HOW TO REACH ON TOP IN NETWORK MARKETING [VIDEO]

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VISION TECHNIQUE:

Out of 100 people 80% people, they do not know what to do.

 And only 20% people  know what they want to do.

out of this 20% people,only 20% people have their own written goal with date and time.

out of this 20% people, only 2o% people read it loudly in morning and night daily.

out of this 20% people, only 2o% people visualize it regularly.

out of this 20% people, only 2o% people emotionalize  it ,live in it ,already they are having it and enjoying it.

out of this 20% people, only 2o% people are acting on his vision chart daily without fail.

These are points you have to bear in your mind to achieve your goal.

{ 2 comments… read them below or add one }

1 R K singh January 1, 2012 at 4:24 pm

Jai rcm dosto happy new year hum 4/1/12 ko manayenge Good Rcmbusiness

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2 s p gehlot March 4, 2012 at 9:17 am

दोस्त, आप बिल्कुल सही कह रहे हें, हज़ारों पीयूसी बंद हो गयी थी क्यो? पीयूसी वाले बर्बाद हो गये थे, सिर्फ़ वही पीयूसी चल रही थी जिसका धारक अपनी नेटवर्क की कमाई भी पीयूसी में उडेल रहा था क्योंकि इतने कम मार्जिन में सभी खर्च निकालने के बाद एक पैसा भी शुद्ध लाभ नहीं हो रहा था हक़ीकत में पीयूसी संचालक को टी सी जी ने बड़ी ही सफाई से बेगारी मजदूर बना रखा था जो रात दिन काम भी करें, पूंजी भी लगाएँ और चू तक नहीं करें, और तो और लीडर लोग तो इस बात की ताक में रहते की कब वह मरणासान पीयूसी बंद हो ताकि वे किसी नये आसामी को पूरे स्टॉक के साथ पीयूसी, बाजार उस स्थान पर दिला सकें ताकि लीडरों और कंपनी की कमाई पर तो कोई आँच नहीं आये मरने वाले भलेहि मरते रहे. हज़ारों पीयूसी जो कि चालू हो कर एक वर्ष से पहले बंद हो गयी उनके तन पर लिपटा आखरी कपड़ा सिक्योरटी जमा के 10000/- रुपय भी टी सी जी को उतारने में शर्म नहीं आयी, और जो समान वापस डिपो में जमा कराया उसका रिफंड भी कई पीयूसी वालों को आज दिन तक नहीं दिया गया, कइयों का लेजर में रातों रात हज़ारों रुपयों का स्टॉक ही गायब कर दिया गया पूछने पर यह बताया गया कि वह समायोजित कर दिया गया जबकि कंपनी एक पेसे का सामान भी उधार नहीं देती थी तो किस बात का समायोजन?
दोस्त, यदि सीधे तौर पर सभी एक करोड़ पचास लाख लोगों को और इनडॅयेरेक्ट तौर पर करोड़ों लोगों को वास्तव में आरसीएम से फ़ायदा हो रहा था तो जयपुर में इन करोड़ों लोगो की तुलना में मुट्ठी भर लोग ही क्यों जुटे? जबकि इस सेमीनार में तो अंदर आने का प्रवेश शुल्क 30/- या 100/- भी नहीं लिए जा रहे थे जबकि सिस्टम का हवाला दे कर ये लीडर लोग व टीसीजी बेचारे आम डिस्ट्रीब्यूटर की इस बहाने अब तक बेहिसाब जेबे काटते आए थे, अब जब भीड़ जुटानी थी तो इनका सिस्टम-उसूल फुर्र हो गया, वजह बिल्कुल साफ हे कि फ़ायदा इन चंद मुट्ठी भर लोगों जो कि लीडर थे और टीसीजी एण्ड फेमेली को ही हो रहा था और आमजन कंपनी के द्वारा नित नये थोपें गये बिजनस प्लान, शर्तो, स्कीमों, लॉटरी व अंदर ही अंदर होने वाले षड्यंत्र एंव घोटालो के कारण लुट रहा था.
सरकार को इन लीडरों के खिलाफ भी कार्यवाही करनी चाहिए क्योकि इन्ही की वजह से आमजन गुमराह हुआ और ये लोग भी कंपनी के द्वारा हर स्तर पर की जा रही ठगी के कार्य में हिस्सेदार थे, जब ठगों के सरदार पकड़ लिए गये तो गिरोह के सदस्य खुल्ले क्यों घूम रहें हें? सरकार को भगवान सद्बुधि दे इसके लिये यग्य हवन कर रहें हें इन लोभियों को यह मालूम नहीं कि हवन की वजह से यदि सरकार को इस ठगी प्रकरण में सही सद्बुधि आ गयी तो वे भी हवालात में होंगे.

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