MR.TC CHHABRA’S LETTER

16 comments

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1 diwakar sharma May 18, 2012 at 6:53 pm

hamae pass bahut pecence hai,,sir ji aapko viswas dilata hoon main intzar karunga rcm khulne ka……abto kuchh aisa karenge rcm ke madhyam se jise dekh jaychando ko susite karna parega…ey sab rcm ke madhyam se hi sambhaw hoga….jai rcm,jay hind,jay bharat…..

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2 Satya Prakash May 19, 2012 at 8:24 am

“सत्यमेव जयते”

में ‘सत्य प्रकाश’ गीता पर हाथ रख कर जनता की अदालत में यह कहता हूँ की जो कुछ भी कहूँगा सच कहूँगा, सच के सिवा कुछ नही कहूँगा.

कंपनी RCM और उसके मालिक टी. सी. शुरू से ही हर तरह से हर स्तर पर कानून की आँखों में धुल झोंक कर आमजन को ठग कर पैसा बना रही थी.

आम अवामजन को ठग कर अरबो रुपये और ढेर सारी सम्पति बना रही थी, इनके द्वारा की जा रही ठगी के कई बड़े खुलासे तो हो गए हे लेकिन कई तरीके ऐसे थे कि कोई सपने में भी नहीं सोच सकता कि खुल्ले आम ठगी की जा रही हे, उनमे से कुछ उदाहरण इस ब्लॉग rcmmanch.blogspot.com में दिए जा रहें हें, जिनकी पोस्ट हेडिंग नीचे दी गयी हे, हर पोस्ट की विस्तरत जानकारी देखने के लिए इस ब्लॉग का विजिट ज़रूर करें.

यदि आपके साथ भी इस तरह की घटनाएँ घटित हुई हो तो कृपया अपने विचार इस ब्लॉग की पोस्तो के कोमेंट बॉक्स में ज़रूर प्रकट करें ताकि परदे के पीछे चल रहे गोरखधंधे का सच आम जनता, सरकार, न्यालय के सामने लाया जा सके.

१. एक निष्पक्ष आरसीएम मंच ब्लॉग, RCM Khul Ke Bol मंच
२. RCM आरसीएम, एक ठग कंपनी का सारांश
३. RCM आरसीएम के आम डिस्ट्रीब्यूटर की पीड़ा
४. RCM आरसीएम पीयूसी PUC संचालको का दर्द
5. RCM आरसीएम बिजनस 100 % इन्वेस्टमेंट चिटफंड, मनी सर्कुलेशन पिरामिड स्कीम व लोटरी सिस्टम पर आधारित था
6. RCM आरसीएम मीटिंग प्रवेश शुल्क से ठगी
7. RCM आरसीएम जोइनिंग किट से ठगी
8. RCM आरसीएम मासिक खरीददारी में ठगी
९. RCM आरसीएम रिवार्ड ATM CARD फार्म से ठगी
१०. RCM आरसीएम रिजोइनिंग किट से ठगी
११. RCM आर सी एम लीडरों के अंतर्कलह से ठगी
12. RCM आरसीएम किताबों, सी डी व टूल्स से ठगी
13. RCM आरसीएम वेबसाईट अपग्रेड के बहाने ठगी
14. RCM आरसीएम कंपनी और बड़े लीडरों की साठं-गाठं से ठगी
15. कंपनी RCM शुरू से ही हर तरह से हर स्तर पर कानून की आँखों में धुल झोंक कर आमजन को ठग कर पैसा बना रही थी
16. बिना नाम, अकाउंट मद की कटौती से RCM में ठगी
17. RCM आरसीएम के द्वारा बीमा उत्पादों के खयाली प्रचार से ठगी
18. RCM कस्टमर केयर नंबर के द्वारा ठगी
19. RCM द्वारा हमारे परिवार व्यवस्था, सामाजिक ताने-बाने में सेंध कर के ठगी
20. RCM के मालिक द्वारा आम जनता को संत का मुखोटा लगा कर भावनात्मक ठगा गया
21. RCM द्वारा गेर कानूनी कार्यों से सरकार व आम नागरिकों के साथ ठगी
22. RCM द्वारा देशी-विदेशी सामान के मुद्दे पर आम जन को भरमा कर ठगी
23. RCM द्वारा \लोयलटी बोनस\ प्लान में \अंधा रेवड़ी बाँट रहा हे\ जैसी बात फेला कर उत्पादों की जबरदस्त बिक्री और अग्रिम राशि प्राप्त कर के ठगी की गयी
24. RCM कंपनी शुरू से ही अपने सक्रीय सदस्यों की मनघडंत, फर्जी विशाल संख्या बता कर नए लोगो की जोइनिंगे ले कर ठग रही थी
25. RCM \ठग ब्रदर्स एण्ड सन्स कम्पनी\ के द्वारा MLM इतिहास के पहले नए आविष्कार से ठगी.

Visit for more Detail :
http:// rcmmanch.blogspot.in/2012/03/blog-post_5214.html

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3 SANKAR NANDI May 19, 2012 at 10:58 pm

BOCACHODA, HARAMI, KAMINA,BIVISON,………………..kya tum ma ka dud mila or bap ka dud mila…………..midnapur,w.b.

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4 MAHATAMA May 18, 2012 at 7:11 pm

hum sabv aapke saath hai ,
we feel proud to be an RCM distributor
Jai RCM
MERA BHARAT MAHAN

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5 ARMY COMPUTER ACADEMY May 18, 2012 at 7:16 pm

you dont have to worry about it. here we all with you.
we celebrate vijay RCM very Soon.
Jai Hind ,Jai RCM ,

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6 RCMMANCH May 18, 2012 at 9:02 pm

yaar TC ki himmat ki daad deni paregi. Lagta hai, Ye nahi maanega, RCM ko phir se chalu karwa ke hi dam lega. Hey kamini ,poonam, sonam , priyanka, madhu, smita, rani,rubi,rekha,jayaa, hemlata, kaajal, sulekha….. mujhe bachaao…….

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7 poojasingh May 18, 2012 at 10:44 pm

rcm bahut hi bekar company hai sab logo ne mujhe sahi kaha tha ke ye company pehle bhi band ho chukhi hai is company ne logo ko lutane ka jariyaa bana rakha haijab iske owner ke pass itna paisa hai to phir vo company ko start kyo nahi karte itna black money jo ekhata kar rakha hai vo kha hai kyo rcm ne logo ke bhawana ke saath khilwar kiya kyo logo ka vishwas toodha kyo bahut umeede the logo ko kyo kiya aisa akir kyo hai aisa ………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………………

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8 Sanjeev June 11, 2012 at 9:04 pm

pooja singh, Aap ka jo thinking RCM ke prati hai wo Bilkul hi Galat hai. Aaj Aap koi bhi company ka server khol kar dekh le Aap ko Pata chal Jayega Ki RCM Parivar kitna Bada hai. Aaj Ye Hindustan Ki No. 1 Company hai. Iska Pata Aap ko nahi chalega Kiyu ki aap abhi Bachhi hai. Kya Aap yah Bata Sakte Hai Ki Aap ne kitne Logo ki Jeevan Ko Badla Hai Aur Kitno Ki soch ko Badal Paye hai? Mai kahata hu ki aap to khud aapni soch ko nahi badal paai to doosaro per sak to hoga hi. JAI RCM

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9 KAMLESH KUMAR SINGH,GOVIND CHAK,SONPUR,SARAN,BIHAR. May 18, 2012 at 11:33 pm

DOSTO , JAY RCM – T.C.SIR KA SANDES HAM RCM SEWAK JAYSE HI PADHTE HAI, 3RD LEBLE KI AENRGI JAGRIT HOTI HAI.YE SAMUH KE RUP ME HO JAY TO RCM WORLD ME NO-1 HO JAYEGI. SIR NE KHA THA -TU JISE CHAHTA USE CHAHTA NAHI ,IS JHUT SE KHUD KO NA PARESAN KAR ARAM KAR-ARAM KAR………………………………………………. JAY RCM

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10 PANKAJ May 19, 2012 at 7:54 am

Dosto hamara jo ye bharat des he, ye pehle sachache,imandar or karmath netaon ke dwara chalta tha, lekin aaj hamara des eise neta chalaa rahe he,jo no 1 ke chor,ghoskhor,swarthi,aalshi,kamine,kutte,bhrastachar ki najayaz aouladen,haraami,des ko andar hi andar khokla karne wale deemak or sabse badi baat mare hue neta hen. JAI RCM.

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11 Satya Prakash May 20, 2012 at 8:42 pm

दोस्तों, इस ब्लॉग मंच के साथियों,

चाहे आप मेरे RCM और T C के प्रति विचारों से सहमत हो या नहीं लेकिन यदि आपने अपनी माँ की कोख से जन्म लिया हे, माँ का दूध पिया हे, तो नीचे दी गयी इन लाइनों को एक बार ज़रूर पढ़ना, और माँ पर कीचड़ उछालने वाले इस पिशाच (sanjay) को इसी मंच पर या यदि आप इसे जानते हे तो इसके घर जा कर इसे माँ के दूध के कभी न उतार सकने वाले कर्ज़ की इसको याद दिलाना.

उसको नहीं देखा हम ने कभी, पर इसकी ज़रूरत क्या होगी,

ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी ,

क्या होगी, उसको नहीं देखा हम ने कभी.

इंसान तो क्या देवता भी, आँचल में पले तेरे,

है स्वर्ग इसी दुनिया में क़दमों के तले तेरे.

ममता ही लुटाये जिसके नयन ओओओओ,

ममता ही लुटाये जिसके नयन, ऐसी कोई मूरत क्या होगी.

ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग, भगवान की सूरत क्या होगी ,

क्या होगी, उसको नहीं देखा हम ने कभी.

क्यूँ धुप जलाये दुखो की, क्यूँ ग़म की घटा बरसे,

येः हाथ दुआओं वाले, रहते हैं सदा सर पें.

तू है तो अंधेरे पथ में हमें ओओओओ, तू है तो अंधेरे पथ में हमें,

सूरज की ज़रूरत क्या होगी. ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग,

भगवान की सूरत क्या होगी , क्या होगी, उसको नहीं देखा हम ने कभी.

कहते हैं तेरी शान में जो, कोई ऊँचे बोल नहीं,

भगवान के पास भी माता, तेरे प्यार का मोल नहीं.

हम तो येही जाने तुझ से बड़ी ओओओओ, हम तो येही जाने तुझ से बड़ी,

तुझ से बड़ी, संसार की दौलत क्या होगी.

ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग, भगवान की सूरत क्या होगी ,

क्या होगी, उसको नहीं देखा हम ने कभी, पर इसकी ज़रूरत क्या होगी.

ऐ माँ, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग, भगवान की सूरत क्या होगी , क्या होगी,

उसको नहीं देखा हम ने कभी.

सत्य प्रकाश

Reply

12 tnmallik.com May 21, 2012 at 3:25 pm

Dear friends,

RCM will get justice and it will stand on its own feet, though it will face financial loss.

Did you join any other MLM company? Or still waiting for RCM to open?

Friends, no need to join any MLM company.
Just create a profile for marriage at marriage.tnmallik.com and see the result.

thanks & regards

marriage.tnmallik.com

Reply

13 P.G.NAIR June 12, 2012 at 1:06 pm

More than 1 cr people are still with you, we can start our business very like a \Chine Bamboo\.
Jai RCM . P.G.Nair with our full team.

Reply

14 Sach Kaa Saamnaa June 12, 2012 at 4:23 pm

RCM कंपनी शुरू से ही अपने सक्रीय सदस्यों की मनघडंत, फर्जी विशाल संख्या बता कर नए लोगो की जोइनिंगे ले कर ठग रही थी
दोस्तों, मनुष्य के स्वभाव की एक कमजोरी हे कि वह जहां ज्यादा लोग किसी कार्य या विचार से सहमत होते हे वहां वह अपने स्वयं के विवेक से निर्णय करने की बजाय लोगो की विशाल संख्या के विचार या कार्य से प्रभावित हो कर उनके पक्ष में अपना निर्णय करता हे.

मनुष्य की इसी स्वाभाविक कमजोरी का श्री 420 टी सी जी ने भरपूर फायदा कंपनी के शुरूआती दिनों से ले कर बंद होने के कगार पर पहुँचने तक सक्रीय सदस्यों की गलत संख्या बता कर यानि की झूट बोल-बोल कर उठाया. लीडर लोग अपनी हर मीटिंग में
पहले भी इस झुटी संख्या को जोर दे दे कर हाई लाईट करते थे और अब भी मीडिया, सरकार, न्यायपालिका, आम जनता को बेवकूफ बनाने से बाज नहीं आ रहे हे, इनके द्वारा कही जा रही एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या पूरी तरह से बकवास हे, झूट का पुलिंदा हे, हवाई किला हे. हकीकत में इस संख्या का 5% भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और १% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही हे 99% सदस्य जोइनिंग लेने के बाद आखिर में अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हे.

एक छोटा सा उदाहरण पेश हे :-

दिल्ली के चोर बाजार या हाट बाजार में चतुर ठग व्यापारी 200 का माल 100 में चिल्ला-चिल्ला कर बेच रहा होता हे और उसके ठेले के चारों तरफ 5-10 जनों की भीड़ इक्कठा हुई हुवी होती हे और उनमे से कई जने 100/- दे कर वह माल खरीद रहे होते हे, ऐसे में भीड़ देख कर और उनको खरीददारी करते देख कर और कंही सारा माल समाप्त नहीं हो जाए बाजार में आये इस गोरखधंधे से अनजान कुछ लोग भी 100 दे कर सामान खरीद कर खुद को होशियार ग्राहक समझते हुए अपने घर को चले जाते हे.

अब देखने में तो यह बड़ी सामान्य सी बाजारों में होने वाली रोजमर्रा की बात हे लेकिन इस तरह की दुकानदारी में वास्तविकता यह थी कि वे पहले से खरीददारी कर रहे 5-10 जनों की भीड़ फर्जी थी, वे उस ठग गिरोह के ही सदस्य थे और उनकी देखा-देखी अन्य लोगो ने 50/- की वास्तविक कीमत के सामान के 100/- दे दिए इस तरह उन्हें ठगों के सरदार और गिरोह के द्वारा बड़ी ही योजनाबद्ध तरीके से ठगा गया.

ठीक इसी तरह RCM में भी कंपनी और लीडरों (सरदार और गिरोह) के द्वारा सदस्यों की फर्जी संख्या व मासिक बिक्री के फर्जी आकडे बता कर शुरू से ही ठगी का कार्य बदस्तूर चालु था.

शुरू से ऐसे कि सदस्य संख्या आई डी 1 नंबर से शरु करने की बजाय टी सी जी ने जानबूझ कर चालाकी से 10001 से शरु की और शरुआती मीटिंगों में लोगो को यह बताया गया कि कंपनी में दस हजार से अधिक लोग जोइनिंग ले चुके हे जबकि वास्तविकता यह थी कि 31 अगस्त 2000 को एक साथ कुछ लोगो की जोइनिंग की गयी जिनमे से ज्यादातर टी सी जी के परिवार के सदस्य और मित्र आदि ही थे जिनमे से प्रमुख श्री मुकेश कोठारी का डिस्ट्रीब्यूटर नंबर 10009 था जो की वास्तव में 9 नंबर ही था, दस हजार की संख्या तो हाथी के दिखावे के लम्बे दांतों की तरहा ही थी.

यहाँ में एक बात और बताना चाहूँगा की टी सी जी शरुआत से ही कितने घाघ व्यक्ति थे, वो यह कि उन्होंने अपने कम्पूटर सिस्टम में छेड़खानी कर के करीब एक माह के समय में जो तारीख वाइज पहले फार्म जमा हुए थे उनको “पहले आओ पहले पाओ” के सिद्धांत की जगह अपनी मनमर्जी से कई दिनों तक एक ही तारीख कम्पूटर में सेट कर के खुद को, परिवार को, ख़ास मित्रो को बाद में अधिक से अधिक फायदा हो उस हिसाब से ट्री में ऊपर-नीचे कर के जमाया. यह बात इससे भी पुख्ता होती हे कि उस समय ऑन लाइन इंटरनेट सिस्टम नहीं था और एक ही 286 टाइप के बहुत ही धीमी गति के कम्पूटर पर कैसे एक ही दिन 31 अगस्त 2000 की तारीख में करीब 400 सदस्यों के फार्म की पूरी की पूरी डाटा बेस टाइप कर के लोड की गयी? जो की असंभव हे.

बाद में भी टी सी जी ने सेकड़ो बार भगवान् के द्वारा बनाए गए प्राकतिक समय चक्र की घड़ी की सुइयों को अपने और अपने परिवार के फायदे के लिए उलटा घुमाया था, दिन को रात और रात को दिन, नए माह की 1, 2, 3 तारीख को पुराने माह की 30 तारीख पर ही रोके रखना तो जेसे उनके बायें हाथ का खेल था, आखिर वे कलयुग के अवतार थे, इस स्रश्ठी की रचना करने वाले भगवान् से भी बड़े जो थे, लीडरो के साथ-साथ समय को भी उन्होंने अपने हाथो की कठपुतली बना रखा था, समय अपने नहीं उनके हिसाब से चलता था.

अब इनके द्वारा कंपनी के बंद होने तक और अभी तक चिल्ला-चिल्ला कर कही जा रही करीब एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का सच जानते हे. इसके लिए हमें नीचे दी गयी कंपनी ही की कुछ बातो, आकड़ो पर गहराई से गौर करना होगा.

* जैसा कि आप सभी जानते हे कंपनी अपने अंतिम तौर पर चेंज किये गये “लोयलटी बोनस” ड्रा प्लान में पुरे देश में विक्रय हुए सामान के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% फंड प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये के ड्रा के लिए रखती थी.

* कम्पनी के तत्कालीन बिजनस प्लान अनुसार हर सदस्य (डिस्ट्रीब्यूटर) को हर माह कम से कम 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज का सामान खरीदना अनिवार्य था तभी वह सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर कहलाता और सभी तरह के कंपनी से मिलने वाले लाभों का हकदार होता.

* 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज के सामान की औसत BV 600/- रुपये के करीब होती थी यानि कि सामान की मूल कीमत का 60% .

* कंपनी बंद होने के एक माह पूर्व माह अक्टुबर 2011 के “लोयलटी बोनस” ड्रा जो की माह नवम्बर 2011 के प्रथम सप्ताह में निकाला गया, में प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये प्राप्त करने वाले सदस्यों की पूरे देश भर की कुल संख्या केवल 338 थी. (हमारे पास प्रथम से ले कर अंतिम तक की सारी लिस्टे पड़ी हे)

* अन्तह कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% की राशी 338 X 11000 = 37,18,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस लाख अठारह हजार केवल) थी.

* अन्तह जब कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV की 1% राशी का योग 37,18,000/- रुपये होता हे तो कंपनी की कुल मासिक BV 100% राशी का योग होगा 37,18,000 X 100 = 37,18,00,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस करोड़ अठारह लाख केवल)

* अब जब एक सदस्य की मासिक खरीद पर औसत BV 600/- रुपये करीब होती हे तो कंपनी के देश भर में फैले कुल सक्रीय सदस्यों (डिस्ट्रीब्यूटर) की संख्या हुई 37,18,00,000 / 600 = 6,19,667 **( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ )

* कुल मासिक विक्रय हुए सामान की 60% BV का योग जब 37,18,00,000 रुपये होता हे तो मासिक विक्रय हुए कुल सामान की मूल कीमत यानि की कंपनी का मासिक टर्न ओवर होगा 371800000 / 60 X 100 = 61,96,66,667 (अक्षरे इकसठ करोड़ छियानवे लाख छासठ हजार छह सौ सडसठ)

उपरोक्त गणित कोई बहुत कठिन गणित नहीं हे जो किसी ‘सी ऐ’ की जरुरत पड़े, किसी भी स्कूल की पांचवी क्लास में पढ़ रहा बच्चा भी कंपनी के स्वंय के दिए आंकड़ो के आधार पर दूध का दूध, पानी का पानी कर देगा.

दोस्तों, इस तरह कंपनी और लीडरो के द्वारा बार-बार कही जा रही RCM में एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और कंपनी का मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का यदि कंपनी के खुद के द्वारा ऑफिशियली जारी आंकड़ो से तुलना की जाए तो पूरी तरह से फर्जी हे, मनघडंत हे, झूट का पुलिंदा हे, केवल हवाई किला हे.

हकीकत में इस संख्या का 5% (7,50,000 सात लाख पचास हजार) भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और इनमे से केवल 1% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही थी जो की “ऊंट के मुह में जीरे के सामान हे” 99% सदस्य हर माह कंपनी के द्वारा ठगे जा रहे थे. और बताया जा रहा कुल मासिक टर्न ओवर का हकीकत में करीब 6% ही मासिक टर्न ओवर हे. अंत कंपनी की मीटिंगों में और अब सरकार को दिए गए ज्ञापनो में जो संख्या व टर्न ओवर बताया गया हे वह आटे में नमक जितना झूट नहीं पूरा का पूरा ही नमक हे यानि की सफ़ेद झूट हे.

** 6,19,667 ( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ ) पूरे देश में RCM के कुल सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर की यह संख्या तब और भी कम हो जाती हे (i) यदि हर लीडर, पिन अचीवर द्वारा हर माह खरीदा जाना जरुरी 750-1500 BV का सामान को भी ध्यान में रख कर गणना की जाए. (ii) लोयलटी बोनस प्लान के अलावा भी कंपनी कोई विशेष प्रोडक्ट की ज्यादा खरीद पर सेल्स प्रमोशन स्कीम ड्रा भी चलाती थी जिसके झांसे में आ कर कई डिस्ट्रीब्यूटर अकेले ही उस माह हजारों-लाखों BV का वह सामान विशेष खरीद लेते थे. जेसे माह अक्टुबर 2011 में मर्दानगी ताकत बढाने की गोलियों के 200 पेकेट खरीदने पर विशेष प्रोत्साहन ड्रा में शामिल करना. (सीधे तौर पर बिना सेल्स टेक्स नंबर लिए डिस्ट्रीब्यूटर (फर्जी केवल नाम के एजेंट) द्वारा इस तरह से सामानों का विक्रय करना गेर कानूनी हे क्योकि डिस्ट्रीब्यूटर तो वापस कोई बिल, इन्वोइस नहीं बना सकता था, लेकिन इस तरह का कार्य अपराध हे यह बात इतना बड़ा व्यापारी टी सी जी क्या नहीं जानता था? जानते बुझते उन्होंने लाखों लोगो को गेर कानूनी कार्यों में धकेला)
r c m m a n c h . b l o g s p o t . c o m

Reply

15 www.jbmparivar.webnode.com June 15, 2012 at 2:45 pm

जेबीएम परिवार आपका स्‍वागत करता है। मुझे पूर्ण विश्‍वास है कि आप द्वारा जेबीएम परिवार में शामिल होने का लिया गया फैसला, आपके सपनों को साकार करने में मददगार सिद्ध होगा। जय भारत मार्केटिंग केवल मार्किटिंग नहीं बल्‍कि खुद को विकसित करने का एक सुनहरा अवसर है। जय भारत

जेबीएम परिवार के दरवाजे खुले हैं उनके लिए….
हर व्यक्ति की आंखों में स्‍वप्‍न होते हैं, और वह उन स्‍वप्‍नों के लिए दिन रात दौड़ता है, लेकिन जिन्‍दगी एक झटका देती है, वह कुछ समय के लिए रूकता है, फिर उसके दिल से आवाज निकलती है, एक दरवाजा बंद हुआ है तो दूसरा ईश्‍वर ने आपके लिए खोला है, अब साहस उस व्यक्ति को करना रहता है, जैसे सूर्य रोज निकलता है, मगर सूर्य रोशनी उस कमरे में देता है, जिसका दरवाजा खुला हो, जेबीएम परिवार का दरवाजा उन लोगों के लिए ईश्‍वर ने खोला है, जो नेटवर्किंग की दुनिया में अपने नाम की अमिट छाप छोड़ना चाहते हैं। समु्द्र की गहराई तक जाने के लिए किनारे पर खड़े रहने की बजाय सही साधनों का प्रबन्ध करके साहस के साथ कूद जाने वाले को ही हीरे, मोती प्राप्त होते है, करने से ज्‍यादा सोचने में वक्‍त जाया ना करें, वक्‍त व छूटी हुई ट्रेन को पकड़ना बहुत मुश्किल होता है.

High Lights प्रमुखताएँ

साथियों, आज हमारे देश में नेटवर्किंग, प्रोडक्ट डायरेक्ट सेलिंग का कार्य कोई नया नहीं रह गया हें, इस समय कई कंपनियाँ कार्यरत हें, सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए रोज़गार के अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद हे, और आने वाले वर्षों में यह और तेज़ी से बढ़ेगा.
देश में इस समय जेबीएम परिवार, एन-मार्ट, आई एम सी, जी टी एफ एस, आर सी एम, फॉरएवर, वेस्टिज, डी-हेल्थ एण्ड केयर, एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कई कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हे जिनसे करोड़ो लोग लाभावन्तित हो रहें हें.

आप भी अपने खाली समय का सदुपयोग नेटवर्किंग का कार्य अपना कर कर सकते हें व अपना और अपने देश का भविष्य उज्ज्वल कर सकते हें, इसके लिए वर्तमान में तेज़ी से पूरे देश भर में अपना डंका बजवाने वाली और अन्य कंपनियों से तुलनात्मक तौर पर सबसे ज़्यादा अच्छा, सरल और वास्तव में हर एक को कमाई देने वाला बिजनस प्लान ले कर आने वाली कंपनी “जेबीएम परिवार” JBMparivar.com में आपका स्वागत हें.

कोई भी नेटवर्किंग कंपनी को जोइन करने से पहले आप इस कंपनी के नीचे दी गयी बिजनस प्लान की प्रमुखताएँ ‘High Lights’ और प्रॉडक्ट को आप उस अन्य कंपनी के प्लान और प्रॉडक्ट से ज़रूर टेली कर लें फिर निर्णय लें ताकि वास्तव में आपके फालतू समय का सदुपयोग हो और भरपूर कमाई भी हो साथ में देश हित भी सर्वोपरि हो.

S. No
विषय
JBM parivar
अन्य कंपनी

1
मीटिंग प्रवेश शुल्क
किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता हें.
30 से 500 रुपये शुल्क लिया जाता हें.

2
ज़ोइनिंग शुल्क
मात्र 240 रु में मनपसंद सामान के साथ ज़ोइनिंग कर सकते हें
1500 से 3000 में थोपे गये सामान के किट से ज़ोइनिंग हो पाती हें

3
किट के सामान की बाजार में कीमत %
पूरी 100%
आधी 50% से भी कम

4
खुद की ज़ोइनिंग किट की बी वी पर खुद को आय
22%
0%

5
कमीशन सार
खरीदी के बिजनस वैल्यू का कुल 51% हिस्सा वितरण करती है
खुद की खरीद पर : 22%
5000 to 9999 : 2%
10,000 to 19,999 : 4%
20,000 to 39,999 : 6%
40,000 to 69,999 : 8%
70,000 to 1,14,999 : 10%
1,15,000 to 1,39,999 : 12%
1,40,000 to 1,74,999 : 14%
1,75,000 and above : 16%

खरीदी के बिजनस वैल्यू का कुल 36% हिस्सा ही वितरण करती है
खुद की खरीद पर : 10%
5000 to 9999 : NIL
10,000 to 19,999 : 1.5%
20,000 to 39,999 : 3%
40,000 to 69,999 : 5%
70,000 to 1,14,999 : 7%
1,15,000 to 1,69,999 : 9%
1,70,000 to 2,59,999 : 11%
2,60,000 to 3,49,999 : 13%
3,50,000 and above : 15%

6
बेंक में फॅंड ट्रांसफर
1 रुपया भी कमीशन बना हो तो भी ट्रांसफर होगा
सभी कटोती काटनें के बाद कम से कम 500 रु का कमीशन जमा हो जाये तो ही फॅंड ट्रांसफर होगा

7
स्वंय की मासिक खरीद के बी वी पर परफॉर्मेंस बोनस का %
स्‍वयं की खरीदी के बी वी का 22% एवं 16% तक टीम परफॉर्मेंस बोनस, कुल 38%
स्‍वयं की खरीदी के बी वी का 10% एवं 15% तक टीम परफॉर्मेंस बोनस, कुल 25% केवल

8
हर भुगतान पर कटौती
0 रु
30 से 300 रु तक राशि अनुसार

9
लीडरशिप बोनस
ए लेग में 135000 बी वी एवं बी लेग में केवल 40000 बी वी होने पर लीडरशिप बोनस 3 फीसदी + 2000 रुपए

ए लेग में 280000 बी वी एवं बी लेग में 70000 बी वी होने पर लीडरशिप बोनस कुल 2000 रुपए केवल

10
लीडरशिप बोनस की शर्तें
लीडरशिप बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा

लीडरशिप बोनस की स्थति में पहुँचने के पश्चात दूसरे माह में भी उसी स्थति में बने रहने पर ही दिया जाएगा और लगातार हर माह उसी स्थति में बने रहने पर ही जारी रहेगा

11
रॉयल्टी बोनस
ए लेग में 175000 बी वी एवं बी लेग में केवल 70000 – 175000 बी वी होने पर रॉयल्टी बोनस 2 – 6 फीसदी + 4000 रुपए

ए लेग में 350000 बी वी एवं बी लेग में 115000 – 350000 बी वी होने पर रॉयल्टी बोनस 2 – 6 फीसदी + 4000 रुपए

12
रॉयल्टी बोनस की शर्तें
रॉयल्टी बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा

रॉयल्टी बोनस की स्थति में पहुँचने के पश्चात दूसरे माह में भी उसी स्थति में बने रहने पर ही दिया जाएगा और लगातार हर माह उसी स्थति में बने रहने पर ही जारी रहेगा

13
टेक्‍नीकल बोनस
दोनों लेगो में 250000 होने पर 1%, 500000 होने पर 1.5%, 1000000 होने पर 2%, 2000000 होने पर 2.5%
+
कंपनी के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम पर 1.5% औसत आधार पर हर टेक्नीकल अचिवर के बीच डिवाइड किया जाता हें
ये बोनस आपकी मेन लेग के बी वी में से 2.5 लाख घटा कर शेष के औसत के आधार पर निकाला जाता हे

दोनों लेगो में 500000 होने पर 1%, 1000000 होने पर 1.5%, 2200000 होने पर 2%, 4800000 होने पर 2.5%
+
कंपनी के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम पर 1.5% औसत आधार पर हर टेक्नीकल अचिवर के बीच डिवाइड किया जाता हें
ये बोनस आपकी बी लेग के बी वी में से 5 लाख घटा कर शेष के औसत के आधार पर निकाला जाता हे

14
टेक्‍नीकल बोनस की शर्तें
टेक्‍नीकल बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा

कम से कम 2 माह किसी रॉयल्टी लेवल पर रहना हे, उसके पश्चात 1 माह 6% लेवल रॉयल्टी पर, व उसके पश्चात 1 माह में 5-5 लाख या इससे ज़्यादा का बी वी दोनो लेगो में होना चाहिये, और इन चारो माह का लक्ष्य 6 माह की अवधि मे पूर्ण हो जाना चाहिये या जब भी किसी भी 6 माह या उससे कम अवधि में ये चारों लक्ष्य पूरे होने पर ही उसकी टेक्निकल बोनस की पात्रता मानी जाएगी.

15
दुर्घटना म्रत्यु अनुदान
1000 रु. या ज़्यादा की खरीद प्रति माह करने पर
नॉमिनी को 2.51 लाख की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी
हर सक्रिय डिस्ट्रीब्यूटर को कंपनी अपने परिवार का सदस्य मानती हे और किंतु-परंतु के शर्तों के जाल में नहीं उलझाती, यानी की जिस माह भी उसकी 1000 रु की खरीद होगी उस माह के लिए वह इसका पात्र होगा

नॉमिनी को 2 लाख की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी
इसकी पात्रता लगातार 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से मानी जाएगी और पात्रता को जारी रखने के लिये लगातार हर माह खरीद जारी रहनी चाहिये, यदि किसी माह 1000 रु. की खरीद छूट जाती हे तो वापस 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से ही मानी जा सकेगी.

16
खरीद प्रोत्साहन राशि
1000 रु. या ज़्यादा की खरीद प्रति माह करने पर
कंपनी अपने इस तरह के सक्रिय, समर्पित सदस्‍य को 5100 रुपए की गारंटिड प्रोत्‍साहन राशि के लिए चुनती है, जो “प्रथम आओ, प्रथम पाओ” की स्लेब के आधार पर गारंटेड हर सक्रिय सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर मिलता ही हे

कंपनी अपने इस तरह के डिस्ट्रीब्यूटर को 11000, 5000, 1000 रुपए की प्रोत्‍साहन राशि के लिए चुनती है, जो कि कंपनी के कुल मासिक खरीद टर्न ओवर के 4% राशि जिसमे से भी दुर्घटना म्रत्यु अनुदान में देय राशि को घटा कर शेष राशि से क्रमश 1% – 1% – 2% राशि का वितरण ड्रा (लॉटरी) आधार पर करती हे.
(वर्षो से अपने नंबर आने का इंतजार करने वाले मेहनती सदस्य तो इस सिस्टम में इंतजार ही करते रह जाते हे और कल परसों आने वाले का नंबर ड्रा में आ जाता हे)

17
खरीद प्रोत्साहन राशि की शर्तें
“प्रथम आओ, प्रथम पाओ” की स्लेब के आधार पर गारंटेड हर सक्रिय सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर मिलता ही हे
उल-जुलुल शर्तें नहीं थोपी जाती हें

इसकी पात्रता लगातार 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से मानी जाएगी और पात्रता को जारी रखने के लिये लगातार हर माह खरीद जारी रहनी चाहिये, यदि किसी माह 1000 रु. की खरीद छूट जाती हे तो वापस 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से ही मानी जा सकेगी

भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते “जेबीएम परिवार” के सबसे तेज़ी से बढ़ते “हमारे ग्रुप” में आप ऑन-लाईन बड़ी ही आसानी से शामिल हो सकते हें, हमारे ग्रुप में कश्मीर से ले कर कन्याकुमारी तक पूरे देश के हर राज्य, शहर, गाँव से नेटवर्कर्स जोइनिन्ग ले रहे हे, अंत हमारे ग्रुप मे जुड़ कर आप बड़ा लेवल, पिन जल्दी अचिव कर सकते हें.

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16 TNM June 21, 2012 at 12:51 am

Mai lagatar ehi batana chahta hun, aaplog kiyun dusri MLM company join nahi kar lete, jab tak court ka order nahi a jata aur Government koi kadam nahi uthata?

Google me search karo Taru Marriage Bureau. Is marriage bureau me do brides or grooms ka profile banane se minimum ek lakh milega. isme das lakh tak kamane ki limit hai agar membership timely renew kare to.

Jara sochie, RCM khulne ke lie abhi time aur lag sakta hai. Tab tak hum kiyun na kuch aur kare?

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