जाती हे तो वापस 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से ही मानी जा सकेगी.
16
खरीद प्रोत्साहन राशि
1000 रु. या ज़्यादा की खरीद प्रति माह करने पर
कंपनी अपने इस तरह के सक्रिय, समर्पित सदस्य को 5100 रुपए की गारंटिड प्रोत्साहन राशि के लिए चुनती है, जो “प्रथम आओ, प्रथम पाओ” की स्लेब के आधार पर गारंटेड हर सक्रिय सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर मिलता ही हे
कंपनी अपने इस तरह के डिस्ट्रीब्यूटर को 11000, 5000, 1000 रुपए की प्रोत्साहन राशि के लिए चुनती है, जो कि कंपनी के कुल मासिक खरीद टर्न ओवर के 4% राशि जिसमे से भी दुर्घटना म्रत्यु अनुदान में देय राशि को घटा कर शेष राशि से क्रमश 1% – 1% – 2% राशि का वितरण ड्रा (लॉटरी) आधार पर करती हे.
(वर्षो से अपने नंबर आने का इंतजार करने वाले मेहनती सदस्य तो इस सिस्टम में इंतजार ही करते रह जाते हे और कल परसों आने वाले का नंबर ड्रा में आ जाता हे)
17
खरीद प्रोत्साहन राशि की शर्तें
“प्रथम आओ, प्रथम पाओ” की स्लेब के आधार पर गारंटेड हर सक्रिय सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर मिलता ही हे
उल-जुलुल शर्तें नहीं थोपी जाती हें
इसकी पात्रता लगातार 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से मानी जाएगी और पात्रता को जारी रखने के लिये लगातार हर माह खरीद जारी रहनी चाहिये, यदि किसी माह 1000 रु. की खरीद छूट जाती हे तो वापस 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से ही मानी जा सकेगी
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