LAWYERS’ STRIKE: COURT PROCEEDINGS AFFECTED IN JAIPUR

Courtesy: Dainik Bhaskar

रेवन्यू मामलों की नहीं हुई सुनवाई,जमीनों की विवाद में उलझे लोगों में मायूसी

जयपुर।
वकीलों के कार्य बहिष्कार के कारण मंगलवार को कलेक्ट्रेट में रेवन्यू मामलों की सुनवाई नहीं हुई। वकीलों के नहीं आने से कलेक्ट्रेट परिसर में वकीलों के गलियारे में कुर्सियां खाली रहती है और आम लोग परेशान हो रहे है। कार्य बहिष्कार के कारण कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम व तहसीलदार की कोर्ट में जमीनों के विवाद संबंधी केसों की बहस नहीं हो रही है और लोगों को आगामी तारीख के लिए दिक्कत हो रही है। इससे कलेक्ट्रेट के रेवन्यू कोर्ट में रोजाना 500 से ज्यादा मामलों की सुनवाई प्रभावित हुई है।
कलेक्ट्रेट के कलेक्टर, एडीएम, एसडीएम व तहसीलदार कोर्ट में जमीन व संपत्ति संबंधी मामलों की सुनवाई होती है। लेकिन इन केस में वकील ही बहस करते है। लेकिन वकीलों के कार्य बहिष्कार के कारण सिविल कोर्ट के साथ ही रेवन्यू कोर्ट में भी कामकाज प्रभावित हुआ है।

सूनी पड़ी है वकीलों की गैलेरी:
कलेक्ट्रेट में दो जगह वकीलों के बैठने की गैलेरी बनी हुई है। लेकिन हड़ताल के कारण पिछले एक सप्ताह से गैलेरी खाली पड़ी है। ऐसे में रेवन्यू केसों की सुनवाई के लिए आने वाले लोगों को वकील तारीख भी नहीं दिलवा पा रहे है। ऐसे में केस की अगली तारीख क्या होगी। इसके बारे में लोगों को असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

 

 

Courtesy: Rajasthan Patrika

जयपुर। प्रताड़ना की वजह से वकील की आत्महत्या मामले में हाइकोर्ट सहित निचली अदालतों में गुरूवार को काम ठप रहेेगा। जयपुर के साथ साथ आस-पास के कस्बों की अदालतें भी बंद रहेंगी। वकीलों की हड़ताल के चलते कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई नहीं होगी। जोधपुर सहित कुछ अन्य जिलों में भी सुनवाई नहीं होगी।

अदालत के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपने सहित आरोपी थानेदार व एक अन्य पुलिस अघिकारी को निलंबित किया जा चका है। इसके बावजूद वकील आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और 25 लाख रूपए मुआवजा की मांग कर रहे हैं। खास बात यह है कि कुछ वकील भी दबी जबान में मान रहे है इन मांगों का कोई उद्देश्य नहीं है और इस स्तर पर इनको माना जाना भी संभव नहीं है। उधर, हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष करणपाल सिंह ने प्रदर्शन के दौरान लोगों के साथ हुए दुर्व्यवहार को गलत बताते हुए इसे कुछ असमाजिक तत्वों की हरकत करार दिया है।

गौरतलब है कि वकील प्रताड़ना मामले पर हाइकोर्ट ने बुधवार को ही पुलिस कमिश्नर सहित अन्य लोगों को तलब कर मामले की जानकारी ली थी। इसी के साथ सीबीआई को दो दिन में जांच कर रपट पेश करने के आदेश दिए। पुलिस ने भी दो अघिकारियों को निलंबित करने के साथ पीडित परिवार के लोगों को सुरक्षा दे दी है। करीब सभी मांग पूरी होने के बाद भी आज वकीलों की हड़ताल को लेकर खुद वकीलों में सवाल-जबाव का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, संगठन की मजबूरी के चलते कोई खुल कर इस मसले पर बोलना नहीं चाहता।

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