
These few lines we have taken from the historical book, “Network Marketing:
bitter truths” which is going to publish very shortly.
आपके सपने और क्वांटम थियरी
Your Dream and Quantum Theory
“अधिकतर लोगों का कहना है कि बिना प्रयास के सफलता नही मिलती है | मेरा कहना है कि भूलकर भी तब-तक अपने प्रयासों कि शुरुआत मत करें जब तक कि आपका सपना आपकी नींद और चैन को उड़ा न डाले|”
जब आप सपने का आकर दे देते हैं यानि रूप रेखा तैयार कर लेते हैं, और उसपर गहरे से विचार करते हैं या महशुस करते हैं तो आपका दिमाग एक निश्चित फ्रीक्वेंसी(Frequency) पर कम्पन(Vibration) पैदा करता है और उस कम्पन को पुरे ब्रह्माण्ड में प्रसारित कर देता है| जो विचार आपके विचार से मेल खाते हैं वे विचार आपके विचार कि ओर आकर्षित हो जाते हैं | धीरे धीरे प्रकृति भी आपके विचार के अनुरूप वातावरण तैयार करने लगती है| जिसके परिणाम स्वरूप आप बहुत हीं कम प्रयास से अपने सपने को साकर कर लेते हैं|
और आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यह सब सिर्फ आपके सकरात्मक सोंच का हीं नही बल्कि क्वांटम फिजिक्स(Quantum Physics) का कमाल है | प्रकृति, क्वांटम ऊर्जा कि सहायता से आपके विचारों तथा सपनों को साकर रूप प्रदान करने का कार्य शुरू कर देती है| यह कार्य उतनी ही रफ्तार से होता है जितनी रफ्तार से आपका दिमाग, किसी विचार को उसकी निश्चितता(certainty)के आधार पर जन्म देता है| संक्षेप में कहा जाए तो आपके प्रयास प्रारम्भ होने के पहले हीं क्वांटम स्तर पर निर्माण कार्य पूरा हो चुका होता है| लेकिन प्रकृति साकार रूप आपके केवल उन्हीं विचारों या सपनों को देती है जिनके आकर आप अपने दिमाग में अच्छी तरह बना चुके होते हैं और उनको लेकर आप पूरी तरह से आश्वस्त(no doubt,sure,confident) होते हैं|
अक्सर आपने कम्पनियों में देखा है कि जो जितना कठिन परिश्रम करता है(laborers, guards) उसे उतना हीं कम वेतन मिलता है| ठीक इसके विपरीत जो जितना कम मिहनत करता है उसे उतना ही अधिक वेतन मिलता है| अब मै दावे से कह सकता हूँ कि कम से कम कठिन परिश्रम करके ही अधिक से अधिक सफलता प्राप्त की जा सकती है|
कहीं यह आपको नाइंसाफी तो नहीं लग रही है?
आपको स्पष्ट कर दूँ कि यह नियम मैंने और आपने नहीं बनाई है बल्कि यह नियम पूरी तरह प्राकृतिक है | जो लोग कठिन मिहनत करते है वे लीवरेज के नियम के विरोधी हैं या लीवरेज के नियम को नही जानते हैं|
आइए एक बार फिर मैं उस घटना कि याद दिलाता हूँ : मान लीजिए आप एक बस से सफर कर रहे हैं ,आचानक बस का एक चक्का पंचर हो जाता है| ड्राइवर सभी लोगों से थोड़ी देर के किए नीचे उतरने के लिए आग्रह करता है और कुछ लोगों से निवेदन करता है कि बस को एक तरफ से धक्का देकर थोड़ी सी उठाएं ताकि खलासी दुसरे चक्का को बदल सके | चक्का बदलने का एक तरीका तो यह हो सकता है | दूसरा तरीका यह हो सकता है कि खलासी चुपचाप जैक निकाले और पांच मिनट के अंदर बिना किसी को परेशान किए चक्का बदल डाले | दोस्तों नेट वर्क बिजनेश भी एक सिस्टम के अनुसार किया जाए तो बहुत कठिन नही है |
चीन के एक महान रहस्यदर्शी लाओत्सू ने कहा है:
“जैसे जैसे आप अपनी मंजिल के नजदीक पहुंचते जाएँगे, आप पाएँगे कि वहाँ आपके श्र म कि नाममात्र ही आवश्यकता होती है|”

3. कम्पनी के मार्केटिंग प्लान को अच्छी तरह से समझ लें | किसी भी नेटवर्क का मार्केटिंग प्लान दो भागों में बंटा हुआ रहता है | अधिकतर लोग दुसरे भाग को बताने से कतराते है , प्रोडक्ट की बातें तो सभी करते है लेकिन दुसरे भाग यानि ‘मैजिक ट्री’ के बारे में बात नही करना चाहते हैं| बल्कि यह कहकर टालने कि कोशिश करते है कि पहले ज्वायन हो जाइए उसके बाद अगले सेसन में विस्तृत रूप से बातें करेंगे | आप उनको बोलें कि मैं पूरी जानकारी लेने के बाद हीं निर्णय ले पाउँगा | तो वे आपको शायद उसी समय जरूर बता देंगे | इसके बाद भी ज्वायन करने में जल्दीबाजी न करें |अगले दिन लेग स्ट्रक्चर के बारे में अच्छी तरह समझ ले कि वे लोग आपको कहाँ प्लेस कर रहे हैं | आपके ऊपर कौन- कौन एक्टिव, इफेक्टिव एंड ग्रोइंग लीडर्स हैं जो आवश्यकता पड़ने पर आप की मदद कर सकते हैं ,उनका नाम और मोबाईल नम्बर जरूर नोट कर लें | यहीं पर डायमंड बनने कि कुंडली तैयार होती है |यहीं पर आपके भाग्य का फैसला होता है | हालाँकि कहा जाता है कि शेर जहाँ खड़ा होता है वहीं से उसका ईलाका शुरू हो जाता है | यह सब किताबी बातें है| नही तो एक दूसरी कम्पनी के सफल नेट वर्कर को अपनी कम्पनी में ऑफर दे कर देखें कि वह क्या- क्या पूछता है ? यहाँ आप ही को निर्णय करना है कि आप एक कस्टमर बन कर कम्पनी का प्रोडक्ट यूजर बनना चाहते है या कम्पनी का डायमंड | पुरानी डाटा के अनुसार यहाँ भी अन्य फील्ड कि तरह 2% लोग हीं डायमंड बन पाते है | यह नेट वर्क बिजनेश का शरीर हार्डवेयर होता है |यदि हार्ड वेयर अच्छा होगा तभी लेटेस्ट सफ्ट वेयेर को वह सपोर्ट कर पाएगा | अन्यथा बीच में हीं क्रैस हो जाएगा|
4. कम्पनी का एजुकेशन सिस्टम क्या है? अच्छी तरह से जाँच पड़ताल कर लें क्योंकि यह नेटवर्क का सफ्टवेयर होता है |कम्पनी सिर्फ अपने उत्पाद को बेंचने के लिए एजुकेशन सिस्टम तैयार कर रखी है या डिसट्रीब्यूटर के वक्तित्व विकाश के लिए भी | कम्पनी सिर्फ सेल्स मैन बना रही है या मालिक बनने कि ट्रेनिंग भी दे रही है |क्योंकि नेट वर्क में कहा जाता है कि इसमें कोई किसी का बॉस नहीं होता बल्कि सब लोग इंडिपेंनडेंट बिजिनेश ऑनर होते है | कम्पनी समय -समय पर अपने खर्चे पर बाहरी प्रेरक, मोटिवेटर को आमंत्रित करती है या अपने हीं कम्पनी के सीनियर लीडर या लोकल लीडर से काम चला रही है| कम्पनी पर्सनाल्टी डेवेलपमेंट के लिए समय समय पर पुस्तकें या मैगजीन पब्लिश करती है या प्रेसक्राईब करती है या नही इत्यादि- इत्यादि|
“संकल्प का कोई विकल्प नही है| यदि आप वास्तव में सफलता चाहते है तो वफादारी, जिम्मेदारी और ईमानदारी से संकल्प करें” –लेखक
“कोई भी अपना सिर्फ एक लेग चलाकर डायमंड नहीं बन सकता है”
साधारणत सभी नेटवर्क बिजिनेश में दो तरह के डिस्ट्रीब्यूटर होते हैं | प्रोडक्ट यूजर और प्रोडक्ट प्रोमोटर | ज्वायन करके हम प्रोडक्ट यूजर के साथ साथ बिजनेश को प्रोमोट करने के लाइसेंस होल्डर भी बन जाते है | अब इंडिविजुअल के ऊपर निर्भर करता है कि वह सिर्फ प्रोडक्ट यूज करना चाहता है या कम्पनी के प्रोडक्ट को प्रमोट करके पैसा भी कमाना चाहता है | साधारणत एक लेग को X लेग और दूसरे को Y लेग कहा जाता है| यदि कोई इस बिजनेश से पैसा कमाना चाहता है तो उसे इस भुलावे में नही रहना चाहिए कि एक लाइन अप लाइन चला लेगा और एक लाइन मैं चला कर डायमंड बन जाऊंगा | साधारणत प्रारम्भ में इस तरह के प्रलोभन दिए जाते हैं | इस बात को अच्छ तरह से समझ लें कि यदि डायमंड बनना है तो दोनों लाइनें आपको ही चलानी पड़ेगी | अपलाइन का सहयोग मिल जाए तो अहोभाग्य | लेकिन आप अपलाइन पर निर्भर न रहें और आप उसे धन्यवाद दें जिसने आपको अमीर बनने का लाइसेंस दिलवाया, आपको अमीर बनने का एक अवसर उपलब्ध कराया लेकिन आपको आमिर बनाने का ठेका नही ले लिया | प्रारंभ में हीं अच्छी तरह से जानकारी हासिल कर लें|
और साथ ही साथ अपलाइन को भी इस तरह कि बातें करके ज्वायन कराने से बचना चाहिए अन्यथा आज नही तो कल कुछ लोग आपके गले कि हड्डी बनने हीं वाले है |
क्योंकि यह बिजनेस सत्य और ईमानदारी का बिजनेश है | इसमें झूठ चलता ही नही | क्योंकि आज नही तो कल डाउन लाइन को ये सब बातें पता चल जाने वाली है| और फिर वे लोग आपको माफ नही करेंगे |
डाउन लाइन इस बात को अच्छी तरह से समझ ले कि जब अपलाइन ऊपर के लेवल पर चला जाता है तो टीम बड़ी हो जाती और उसका उत्तरदायित्व पहले से बहुत बढ़ जाता है| इस लिए पहले जैसा आपकी मदद नही कर पाता है| साथ ही साथ आपको वह पंगु भी नही बनाना चाहता है क्योंकि किसी ने सच ही कहा है कि बड़े पेड़ के नीच कभी छोटा पेड़ बड़ा नही हो पाता | आप बटरफ्लाई और कोकून की कहानी से अच्छी तरह से परिचित हैं | एक तितली कोकून से निकलने के लिए बहुत प्रयत्न कर रही थी |एक वच्चे ने जब तितली को इस तरह से तड़फडाते देखा तो उसे तितली पर दया आ गयी और उसने कोकून को तोड़ डाला और तितली तुरंत बाहर आ गयी| लेकिन आगे की कहानी आपको मालूम है कि तितली थोड़े देर के बाद ही मर गयी |क्यों? क्योंकि …
यह आपके सोंचने के नजरिए के ऊपर निर्भर करता है| Prof.P I Peter ने कहा है, “A gram of doing things is worth a kilo of theory.”
Why you wand to do this business?
हेनरी फोर्ड ने कहा है, “यदि आप चाहते है कि मैं कर सकता हूँ तो आप कर सकते हैं और यदि आप चाहते है कि मैं नहीं कर सकता हूँ तो आप नहीं कर सकते हैं|” यह दोनों बातें आपके ऊपर निर्भर है | आप अमीर होना नहीं चाहते हैं यह बात तो हो हीं नही सकता | लेकिन सचमुच आप अमीर होना चाहते हैं ? यह जरा विचारणीय है, क्योंकि सिर्फ चाहने से सब कुछ हो जाता तो आज सभी लोग आमिर होते| आइए एक महान नेटवर्कर सतीश पंडित के शब्दों में सुनते हैं:
“तू जिसे चाहता, उसे चाहता नहीं; इस झूठ से न ख़ुद को परेशान कर |
एक चाहत एक मकशद इक जुनून; बस उसी को दिल में मेहमान कर |
इश्क मांगे कदम कदम कुर्बानियां; कुछ देर को कुछ लजत्तें कुर्बान कर |
आराम तलबी हर दिल अजीजी छोड़ दे ; इक काम कर, हो सके तो काम कर |
राह में उसकी अगर है मुश्किलें; तो तेज चल, जाकर वहीं आराम कर |
हर लम्हा जिसको कहता है तू जिन्दगी; जिन्दगी को बस उसी के नाम कर |
अपनी राह ख़ुद ही तू आसान कर; खुदा के लिए ख़ुद पर ये एहसान कर |
तू जिसे चाहता, उसे चाहता नहीं; इस झूठ से न ख़ुद को परेशान कर |”
इसका निर्णय आपको करना होगा कि आप आमिर होना क्यों चाहते है? इसके लिए कोई न कोई strong Reason होना चाहिए सिर्फ mere desire नहीं |आपके पेट में धधकती आग होनी चाहिए | वह आग आपकी जरूरत भी हो सकती है और वह आग आपका सपना भी हो सकता है| इस बिजनेश में वह शक्ति है कि आप जो चाहें वह प्राप्त कर सकते हैं | यह अलादीन के चिराग कि तरह है जिससे जो मांगेगे वह तुरंत हाजिर हो जाएगा| यह कल्पतरु है | लेकिन इसके लिए उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी | यदि कीमत चुकाने के लिए तैयार है| तो आज एक काम करें |
“आज घर जा कर,ठीक रात के दो बजे उठें और धीरे से उस कमरे में जाएँ | जहाँ आपकी पत्नी सो रही हो और उसके बगल में आपके दोनों बच्चे सो रहे हों | और आप अपने आप से पूछें कि यदि कल मैं नही रहूँगा तो क्या ये इसी तरह से कल सो पाएँगे ? यदि उत्तर ‘हाँ’ में मिल जाए तो आपको इस बिजनेश कि जरूरत नही है और यदि उत्तर ‘ ना’ में आए तो यह बिजनेश आपके लिए ही बना है | यह मेरा यकीन मानिए| क्या आपने वह सब कुछ अपनी पत्नी को दे दिया है जिसके लिए उसने अपने माँ बाप को छोड़ कर आपका हाथ पकड़ा था? क्या आपने उसकी सारी ख्वाइसें पूरी कर दी हैं ? जो मांगती है, खरीद कर दे देते हैं? जहाँ कहती है घुमने जाने के लिए, चल देते है ? बच्चे होटल में, मेनू कार्ड के जिस भी आइटम पर हाथ रख देते हैं , ऑर्डर दे देते हैं ? वच्चे जो भी फरमाइस करते है ला कर दे देते है ? आप जहाँ और जो वच्चों को पढ़ाना चाहते थे, पढ़ा पा रहें ? माँ पिताजी को सभी तीर्थ स्थलों का भ्रमण करा चुके है? बच्चों के साथ कभी सैर सपाटे के लिए कुल्लू मनाली में स्नो फौल का मजा लेने जाते है ? कभी कभी कश्मीर में डेल झील में नौका विहार के लिए जाते हैं ? कभी गोवा में समुद्री नजारों का आनंद लिया है? कभी छे हजार की फिट की ऊंचाई से वच्चों के साथ धरती का नजर देखा है ? क्या आपकी पत्नी या बच्चे या आपके माँ बाप जो कुछ भी मांगते है उसके लिए बहाने नही बनाते या झूठ नही बोलते हैं?”
इन प्रश्नों के बारे में जरा सोंचें और विचार करें | विचार ही नही करें बल्कि इन घटनाओं को याद करके विजुअलाइज करें ,फिल करें एहसास करें | और यदि लगता है कि यह बिजनेश करना चाहिए तो कमर कस कर तैयार हो जाइए | इस बिजनेश को करने के हजारों कारण हो सकते है | इस बिजनेश को शुरू करने के पहले आप अपना कारण जरुर स्पस्ट कर लें | ये कारण ही इस बिजनेश को करने के लिए आपको मजबूर करेंगे |
यदि आपके पास मजबूत कारण आपके दिमाग में स्पस्ट नही होगा तो आप इस बिजनेश को नही कर पाएँगे और कभी भी इस महान बिजनेश को छोड़ कर अलग हो जाएँगे | कारण ही आपको चैन से सोने नही देंगे | और यकीन मानिए जिस दिन आपने अपना कारण ढूंढ लिया| उसी दिन आपने उसे पाप्त कर लिया |अब आप जश्न मनाइए और यात्रा पर निकल जाइए | पूरा अस्तित्व आपका इंतजार कर रहा है | मेरे एक बहुत हीं क्लोज साथी, मेरे गुरु, मेरे मेंटर जो एक वरिष्ट डायमंड हैं उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी सुनते हैं |
“इस बिजनेश के प्रारंभिक दिनों की बात है | एक रात बारह वजे, मैं एक मीटिंग खत्म करके, भिवानी रोड़ के किनारे, किसी गाड़ी का इंतजार कर रहा था क्योंकि सुबह ही मुझे नौ बजे एक बहुत ही इम्पोर्टेंट मीटिंग में जाना था| टैक्सी ले नही सकता था क्योंकि मेरे पॉकेट में उतने पैसे नही थे | मैं हाथ दे रहा था कि कोई गाड़ी वाला लिफ्ट दे दे| कोई गाड़ीवाला रोक नही रहा था | हाथ देते-देते बारह से दो बज गये| अचानक एक ट्रक रुका| मै दौड़ कर ड्राइवर कि तरफ लपका, उसने फीछे कि तरफ इशारा किया| मैं ट्रक में पीछे से चढ़ गया | जब अंदर देखा तो और मेरे चार साथी थे |दो भैसें और दो उनके वच्चे| मैं किसी तरह फ्रौंट का छड पकड़ कर खड़ा हो गया और लम्बी सांस ली |मैंने छड को क्या पकड़ा, छड ने ही मुझे पकड़ लिया| क्योंकि दिसम्बर कि रात थी, छड बर्फ बन गया थी, मुंह पर सांय सांय ठंढी हवा चल रही थी | जब नीचे कि तरफ देखा तो दोनों पैर ठेहुने तक गोबर में सने हुए थे |अचानक मन में एक विचार आया | आखिर मै यह बिजनेश क्यों कर रहा हूँ ? क्या मैं पागल हो गया हूँ ? कोई मेरे पीछे लठ्ठ लेकर पड़ा हुआ है ? यदि आज मैं घर में होता तो अपनी बीबी और दो वच्चों के सर पर हाथ रख कर सो रहा होता | परमात्मा ने सब कुछ तो दिया है| क्या कमी है? लेकिन ठीक उसी समय दूसरा विचार चला कि नही जो तुमने ठाना है उसे अंजाम तक पहुंचना है | कोई तुम्हे बुला रहा है |” उन्हें कौन बुला रहा था? दोस्तों इस पर विचार करना | यह कहानी है एक अमर आत्मा और महान नेट वर्कर स्वर्गीय श्री सतीश पंडित की |आज वे इस दुनिया में नही रहे लेकिन उनके बच्चों के पास आज वो सब खुछ है जिसकी मैंने ऊपर चर्चा की है|
“यदि आप गरीब घर में पैदा हुए हैं तो इसमें आपका कोई दोष नहीं है लेकिन यदि आप गरीब रह कर हीं मर जाते हैं तो आप दोषी हैं |” बिल गेट्स
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Aaj court me kya hua?
Dost,Esi theory me R.C.M kholenebala nehi he.10 saltak hamne theory padha,likin hua kiya ?Bat ehi he ki 1.35 cored log aaj jo parisan me he ,Unka hal kese niklega ?JAY R.C.M,TANGI,KHORDHA,ODISHA.09937538512
Jai rcm aare bhai aaj kort mai kaya hua
My dear,
Aapne jo bhi kaha,wo bilkul true hai,Aadmi chahe to kya nahi karsakta hai,Main aur mere sathi puri ummid ke sath es business se jure the aur aaj bhi ummid liye baitha hun,
Aasa karta hun ki rcm jald chalu ho jayega.
Very good feeling because I loged in with my ID and found that it is still working. Thank You Chabraji.
Tamkeen
926494 (costomer ID)