राजस्थान सरकार की सद्बुद्धि को हवन करेंगे आरसीएम उपभोक्ता
Courtesy: Dainik Jagran, Jamshedpur – 4 March 2012
जमशेदपुर, जागरण कार्यालय : राजस्थान सरकार की ओर से मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी आरसीएम को अचानक सील कर दिए जाने के विरोध में तीन दिवसीय धरने के दूसरे दिन भी आरसीएम के उपभोक्ता डटे रहे। अपनी मांगों को लेकर पूरे दिन नारेबाजी की और उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। आरसीएम कंज्यूमर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेद्र कुमार ने बताया कि देशभर के जिला मुख्यालयों में तीन दिवसीय धरना चल रहा है। वहीं नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी चार लोग अनशन पर बैठे हैं। रविवार को सुबह 9 से शाम पांच बजे तक धरना जारी रहेगा। धरना समाप्त होने से पहले अपराह्न 3 से 5 बजे तक राजस्थान सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरसीएम की अपनी एक अलग साख रही है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकिन देश के कई गण्यमान्य हस्तियां इसकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए पुरस्कृत कर चुकी हैं। राजस्थान सरकार ने दुर्भावना से ग्रसित होकर कंपनी को सील कर दिया। इससे इसकी आर्थिक, व्यापारिक गतिविधियां पंगु हो चुकी हैं और करीब 10 वर्ष से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे लाखों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो चुका है। धरने पर अध्यक्ष धर्मेद्र कुमार के अलावा मृणालकांति मिश्रा, मनोज कुमार चौरसिया, साधू हेम्ब्रम, शीलवंती भेंगरा, शकुंतला देवी, संदीप कुमार पॉल, सुकमल मैती, अनिल प्रजापति, उदय भूमिज सहित दर्जनों लोग शामिल थे।
4 को जयपुर में होगा सदï्बुद्धि यज्ञ / आरसीएम कंन्ज्यूमर-डिस्ट्रीब्यूटरों की बैठक
Courtesy: Bikaner Ab Tak – 3 March 2012

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दोस्त, आप बिल्कुल सही कह रहे हें, हज़ारों पीयूसी बंद हो गयी थी क्यो? पीयूसी वाले बर्बाद हो गये थे, सिर्फ़ वही पीयूसी चल रही थी जिसका धारक अपनी नेटवर्क की कमाई भी पीयूसी में उडेल रहा था क्योंकि इतने कम मार्जिन में सभी खर्च निकालने के बाद एक पैसा भी शुद्ध लाभ नहीं हो रहा था हक़ीकत में पीयूसी संचालक को टी सी जी ने बड़ी ही सफाई से बेगारी मजदूर बना रखा था जो रात दिन काम भी करें और पूंजी भी लगाएँ, और तो और लीडर लोग तो इस बात की ताक में रहते की कब वह मरणासान पीयूसी बंद हो ताकि वे किसी नये आसामी को पूरे स्टॉक के साथ पीयूसी, बाजार उस स्थान पर दिला सकें ताकि लीडरों और कंपनी की कमाई पर तो कोई आँच नहीं आये मरने वाले भलेहि मरते रहे. हज़ारों पीयूसी जो कि चालू हो कर एक वर्ष से पहले बंद हो गयी उनके तन पर लिपटा आखरी कपड़ा सिक्योरटी जमा के 10000/- रुपय भी टी सी जी को उतारने में शर्म नहीं आयी, और जो समान वापस डिपो में जमा कराया उसका रिफंड भी कई पीयूसी वालों को आज दिन तक नहीं दिया गया, कइयों का लेजर में रातों रात हज़ारों रुपयों का स्टॉक ही गायब कर दिया गया पूछने पर यह बताया गया कि वह समायोजित कर दिया गया जबकि कंपनी एक पेसे का सामान भी उधार नहीं देती थी तो किस बात का समायोजन?
दोस्त, यदि सीधे तौर पर सभी एक करोड़ पचास लाख लोगों को और इनडॅयेरेक्ट तौर पर करोड़ों लोगों को वास्तव में आरसीएम से फ़ायदा हो रहा था तो जयपुर में इन करोड़ों लोगो की तुलना में मुट्ठी भर लोग ही क्यों जुटे? जबकि इस सेमीनार में तो अंदर आने का प्रवेश शुल्क 30/- या 100/- भी नहीं लिए जा रहे थे जबकि सिस्टम का हवाला दे कर ये लीडर लोग व टीसीजी बेचारे आम डिस्ट्रीब्यूटर की इस बहाने अब तक बेहिसाब जेबे काटते आए थे, अब जब भीड़ जुटानी थी तो इनका सिस्टम-उसूल फुर्र हो गया, वजह बिल्कुल साफ हे कि फ़ायदा इन चंद मुट्ठी भर लोगों जो कि लीडर थे और टीसीजी एण्ड फेमेली को ही हो रहा था और आमजन कंपनी के द्वारा नित नये थोपें गये बिजनस प्लान, शर्तो, स्कीमों, लॉटरी व अंदर ही अंदर होने वाले षड्यंत्र एंव घोटालो के कारण लुट रहा था.
सरकार को इन लीडरों के खिलाफ भी कार्यवाही करनी चाहिए क्योकि इन्ही की वजह से आमजन गुमराह हुआ और ये लोग भी कंपनी के द्वारा हर स्तर पर की जा रही ठगी के कार्य में हिस्सेदार थे, जब ठगों के सरदार पकड़ लिए गये तो गिरोह के सदस्य खुल्ले क्यों घूम रहें हें? सरकार को भगवान सद्बुधि दे इसके लिये यग्य हवन कर रहें हें इन लोभियों को यह मालूम नहीं कि हवन की वजह से यदि सरकार को इस ठगी प्रकरण में सही सद्बुधि आ गयी तो वे भी हवालात में होंगे.
jio mere ser bilkul sahi kaha band baja diyaa apne ………………………………………………ab jarur savera hoga
रोजगार सृजन में अहम हो सकती हैं डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां
Courtesy: Dainik Jagran, Delhi – 19 March 2011
सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल इस क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों में 70 फीसदी महिलाएं हैं। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। योजना और संसदीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने भारत में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग पर शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की। इसे इक्रियर (आइसीआरआइईआर) और इंडियन सेलिंग एसोसिएशन द्वारा तैयार किया गया है। सीधी बिक्री का समाजिक और आर्थिक प्रभाव :एक प्रोत्साहन नीति की जरूरत रिपोर्ट को जारी करते हुए कुमार ने कहा डायरेक्ट सेलिंग इस क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सशक्त कर रहा है। यह क्षेत्र सरकार के लिए 50 करोड़ रोजगार के अवसरों के सृजन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में अधिक लोगों की जरूरत होती है। इसलिए यह समावेशी विकास और समृद्धि के ऊपर से नीचे की ओर जाने के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में इस उद्योग की वृद्धि दर को बरकरार रखने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत है। इसके लिए एक अलग मंत्रालय बनाया जाना चाहिए और कानून के जरिए इसकी निगरानी की जानी चाहिए। वर्ष 2001-02 में इस क्षेत्र में दस लाख लोग कार्यरत थे जो वर्ष 2009-10 में 30 लाख हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में डायरेक्ट सेलिंग का वर्गीकरण अभी भी अस्पष्ट है। इसकी परिभाषा स्पष्ट करने की जरूरत है ताकि इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह हो सके। रपट के मुताबिक इस क्षेत्र को 43 प्रतिशत आमदनी प्रथम श्रेणी के शहरों से होती है। मगर कंपनियां अब नए ग्राहकों की खोज में छोटे शहरों और गांवों की ओर रुख कर रही हैं। देश में इस समय एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हैं। विश्व स्तर पर सीधी बिक्री क्षेत्र का उदय 20वीं सदी की शुरुआत में हुई लेकिन इसने 1980 के दशक में रफ्तार पकड़ी। वहीं भारत में यह क्षेत्र 1980 के दशक में शुरू हुआ और 1990 में विदेशी कंपनियों के भारत में प्रवेश के साथ इस क्षेत्र में गति आई|
दोस्तों,
देनिक जागरण द्वारा दी गयी उपरोक्त खबर आज के सन्दर्भ में बड़ी ही महत्वपूर्ण हे, हमारे देश के तेजी से विकास एवं हर बालिग़ को न्यायप्रद रोजगार देने के लिए अच्छी, मजबूत एवं कानून सम्मत “डायरेक्ट सेलिंग उद्योग कंपनियों” की आज सख्त जरुरत हे.
ऐसी कम्पनियाँ जो कि “एक सबके लिए, सब एक के लिए” के सहकारिता के मानद सिद्धांत पर कार्य करती हो एवं इसी सिद्धांत को ध्यान में रख कर कानूनन रजिस्टर्ड हो एवं जिनके द्वारा निर्मित, विक्रय किये जाने वाले उत्पाद की क्वालिटी उपभोक्ताओं के हित के लिए बनायी गयी तृतीय पक्ष संस्थाओं से प्रमाणित हो और वे वास्तव में सभी सदस्यों को उनके कार्यानुसार प्रतिफल, लाभ देने के लिए वचनबद्ध हो.
ऐसी कंपनियों का बिजनस प्लान भाई-भाई को आपस में लड़ाने, बांटने वाला न हो बल्कि पूरे देश में आपसी सोहाद्र बढाने का सचमुच में योगदान करता हो, हरेक सदस्य के द्वारा कभी भी पूरी न की जा सकने वाली शर्तो से उलझाया हुआ न हो, जिसमे बेईमानी, ठगी, भ्रष्टाचार का कंही नामो-निशान भी न हो, उत्पादों का विक्रय मूल्य लागत से बहुत ज्यादा न हो कर वाजिब दाम पर हो.
साथियों, आज नेटवर्किंग का कार्य हमारे लिए नया नहीं हे और प्राय हम सबने इस तरह की कई कंपनियों का कार्य कर के खट्टे-मीठे अनुभव भी प्राप्त किये हे. आय में लाभ-हानि हो सकती हे लेकिन अपने-अपने कार्य शेत्र विशेष, स्थान विशेष में प्राप्त अनुभव, ज्ञान अनमोल होते हे जो कभी नष्ट नहीं होते हे.
आप अपने अनुभवों के आधार पर एक अच्छी डायरेक्ट सेलिंग नेटवर्किंग कंपनी, संस्था के बिजनस प्लान में क्या-क्या जरुरी चीजे और केसे होनी चाहिए के बारे में अपने सुझाव, सलाह संषेप या विस्तार में यदि इस मंच की इस पोस्ट पेज (सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी) के कॉमेंट बॉक्स में देंगे तो एक “सर्वे हिताय, सर्वे सुखाय” को ध्यान में रख कर एक नयी कंपनी की सरंचना, स्थापना आसानी से की जा सकेगी जो कानून सम्मत भी हो और आप सभी को सर्वमान्य भी हो.
आशा हे की देश हित में आप अपने सुझाव, विचार इस पोस्ट के पेज “सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी” पर जरुर कॉमेंट करेंगे.
कॉमेंट करने के लिए शीघ्र विजिट करें :- rcmmanch.blogspot.com
आपका हितेषी
सत्य प्रकाश
saale dhokabaaj;;;; sp gehlot ji. compani ne aapko kaha tha 5 lakh ka saman rakna kiliya lekin aap jeshha bahut puc dharak 50-60000 rs ka saman raktha he or os puc ko panka dokan banake rahtha he.to kesy sale higa? mear vi puc he or mera puc me har mahina me kamse kam 7 lac ka sale hota he or 30000 se jaDA COMISION MILTA HE.to agar tradisatinal business kara ga to 50-60000 capital me tereko koch nehi milaga.tom jesha logoko puc alot karke compani bahut bhol karta he .
joy rcm
आपकी बातों से ही लगता हे कि आप आरसीएम के बड़े लीडर हें क्योंकि लीडरों को बढ़ा चढ़ा कर बताने की ही वहाँ ट्रेनिंग दी जाती थी, 300 रुपये का कमीशन आता था तो भी वे सामान्य लोगों को फाँसने के लिए 30000/- बताते फिरते थे और फिरते समय गाड़ी में पेट्रोल मीटिंग में लाने वाले और आने वाले लोगो से 30/–30/- रुपये ले कर भराते थे यह हक़ीकत थी और दूसरी हक़ीकत टीसीजी की ट्रेनिंगो की आपने खुद ही गाली दे कर बतादी अब आप अपने सात लाख के स्टॉक की रोज अगरबत्ती करते रहना क्योकि अब आम जनता तो दो कोड़ी का घटिया सामान पूरे दाम दे कर बिना बिल लेने आएगी नहीं.
S P GEHLOT,
sela, dam thaka to tumco full address, Mob. no. send kar. are you RCM Distributor ? if yes, ple know your rcm dis. no………………………sela VIVISON,MIRZAFAR……………….panskura, w.b-9733512873
नाम तो भोले शंकर और उनकी नंदी गाय जैसा लेकिन आर सी एम की संगत से देखो इनका क्या हाल हो गया, बंगाल के टाइगर अब बंदर घुड़की दे रहें हे.
SANKAR NANDI
sawdhan mere bai ko gali maat dena
सदस्य अपने गिरफ्तार हुए सरदार को छुड़ाने के लिए आमरण अनशन भी कर सकते हें, क्योकि आख़िर सरदार छूटेगा तभी तो उनको ठगी में हिस्सा मिलना वापस शरु हो पाएगा, उन नादानो को क्या पता क़ि जिसे वे रोज़गार समज रहें हें वह हक़ीकत में लाखों लोगों को ठग कर ठगी की कुछ रकम चंद लोगों में बाँटने का खेल था ताकि वे लोग सरदार की वा-वा करते रहें और चंद रुपयो के लालच में सरदार के सेवक बन कर नित नये भोले लोगो, ग्रामीणों को सरदार की एसी नित नयी स्कीमों में फाँसते रहें जिनकी शर्तें एसी कि न तो नौ मॅन तेल हो न राधा नाचें, और वह बेचारे यदि किसी तरह शर्त पूरी करने की स्थति तक पहुँचने वाले ही हो कि सरदार पुरानी स्कीम को बंद कर के नयी स्कीम लागू कर दे, यदि कोई बोलने की हिमाकत करे तो सरदार उसकी आईडी ही टर्मिनेट करदे, आख़िर सरदार की सल्तनत हे तो नियम कायदे सरदार के ही तो होंगे, उन्हे चुनी हुई सरकार के नियम-अधिनियम की क्या परवाह? जिसमें ये सरदार लोग उनकी भावनाओं और मासूमियत को अब भी लूट रहे हें, अगर सरदार पाक-साफ थे तो न्याय व्यवस्था से भागते क्यों फिर रहे थे? और अब जब पकड़े गये तो इतने स्वार्थी निकले क़ि खुद को छुड़वाने के लिये न्यालय में अपने को निर्दोष साबित करने के बजाया मासूमों को धरने और आमरण अनशन करने का आदेश दे रहें हे. कुछ समय पहले तक देश की भलाई सोचने का ढोंग करने वाले सरदार अब गिरफ्तार होने पर पूरे देश में अराजगता फेलाना चाहते हें क्या इससे उनकी अपने देश के प्रति वास्तविक सोच उजागर नहीं होती हे? इस बात को आमजन को भी समजना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति अपने व्यापार से नियमानुसार कर आदि चुका कर प्राप्त हुई शुद्ध आय से अधिक की संपति यदि बनाता हे तो अधिक वाला पेसा क्या हे? और कहाँ से? केसे आया? उसे एक न एक दिन दुनिया को बताना पड़ेगा ही और यह तो सभी जानते ही हे कि भगवान के घर देर हें अंधेर नहीं और उसकी लाठी आवाज़ भी नहीं करती.
bhai tik kaahta hai
असलम भाई एक छोटी सी चिंगारी भी शोला बन सकती हे और एक चीटी यदि ठान ले तो हाथी को गिरा सकती हे, आप मेरे पक्ष में खड़े हुए इसका आपको बहुत-बहुत धन्यवाद, सूरज पर थूकने वाले को ये मालूम नहीं होता कि उसका उसी पे गिरेगा इन बेचारों को माफ़ कर देना.
ठगों पर जब मार पड़ती हे तो वे इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हें, आरसीएम डिप्लोमा कोर्स में सिखाई गई और टी सी जी के द्वारा लिखी गई पुस्तकों का ज्ञान रट्टू तोते की तरहा फुर्र हो जाता हे क्योकि रट्टू तोता सिर्फ़ रट सकता हे उसे जीवन में उतार नहीं सकता
दोस्तों होली के पर्व की आपको शुभ कामनाएँ.
आज हमारे भारत देश भर में होने वाले सबसे बड़े यग्य में ठगों, घोटालेबाजों, लुटेरों, भ्रस्टाचारियों के राक्षसी ‘होलिका’ की तरह जल कर भस्म हो जाने और सच्चे, ईमानदार लोग ‘प्रहलाद’ की तरह जिंदा रह जाये की कामनाओं के साथ आहुति दे ताकि देश की आम जनता वास्तविक “आर्थिक आज़ादी” की सांस ले सके.
आपका शुभचिंतक
एस पी गहलोत
RCM खुल के बोल मंच
एक निष्पक्ष आरसीएम मंच ब्लॉग http://www.rcmmanch.blogspot.com
साथियों, यह एक निष्पक्ष आरसीएम मंच ब्लॉग हे जहाँ RCM से लाभार्थी और पीड़ित दोनो ही पक्ष अपनी बात खुल के बोल सकते हें और एक दूसरे की टिप्पणियों का माकूल जवाब दे सकते हें. इस ब्लॉग की ज़रूरत इसलिये पड़ी क्योकि वर्तमान में नेट पर उपलब्ध अन्य सभी ब्लॉग अपने-अपने पक्ष की ही बात को अपने ब्लॉग पर रख रहें हें, इनमें से कई अवसरवादियों ने तो हमारी मजबूरी से कमाई करने का ज़रिया लुभावने गूगल एडसेंस, विजापनों आदि को अपने ब्लॉग, साइट पर दे कर बना लिया हे, जिससे आख़िर RCM का सच, हक़ीकत क्या हे आम जनता या डिसट्रिब्युटर नहीं जान पा रहा हे, इसी सच को सामने लाने का हमारा यह छोटा सा प्रयास हे, आशा हे कि आप इस चर्चा में बढ़-चढ़ कर भाग लेंगे और RCM से मिले अपने अनुभव, जानकारी को पूरे देश को सारगर्भित भाषा में बताएँगे. ध्यान रहे कि इस प्लेटफोर्म पर आपके कमेन्ट बे-बुनियाद न हो और अपने कमेन्ट के लिए आप स्वंय जिम्मेवार होंगे, इस ब्लॉग का आर सी एम् कंपनी, लीडरों आदि से कोई संबध नहीं हे. धन्यवाद.
एक निष्पक्ष आरसीएम मंच ब्लॉग http://www.rcmmanch.blogspot.com
आरसीएम बिजनस 100 % इन्वेस्टमेंट चिटफंड, मनी सर्कुलेशन पिरामिड स्कीम व लोटरी सिस्टम पर आधारित था
साथियों, मुख्यत कपड़ा बुनने की कंपनी के निदेशक टी. सी. छाबड़ा ने खुद व अपने परिवार को अरबपति बनाने के लिए बड़ी ही शातिर तरीके से एक के बाद एक नित नयी स्कीमों का ऐसा ताना-बाना बुना कि उपरी तौर पर भोले-भाले ग्रामीणों को क्या पढ़े-लिखों को भी यही लगता कि कंपनी अपने साथ जुड़ने वाले मेम्बर्स को बिना बिचोलियों के वाजिब दर पर सीधा सामान बेच रही हे और यदि वे मेम्बर्स अन्य लोगो में इस बात का प्रचार कर के उन्हें भी अपने साथ कंपनी का यदि सदस्य बना दे और वे सभी कंपनी का सामान खरीदना-बेचना शरु कर दे तो कंपनी उन्हें अपने बनाये बिजनस प्लान के नियमानुसार इस कार्य का उन्हें पारिश्रमिक भी देगी इसके साथ ही उनकी स्वयं की प्रति माह होने वाली खरीद और लायी गयी नई जोइनिंगो के आधार पर स्कीम के मुताबिक पॉइंट बनेंगे और हर 10 पॉइंट हो जाने पर जो 1000 /- रुपये का कमीशन सामान्यत इस स्कीम से पहले बनता था उसमे से 250/- रुपये (बाद में इसे भी 500/- कर दिया गया) “लोयल्टी बोनस” फंड के लिए काट कर शेष 750/- रुपयों (बाद में इसे भी 500/- कर दिया गया) का नियमानुसार कटोतिया कर उसके आरसीएम बिजनस एकाउंट में और तत्पश्चात इस एकाउंट में कुल 500/- रुपये हो जाने पर अगले माह तक उसके बेंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जायेगा.
कंपनी ने जब यह “लोयल्टी बोनस” का फंडा बनाया तब मुख्यतः यह कहा गया कि एक निर्धारित तिथि तक कंपनी में जितनी भी “लोयल्टी बोनस” आइडिये आ जाएगी उनकी लाटरी निकाल कर वरीयता सूची बनायीं जाएगी और इस सूची में हर क्लब सदस्य के डाउन में निम्न सदस्यों की संख्या होने पर उन्हें उस फंड में से उनके लेवल अनुसार निम्न प्रकार से भुगतान किया जायेगा :-
1 लेवल – नीचे 4 सदस्य हो जाने पर – 250/- रूपए
२ लेवल – 4 के नीचे 16 सदस्य हो जाने पर – 750/- रूपए
३ लेवल – 16 के नीचे 64 सदस्य हो जाने पर – 5000/- रूपए
४ लेवल – 64 के नीचे 256 सदस्य हो जाने पर – 51000/- रूपए
और यह वरीयता सूची तय हो जाने के बाद क्लब सदस्य को इस “लोयल्टी बोनस” की अपनी सदस्यता बरक़रार रखने के लिए हर माह कम से कम 1000/- रुपयों का सामान अनिवार्य रूप से खरीदना पड़ेगा जिस पर फिर पॉइंट बनेगे और फिर 10 पॉइंट हो जाने पर जो 1000 /- रुपये का कमीशन बनेगा जिसमे से 500/- रुपये “लोयल्टी बोनस” फंड के लिए काट कर शेष 500/- रुपयों का नियमानुसार कटोतिया कर उसके आरसीएम बिजनस एकाउंट में और तत्पश्चात इस एकाउंट में कुल 500/- रुपये हो जाने पर अगले माह तक उसके बेंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जायेगा व जिस माह उपरोक्त टेबल के अनुसार सदस्यों की संख्या उसकी जिस “लोयल्टी बोनस” आई डी के डाउन में हो जाएगी उस पर सदस्यों की संख्यानुसार बनने वाली “लोयल्टी बोनस” राशी का भुगतान भी किया जायेगा साथ ही मीटिंगों में कंपनी के कर्ताधर्ताओं एवं लीडरों द्वारा यह प्रचार भी किया गया कि इस “लोयल्टी बोनस” सिस्टम से जुड़ने वाले हर क्लब सदस्य को शीघ्र ही ये सभी लाभ प्राप्त हो जायेंगे.
यह कंपनी के द्वारा जारी कि गयी मुख्य “लोयल्टी बोनस” स्कीम थी जिसमें बाद में समय-समय पर कंपनी ने अपने फायदे के लिए इसमें कई नियम-उपनियम थोंपे एंव निश्चित संख्या हो जाने पर भुगतान करने वाली अपनी बात को गोल करके एक लोटरी सिस्टम ईजाद किया गया एंव इस “लोयल्टी बोनस” फंड में से लोटरी के भाग्यशाली क्लब विजेताओं को तीन तरह से क्रमश 51000/-, 5000/-, व् 1000/- रुपयों का लाभ देना शरु किया गया वरीयता से लाभ देने की बात को ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया. फिर कुछ समय बाद कंपनी के निरंकुश कर्ताधर्ताओं ने इस लोटरी योजना के भुगतान को “लोयल्टी बोनस” फंड से देने की बजाय कंपनी के मासिक बिजनस वाल्लयुम के 5% फंड से जोड़ दिया जिसमे इंश्योरेंस और नयी जोइनिंग का बिजनस वाल्लयुम सम्मलित नहीं था, कंपनी ने अपने प्लान चेंज करने का सफ़र जारी रखा और लोटरी का प्रथम पुरस्कार की राशी को 51000/- से घटा कर 11000/- कर दिया यही नहीं मासिक बिजनस वाल्लयुम के 5% फंड को भी घटा कर 4- 3% तक कर दिया गया.
इस तरह मुख्य “लोयल्टी बोनस” स्कीम में इन्वेस्टमेंट* पर निश्चित तौर पर कम समय में लाभ मिलेगा का आधार, भरोसा दिला कर कंपनी ने लाखों की संख्या में नए सदस्य और “लोयल्टी बोनस” सदस्य बनाये बाद में पूरी तरह से स्कीम को चेंज कर के उन लाखों लोगो के साथ धोखाधडी व ठगी की हे.
* स्कीम में इन्वेस्टमेंट :- किसी भी व्यक्ति या सदस्य को उसको दी जाने वाली भुगतान योग्य धनराशी में से जबरदस्ती कुछ या आधी राशी कंपनी की स्कीम के लिए काट कर भुगतान करना में काटी गयी धनराशी एक तरह से कंपनी द्वारा अपनी स्कीम में उस व्यक्ति से कराया गया इन्वेस्टमेंट ही था और छल से कराया गया एसा इन्वेस्टमेंट जिसमें उस व्यक्ति की इक्छा-अनिक्छा का कोई महत्व ही नहीं था क्योकि उसके द्वारा कंपनी के बिजनस प्लान के अनुसार लाभ लेने के लिए हर माह खरीददारी करनी अनिवार्य थी और खरीददारी करने पर एक न एक दिन 10 पॉइंट बनने ही थे अंत “लोयल्टी क्लब” में उसका इन्वेस्टमेंट होना ही था, उसके चाहने न चाहने का कोई विकल्प कंपनी ने रखा ही नहीं था. इस तरह से आरसीएम बिजनस 100 % इन्वेस्टमेंट चिटफंड, मनी सर्कुलेशन पिरामिड स्कीम व लोटरी सिस्टम पर आधारित हो गया था जो की गेर क़ानूनी हे.
उपरोक्त बातें सारांश में लिखी गयी हे इसके विस्तृत प्रमाण के लिए हम आरसीएम कंपनी के निदेशक टी. सी. छाबड़ा और अधिकारीयों के द्वारा लिखे गए सभी “सेवक संवाद” को ऑन लाइन शीघ्र ही जारी कर रहें हे, कंपनी की उपरोक्त स्कीम से किस प्रकार लाखों की संख्या में लोग ठगे गए और यह कंपनी शुरू से ही हर तरह से हर स्तर पर आम अवाम जन को किस प्रकार ठग रही थी इस बात के भी शीघ्र और भी कई खुलासे किये जायेंगे ताकि आमजन लीडरों के बहकावे में नहीं आये और उन्हें क्या करना हे इस बात का सही निर्णय लेवे.
धन्यवाद
सोजन्य से :- सत्य प्रकाश
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RCM कंपनी शुरू से ही अपने सक्रीय सदस्यों की मनघडंत, फर्जी विशाल संख्या बता कर नए लोगो की जोइनिंगे ले कर ठग रही थी
दोस्तों, मनुष्य के स्वभाव की एक कमजोरी हे कि वह जहां ज्यादा लोग किसी कार्य या विचार से सहमत होते हे वहां वह अपने स्वयं के विवेक से निर्णय करने की बजाय लोगो की विशाल संख्या के विचार या कार्य से प्रभावित हो कर उनके पक्ष में अपना निर्णय करता हे.
मनुष्य की इसी स्वाभाविक कमजोरी का श्री 420 टी सी जी ने भरपूर फायदा कंपनी के शुरूआती दिनों से ले कर बंद होने के कगार पर पहुँचने तक सक्रीय सदस्यों की गलत संख्या बता कर यानि की झूट बोल-बोल कर उठाया. लीडर लोग अपनी हर मीटिंग में पहले भी इस झुटी संख्या को जोर दे दे कर हाई लाईट करते थे और अब भी मीडिया, सरकार, न्यायपालिका, आम जनता को बेवकूफ बनाने से बाज नहीं आ रहे हे, इनके द्वारा कही जा रही एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या पूरी तरह से बकवास हे. हकीकत में इस संख्या का 5% भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और १% सदस्यों को ही आय हो रही हे 99% सदस्य अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हे.
एक छोटा सा उदाहरण पेश हे :-
दिल्ली के चोर बाजार या हाट बाजार में चतुर ठग व्यापारी 200 का माल 100 में चिल्ला-चिल्ला कर बेच रहा होता हे और उसके ठेले के चारों तरफ 5-10 जनों की भीड़ इक्कठा हुई हुवी होती हे और उनमे से कई जने 100/- दे कर वह माल खरीद रहे होते हे, ऐसे में भीड़ देख कर और उनको खरीददारी करते देख कर और कंही सारा माल समाप्त नहीं हो जाए बाजार में आये इस गोरखधंधे से अनजान कुछ लोग भी 100 दे कर सामान खरीद कर खुद को होशियार ग्राहक समझते हुए अपने घर को चले जाते हे.
अब देखने में तो यह बड़ी सामान्य सी बात हे लेकिन इस तरह की दुकानदारी में वास्तविकता यह थी कि वे पहले से खरीददारी कर रहे 5-10 जनों की भीड़ फर्जी थी, वे उस ठग गिरोह के ही सदस्य थे और उनकी देखा-देखी अन्य लोगो ने 50/- की कीमत के सामान के 100/- दे दिए.
ठीक इसी तरह RCM में भी कंपनी और लीडरों के द्वारा सदस्यों की फर्जी संख्या बता कर शुरू से ही ठगी का कार्य बदस्तूर चालु था.
इसी पेज पर संख्या की गणित शीघ्र बतायी जायेगी अन्तह कृपया देखते रहे……………………..rcmmanch.blogspot.com
hi frnd.
he ho hurrah ho holi hai
sabko sadbuddhi de bhagwan……………………………
Thank you Dr. for support my comment.
sadbuddhi so injoy khe k gam
S.P. GHELOT JI,
AAP KOUN HAIN KAHAKE HAIN MUJHE PATA NAHI PAR
U———R ABSULUTELEY
RRRRRRRRRRRRIIIIIIIIIIIIGGGGGGGGGGHHHHHHHHHTTTTTTTTT.
Thank you Ashish for support me.
s p gahlot ji aapko malum nahi rcm kya hai warna aise baate nahi karte,
यह भारत हे यहाँ ठगी में हिस्सा पाने वाले गिरोह के सदस्य अपने गिरफ्तार हुए सरदार को छुड़ाने के लिए आमरण अनशन भी कर सकते हें, क्योकि आख़िर सरदार छूटेगा तभी तो उनको ठगी में हिस्सा मिलना वापस शरु हो पाएगा, उन नादानो को क्या पता क़ि जिसे वे रोज़गार समज रहें हें वह हक़ीकत में लाखों लोगों को ठग कर ठगी की कुछ रकम चंद लोगों में बाँटने का खेल था ताकि वे लोग सरदार की वा-वा करते रहें और चंद रुपयो के लालच में सरदार के सेवक बन कर नित नये भोले लोगो, ग्रामीणों को सरदार की एसी नित नयी स्कीमों में फाँसते रहें जिनकी शर्तें एसी कि न तो नौ मॅन तेल हो न राधा नाचें, और वह बेचारे यदि किसी तरह शर्त पूरी करने की स्थति तक पहुँचने वाले ही हो कि सरदार पुरानी स्कीम को बंद कर के नयी स्कीम लागू कर दे, यदि कोई बोलने की हिमाकत करे तो सरदार उसकी आईडी ही टर्मिनेट करदे, आख़िर सरदार की सल्तनत हे तो नियम कायदे सरदार के ही तो होंगे, उन्हे चुनी हुई सरकार के नियम-अधिनियम की क्या परवाह? जिसमें ये सरदार लोग उनकी भावनाओं और मासूमियत को अब भी लूट रहे हें, अगर सरदार पाक-साफ थे तो न्याय व्यवस्था से भागते क्यों फिर रहे थे? और अब जब पकड़े गये तो इतने स्वार्थी निकले क़ि खुद को छुड़वाने के लिये न्यालय में अपने को निर्दोष साबित करने के बजाया मासूमों को धरने और आमरण अनशन करने का आदेश दे रहें हे. कुछ समय पहले तक देश की भलाई सोचने का ढोंग करने वाले सरदार अब गिरफ्तार होने पर पूरे देश में अराजगता फेलाना चाहते हें क्या इससे उनकी अपने देश के प्रति वास्तविक सोच उजागर नहीं होती हे? इस बात को आमजन को भी समजना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति अपने व्यापार से नियमानुसार कर आदि चुका कर प्राप्त हुई शुद्ध आय से अधिक की संपति यदि बनाता हे तो अधिक वाला पेसा क्या हे? और कहाँ से? केसे आया? उसे एक न एक दिन दुनिया को बताना पड़ेगा ही और यह तो सभी जानते ही हे कि भगवान के घर देर हें अंधेर नहीं और उसकी लाठी आवाज़ भी नहीं करती.
8 s p gehlot
jarur app purane rcm puc holder hai……………………….. thanks i salute
Thank you Aslam Bhai,
Ek Bhai Hi Bhai Ka dard Jaan sakta he, support ke liye bahut bahut dhanyvad.
chodo rcm join the vintech shoppe and earn money every month without doing any work or purcesing ghatia productsu can earn money for life timefor more detail e mail hnpansheria@gmail.com
kiran businees tu baataate nahi lagta haitum b farg co. k director ya disti. ho dum hai to batao
Dear Kiran.
Agar ina kam kare indagi bhar kamai chaiya to batq tere liye kya kami hai, par TC ka chakar hid kar batana, tere liya puri jindagi bhar kamai aur who bhi bina kam kiya ki kami nahi hone dunga. PROMISE MY DARLING.
JEET TO PAKKI HAI.. AUR IS JEET KI RAH ME AISE LOG BHI MILENGE JO ESKE KHILAF HAIN… KHAIR KOI KUCH BHI KAHE HIMMAT NAHI HARENGE. JAI RCM….. (ANJANA SAHU, JAMSHEDPUR)
Bhartiy shastro me ‘JAI’ shabd bahut hi Pavitra he, aap uski pavitrata ko thago, choro, dakuo, luteron ke nam ke sath laga kar use apvitra kar rahen hen, JAI RCM NAHI THAG RCM bolo.
Thank you Aslam Bhai,
Ab naya savera jarur hoga bas aap jyot se jyot jalaye chalen.
s.p. gahlot ji,
1% ho sakta hai apki bat mai sachhai ho. lakin mai apse puchta hoo ki jis rcm ka example raj gov pichle 11 saal se school ke syallabus mai deti aai hai
aur kerla / bihar sarkar ne bhi rcm ko sammanit kiya hai. achanak yesa kya
huaa ki raj sarkar aur aap jaise log rcm ko thag kahte hai. bhagwan tum
logo ko sadbudhi de.
gusain
Dear C. S. ji, Pap ka ghada bharne par hi fut ta he, der se hi sahi sarkar ko ab sadbudhi to aayi, aap ki bhi ankhon se parda jis din uth jayega us din dudh ka dudh aur pani ka pani nagar aa jayega.
S P GEHLOT AB BAHUT JALD TUMHARE NMART KI BAND HO JAVEGI.BR
मेने इस चर्चा में कहीं भी एनमार्ट का नाम नहीं लिया हे आप अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए और चर्चा के विषय से लोगो को भटकाने के लिए आप ही इसे बीच में ला रहें हें लेकिन आपको यह नहीं पता कि इस तरह से आप किसी दूसरी कंपनी का विग्यापन फ्री में ही कर रहें हे, और रही बात कंपनी के सही या ग़लत होने की उसका निर्णय तो नेटवर्कर आपके द्वारा बताई गई कंपनी की साइट पर विजिट कर के खुद ही कर लेंगें क्योकि कोई कितने समय घर बेता रहेगा, खाली बातों से घर नहीं चलता यह जीवन की हक़ीकत हे
S P GEHLOT JI BHEDIYE AUR KUTTE RAT KO HI JYADA BOLTE HAI. GHABRAIYE MAT JALD HI SAVERA HONE WALA HAI . JAI RCM
Aap abhi tak Bhediye aur kutto ke sath hi rah rahe the isliye aapko sapne me bhi unhi ki aavaj sunai deti he ab ek SHER ki Dahar suni to Uunt Pahad Ke Niche Aa gaya he, aage aage dekhna hota he kya.
Gehlot jee bujurg ho sakte hai.Ho sakta hai ki bahar ka saman use karke unka dimag satak gaya ho.Isliye woh apne RCM business v thik se chala nehi paye.Ho sakta hai ki is naya sciense ko na samajh ke apne kamjor dimag chalane ke karan woh PUC chalane me byarth ho gaye hai.Aur koi jab byarth hota hai to kavi kavi anap sanap v bak dete hai. unke bato se to ekdam clear hai ki usme jada sochne ki takat nehi hai.Agar hota to PUC khulne se pahele woh sabkuch janch karta.Unke baton se pura ka pura pata chal raha hai ki woh kam arne se pahele sochte nehi kam karne ke bad paschatap karte hai aur dusre ko dos dete hai. Firvi unko kutte sath tulna agar nehi karte to hi achcha hota.JOY RCM.
ek bar chalu ho jane do to lakho logonki chule jalegi
chund logonke leye karodoki jindagi barbad kyu karate ho
प्रिय मित्र, कहतें हें कि जिस भगवान ने इस स्रष्टी में सह्स्त्रो जीवो को पेट दिया तो चोंच भी दी और दाना भी, वे भी भुके नहीं मर रहें हें तो आप तो कर्मयोगी इंसान हे ठगी, चोरी के पैसे से पेट भरने कि बजाय कर्म करके ईमान की कमाई से खाएँ.
S P GHALOT BHAI SHER JAB GHAYAL HOTA HAI TO KAUWE BHI CHOCH MARTE HAI . AAP BHI CHOCH MAR RAHE HO MAR LO JITNA CHOCH MARNA HO MAR LO. BAHTI HUI GANGA ME PAPIYO KE PAP DHONE SE GANGA MAYLI HONE WALI NAHI HAI. JAHA TAK MERA SAWAL HAI RCM AGAR GALAT BHI HAI TO HAM ANTIM LADAI TAK RCM KA SATH DENGE. Q KI HAM NAMAK HARAM NAHI HAI NAMAK HALAL HAI . NAMAK KA SAIRIYAT MARTE DAM TAK CUKAYENGE. JAI RCM
jiyo mere sher aap par naaz hai hume .aap jaise ho to koi kuchh bhi nahi bigar sakta hai rcm ka.jai rcm!RCM CDWA ZINDABAAD!!!
kuch bhi ho kahi na kahin kuch to hai jis karan rcm fansha trimurti tredars nautanwa
भाई पवन जी, कुछ नहीं पूरे कुए मे ही भाँग पड़ी हुई थी, कंपनी हर स्तर पर हर तरह से लूट रही थी अब एक एक कर के सभी कारनामे सामने आ जाएँगे.
प्रिय शर्मा जी, पापियों का साथ छोड़ दे, जब जागें तभी सवेरा. इन पापियों के एक-एक कर के कई कारनमें उजागर हो गये हें फिर भी आप की आँखे नहीं खुली क्या? इन्होने भोले भाले लोगों को किस कदर अपने फ़ायदे के लिए भावनाओं के जाल में जाकड़ रखा था उसका आप एक उदाहरण हें.
आपकी बातों से ही लगता हे कि आप आरसीएम के बड़े लीडर हें क्योंकि लीडरों को बढ़ा चढ़ा कर बताने की ही वहाँ ट्रेनिंग दी जाती थी, 300 रुपये का कमीशन आता था तो भी वे सामान्य लोगों को फाँसने के लिए 30000/- बताते फिरते थे और फिरते समय गाड़ी में पेट्रोल मीटिंग में लाने वाले और आने वाले लोगो से 30/–30/- रुपये ले कर भराते थे यह हक़ीकत थी और दूसरी हक़ीकत टीसीजी की ट्रेनिंगो की आपने खुद ही गाली दे कर बतादी अब आप अपने सात लाख के स्टॉक की रोज अगरबत्ती करते रहना क्योकि अब आम जनता तो दो कोड़ी का घटिया सामान पूरे दाम दे कर बिना बिल लेने आएगी नहीं.
sp gehlot ji maine dekha hai 50000/- tak salary wale leaders ko.apka concept clear nahi hai rcm ke bare me.aapko rcm university siksh lene ki jarurat hai.agar aap sikh len to apki jindgi ban sakti hai.aap apne aap ko pehchan sakten hain.thanks jai rcm.
भाई दिनेश जी, आपने तो सिर्फ़ 50000/- प्रति माह लेने वाले को ही देखा हे लकिन मेने एसे एसे कई लीडरों को खून के आँसू रोते हुए देखा हे जिनकी आय 500000/- पाँच लाख प्रति माह से 0 पर आ गई थी, जिसका कारण कंपनी ने हेराफेरी कर के उनकी एक लेग काट कर किसी दूसरे प्रभावशाली लीडर की लेग में जोड़ दी इस सदमे से कुछ लीडर इस ‘धोखाधड़ी वर्ल्ड’ जिसे आप “आरसीएम वर्ल्ड” कहते हें से सीधी दूसरी दुनिया में चले गये. मेरी बात को आप मज़ाक मे नहीं ले हमारे पास हमारे द्वारा कही गई हर बात का पुख़्ता सबूत हे, पिछले कई दिनों से लीडरों की नोटॅंकी देख रहा था इस लिए अब मजबूर हो कर सही बात लोगों तक पहुँचे इसलिए लिख रहा हूँ.
RCM CDWA ZINDABAAD!!!
ठग कंपनी की ठगी के तरीके सीखने के लिए बनाई गई यूनीवर्सिटी (बिना पंजियन की) के प्रिन्सिपल जैल जाने से पहले अपने शार्गिददो को शायद यह एक और तरह की ठगी का नया तरीका सीखा कर गये हे ताकि शार्गीदौ की रोज़ी रोटी चलती रहे वरना इतने सालों में तो इनको ‘RCM CDWA’ “आरसीएम कंज्यूमस एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन” बनाने की याद नहीं आई जबकि करोड़ो लोग डिस्ट्रीब्यूटर्स बन चुके थे इनको यह नहीं पता कि “काठ की हाँडी बार-बार नहीं चढ़ती”, आम डिस्ट्रीब्यूटर्स अब संभल चुका हे और “दूध का जला छाछ भी फूँक कर पीता हे”.
rcm hit to
india hit!!!
band karo ye jhagda prinam ane tak kuch bhi nahi kaha ja sakta jai rcm
Mr SP Gehlot Who has paid you to write negative comment on this great RCM business.Secondly you are working for which company.Moy god help you.
श्री राम सिंह जी, भगवान जैसा नाम होने के बाद भी आप किसी पीड़ित की आत्मा की आवाज़ को पैसे ले कर निकली आवाज़ बता रहें हें इससे साफ जाहिर होता हे कि एक ठग ने अपनी ठगी चलाने के लिए कितनी सफाई से जाल बुना कि लोगो के सोचने समजने की शक्ति भी क़ैद हो गई.
I HAVE ALSO MANY PROOFS AGAINST.I HAD ALSO LAUNCHED COMPLAINT AGAINST THEM AROUND FOUR YEARS AGO AND FIGHTING AGAINST THEM.
SO IF YOU NEED ANY HELP JUST CONTACT.AROUND LAK DUES PENDING ON RCM OF MY PERSONAL.
SO PLEASE CONTACT ,AS I ALSO WANT TO RECOVER MY MONEY.
THERE TELECOM ,INSURANCE AND MANY OTHER SYSTEMS ARE TOTALLY FRAUD.
THEY ALSO SOLD THE GOODS AFTER EXPIRY DATE. TO PROVE THIS A RAID IS SUFFICIENT ON PUC OR BAZAR.
भाई जी, पूरे कुए मे ही भाँग पड़ी हुई थी, कंपनी हर स्तर पर हर तरह से लूट रही थी अब एक एक कर के सभी कारनामे सामने आ जाएँगे.
priy s p gehlot ji abhi tak to soya tha lekin 9 disembar se jag gaya hun. desh ke bhrshtachariyo , riswat khoro, desh drohiyo se ladne ke liye ab jag gaya hun. sujhao dene ke liye aapko bahut bahut dhanyabad. gehlot bhai pata nahi aap hamse umra me bade hai ki chhote hai mai chhama chahata hun ek ramayan ki chaupai sunata hun. ( jaki rahi bhawana jaisi prabhu murat dekhi tin taisi ) aap apne najar se negetive ka parda hataynge tabhi aapko rcm (rcm charitra manas) jaisa dikhega nahi to aap jo dekh rahe hai usi tarah dikhta rahega . jai rcm..
शर्मा जी, यही बात यदि आप अपने पर लागू करले तो करोड़ो लूटे हुए लोगों को न्याय दिला पाएँगे.
Mr. Gahlot ye hai dusri khuskhabri
My n mart account number is xxxxxxxx and mob number is xxxxxxxxxxxxxxxx. When I try to log in then the password is found wrong and when I click the forgot password then it is showed that the ID has closed or does not match with the mobile number
please send the password on the mobile or e-mail
मेने इस चर्चा में कहीं एनमार्ट का नाम नहीं लिया हे आप अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए और चर्चा के विषय से लोगो को भटकाने के लिए आप ही इसे बीच में ला रहें हें लेकिन आपको यह नहीं पता कि इस तरह से आप किसी दूसरी कंपनी का विग्यापन फ्री में ही कर रहें हे और रही बात कंपनी के सही या ग़लत होने की उसका निर्णय तो नेटवर्कर आपके द्वारा बताई गई कंपनी की साइट पर विजिट कर के खुद ही कर लेंगें क्योकि कोई कितने समय तक घर बेता रहेगा, खाली बातों से घर नहीं चलता यह जीवन की हक़ीकत हे
आशीष कुमार जी,
आपको होली का नमस्कार, आप की अतिबुद्धिमानी की वजह से मेरे पास रोज के कई काल आ रहें हे जो कि एन-मार्ट का प्लान जानना चाहते हें और ज़ोइनिंग लेना चाहते हें अंत आपको इसका धन्यवाद.
अरे मूर्ख गूगल या फेसबुक पर किसी के नाम को सर्च कर के तुम यह समझते हो कि तुमने उसे खोज लिया हे तो तुम्हारे से बड़ा इस नेट की दुनिया में कोई बेवकूफ़ नहीं हे क्योकि यहाँ कि दुनियाँ बड़ी निराली होती हे लड़के यहाँ लड़की बन कर चेट करते हे तुम्हारे जैसा कोई मंदबुद्धि बालक उस नेट पर लड़की बनी षोडसी के साथ जब प्यार की पीगें बढ़ता हे तो वह आख़िर में न घर का रहता हे न घाट का.
खेर मेरे आपके द्वारा बताये गये मोबाइल नंबर पर पूरे देश से कई लोग फ़ोन कर रहें हें और लोग यह जानना चाहते हे कि यह “एन मार्ट” क्या बला हे जिसकी आँधी से बड़े-बड़े वर्षों से स्थापित कई बड़े पेड़ धराशाई हो गये छोटे-मोटो का तो नामोनिशान ही मिट गया, आपकी वजह से मेरा फ़ोन अतिव्य्स्त हो गया हे अंत उन्हें असुविधा न हो इसलिए यहाँ में अपने ब्लॉग का पता दे रहा हूँ जिसे आपने अपनी खोज में इर्ष्यावश जानबूझ कर नहीं दिया था.
साथियों एन-मार्ट के बारे में पूरी सही जानकारी और ज़ोइनिंग लेने के लिए मेरे ब्लॉग http://www.nmart.webnode.com पर और कंपनी की साइट http://www.nmart.co.in का विजिट पहले ज़रूर करें उसके बाद भी यदि बात करना ज़रूरी हो तो मेरे मो न 07597949128 पर संपर्क कर सकते हे, धन्यवाद.
आपका शुभचिंतक
सोमप्रकाश गहलोत (s. p. gehlot)
सर आशीष कुमार जी,
आपको होली का नमस्कार, आप की अतिबुद्धिमानी की वजह से मेरे पास रोज के कई काल आ रहें हे जो कि एन-मार्ट का प्लान जानना चाहते हें और ज़ोइनिंग लेना चाहते हें अंत आपको इसका धन्यवाद.
अरे मूर्ख गूगल या फेसबुक पर किसी के नाम को सर्च कर के तुम यह समझते हो कि तुमने उसे खोज लिया हे तो तुम्हारे से बड़ा इस नेट की दुनिया में कोई बेवकूफ़ नहीं हे क्योकि यहाँ कि दुनियाँ बड़ी निराली होती हे लड़के यहाँ लड़की बन कर चेट करते हे तुम्हारे जैसा कोई मंदबुद्धि बालक उस नेट पर लड़की बनी षोडसी के साथ जब प्यार की पीगें बढ़ता हे तो वह आख़िर में न घर का रहता हे न घाट का.
खेर मेरे आपके द्वारा बताये गये मोबाइल नंबर पर पूरे देश से कई लोग फ़ोन कर रहें हें और लोग यह जानना चाहते हे कि यह “एन मार्ट” क्या बला हे जिसकी आँधी से बड़े-बड़े वर्षों से स्थापित कई बड़े पेड़ धराशाई हो गये छोटे-मोटो का तो नामोनिशान ही मिट गया, आपकी वजह से मेरा फ़ोन अतिव्य्स्त हो गया हे अंत उन्हें असुविधा न हो इसलिए यहाँ में अपने ब्लॉग का पता दे रहा हूँ जिसे आपने अपनी खोज में मेरे से इर्ष्यावश जानबूझ कर नहीं दिया था.
साथियों एन-मार्ट के बारे में पूरी सही जानकारी और ज़ोइनिंग लेने के लिए मेरे ब्लॉग nmart.webnode.com पर और कंपनी की साइट nmart.co.in का विजिट पहले ज़रूर करें उसके बाद भी यदि बात करना ज़रूरी हो तो मेरे मो न 07597949128 पर संपर्क कर सकते हे, धन्यवाद.
आपका शुभचिंतक
सोमप्रकाश गहलोत (एस. पी. गहलोत)
सर आशीष कुमार जी,
आपको होली का नमस्कार, आप की अतिबुद्धिमानी की वजह से मेरे पास रोज के कई काल आ रहें हे जो कि एन-मार्ट का प्लान जानना चाहते हें और ज़ोइनिंग लेना चाहते हें अंत आपको इसका धन्यवाद.
अरे मूर्ख गूगल या फेसबुक पर किसी के नाम को सर्च कर के तुम यह समझते हो कि तुमने उसे खोज लिया हे तो तुम्हारे से बड़ा इस नेट की दुनिया में कोई बेवकूफ़ नहीं हे क्योकि यहाँ कि दुनियाँ बड़ी निराली होती हे लड़के यहाँ लड़की बन कर चेट करते हे तुम्हारे जैसा कोई मंदबुद्धि बालक उस नेट पर लड़की बनी षोडसी के साथ जब प्यार की पीगें बढ़ता हे तो वह आख़िर में न घर का रहता हे न घाट का.
खेर मेरे आपके द्वारा बताये गये मोबाइल नंबर पर पूरे देश से कई लोग फ़ोन कर रहें हें और लोग यह जानना चाहते हे कि यह “एन मार्ट” क्या बला हे जिसकी आँधी से बड़े-बड़े वर्षों से स्थापित कई बड़े पेड़ धराशाई हो गये छोटे-मोटो का तो नामोनिशान ही मिट गया, आपकी वजह से मेरा फ़ोन अतिव्य्स्त हो गया हे अंत उन्हें असुविधा न हो इसलिए यहाँ में अपने ब्लॉग का पता दे रहा हूँ जिसे आपने अपनी खोज में मेरे से इर्ष्यावश जानबूझ कर नहीं दिया था.
साथियों एन-मार्ट के बारे में पूरी सही जानकारी और ज़ोइनिंग लेने के लिए मेरे ब्लॉग nmart.webnode.com पर और कंपनी की साइट nmart.co.in का विजिट पहले ज़रूर करें उसके बाद भी यदि बात करना ज़रूरी हो तो मेरे मो न 07597949128 पर संपर्क कर सकते हे, धन्यवाद.
आपका शुभचिंतक
सोमप्रकाश गहलोत (एस. पी. गहलोत)
jay jay INDIA
s p gehlot ji ko iswar satbuddhi de.
एक ठग ने अपनी ठगी चलाने के लिए कितनी सफाई से जाल बुना कि लोगो के सोचने समजने की शक्ति भी क़ैद हो गई.
Mr. Gahlot ye tumhare liye khushkhabri
Support Bharat Kansagra Click:
http://www.Nmart.co.In as per detail in above site, there is one scheme to given rs.5500/- We will received rs 11000/- After 48 months & also received rs 220/- Gift voucher in every months also more benifits offered which are explain in abve site.
As read above detail my self (bharat kansagra M-9925029855) join nmart on nov-2009 & I had paid money rs 5500/. But I had received kit from n mart on feb-2010 after so much follow up & also received gift voucher for one year only I.E. Up to feb-2011.
But still we have not received any gift voucher last from 4 monthes. I am not getting sufficient responce from company side
मेने इस चर्चा में कहीं भी एनमार्ट का नाम नहीं लिया हे आप अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए और चर्चा के विषय से लोगो को भटकाने के लिए आप ही इसे बीच में ला रहें हें लेकिन आपको यह नहीं पता कि इस तरह से आप किसी दूसरी कंपनी का विग्यापन फ्री में ही कर रहें हे, और रही बात कंपनी के सही या ग़लत होने की उसका निर्णय तो नेटवर्कर आपके द्वारा बताई गई कंपनी की साइट पर विजिट कर के खुद ही कर लेंगें क्योकि कोई कितने समय तक घर बेता रहेगा, खाली बातों से घर नहीं चलता यह जीवन की हक़ीकत हे.
सर आशीष कुमार जी,
आपको होली का नमस्कार, आप की अतिबुद्धिमानी की वजह से मेरे पास रोज के कई काल आ रहें हे जो कि एन-मार्ट का प्लान जानना चाहते हें और ज़ोइनिंग लेना चाहते हें अंत आपको इसका धन्यवाद.
अरे मूर्ख गूगल या फेसबुक पर किसी के नाम को सर्च कर के तुम यह समझते हो कि तुमने उसे खोज लिया हे तो तुम्हारे से बड़ा इस नेट की दुनिया में कोई बेवकूफ़ नहीं हे क्योकि यहाँ कि दुनियाँ बड़ी निराली होती हे लड़के यहाँ लड़की बन कर चेट करते हे तुम्हारे जैसा कोई मंदबुद्धि बालक उस नेट पर लड़की बनी षोडसी के साथ जब प्यार की पीगें बढ़ता हे तो वह आख़िर में न घर का रहता हे न घाट का.
खेर मेरे आपके द्वारा बताये गये मोबाइल नंबर पर पूरे देश से कई लोग फ़ोन कर रहें हें और लोग यह जानना चाहते हे कि यह “एन मार्ट” क्या बला हे जिसकी आँधी से बड़े-बड़े वर्षों से स्थापित कई बड़े पेड़ धराशाई हो गये छोटे-मोटो का तो नामोनिशान ही मिट गया, आपकी वजह से मेरा फ़ोन अतिव्य्स्त हो गया हे अंत उन्हें असुविधा न हो इसलिए यहाँ में अपने ब्लॉग का पता दे रहा हूँ जिसे आपने अपनी खोज में मेरे से इर्ष्यावश जानबूझ कर नहीं दिया था.
साथियों एन-मार्ट के बारे में पूरी सही जानकारी और ज़ोइनिंग लेने के लिए मेरे ब्लॉग nmart.webnode.com पर और कंपनी की साइट nmart.co.in का विजिट पहले ज़रूर करें उसके बाद भी यदि बात करना ज़रूरी हो तो मेरे मो न 07597949128 पर संपर्क कर सकते हे, धन्यवाद.
आपका शुभचिंतक
सोमप्रकाश गहलोत (एस. पी. गहलोत)
M. No. 07597949128
SAALE TUM KO AUR KOI KAM HAI YA NAHI.AAJ RAJSTHAN SARKAR JIN LOGON KO BARBAD KAR RAHI HAI WO LOG SAMNE AA KAR ANDOLAN KAR RAHI HAI.LEKIN JIN SALLO KO RCM NE THAGA HAI WO SAALE LOG KAHAN HAI.?
sp gehlot ji….
RCM..
come once stay forever…..hai-
jai rcm..
dear all RCM distributor, kichar par pathar fekne se kichar khud ke upar aata hai. main jaanta hoo ye wahi gahlot hai jo apni Nmart ka prachar kar raha hai apne aaka ke liye. ye soch raha hai isse RCM distributor ko Nmart me join kara lenge. lekin is bebkuf se ye pujhna chah raha hoo ki agar intni jankari RCM ke bare mai tha to ab tak kya kar raha tha. aur aaj jo RCM PUC hitaisi bana hua hai to kya jsne PUC liya kya usko jabardasti diya gaya hai. kya aapke pados me bhi bahut dukan wale hai kya sab saman rup se kamata hai aisa ho hi nahi sakta. raha baat margin ka to is baat se saf ho jata hai ki RCM sara fayda RCM distributor ko diya jata hai. 6% margin kam nahi hoti hai agar aapki sale 5-10 lakh mahina ka hai to 25-50 hajar kam nahi hota. aap soch sakte ha jis tarah Gahlot baat kar raha hai isse ye sabit hota hai ki aur company bahooooooooot jya margin rakhta jo ham logo se liya jata hai
Jai RCM
मेने इस चर्चा में कहीं भी एनमार्ट का नाम नहीं लिया हे आप अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए और चर्चा के विषय से लोगो को भटकाने के लिए आप ही इसे बीच में ला रहें हें लेकिन आपको यह नहीं पता कि इस तरह से आप किसी दूसरी कंपनी का विग्यापन फ्री में ही कर रहें हे, और रही बात कंपनी के सही या ग़लत होने की उसका निर्णय तो नेटवर्कर आपके द्वारा बताई गई कंपनी की साइट पर विजिट कर के खुद ही कर लेंगें क्योकि कोई कितने समय तक घर बेता रहेगा खाली बातों से घर नहीं चलता यह जीवन की हक़ीकत हे
To
Mr.S.P.Gehlot Jee
Pahele apko mera pranam.Main RCM ke ek aam distributor hun.2006 sal se main lagatar RCM system me hun.Avi tak main sirf Eagal pin tak pahnch paya hun.In 6 sal me mere pas jo chota sa anubhab aya hai usike adhar par main 100% gurantee ke sath ye kahe sakta hun ki avi tak hamare desh ke kuch chand log hi Direct selling system ko thik se samajh paya hai.Main ye to kavi nehi kahunga ki main Direct selling system ko pura samajh chuka hun, lekin mereko ye to jarur samjh me aya hai ki Aaj ke tarikh me pure desh me koi v admi se agar pucha jai ki aap kaun sa toothpaste use karte ho? To 95% logo ki juban se COLGATE, CIBACA,PEPSODENT,CLOSE UP, BABUL aur DABUR RED -ye sirf 6 tooth paste ka hi naam ata hai.Aur ye 6 toothpaste banate hai HUL,COLGATE aur DABUR jaise only 3 companys.To iska matlab hua pure desh ke 100 crore admi ka paisa har roj sirf 3 company ke pas ja raha hai.Jisme 2 company to bideshi hai. Desh ki har ek admi ka bahat chota sa rakam eksath hoke ek bahat bahat bare rakam banke un 2 bideshi company ke madhyam se har roj bidesh pe chala ja raha hai.Isitara sirf 10 crore admi se agar 2 rupiya karke le liya jai to woh 20 crore rupiya ban jata hai.RCM wohi 2 rupiya har ek customer/distributor ko de rahe hai(36 rupiya ka RCM Herbal Tooth paste use karke lakho logo ki upkar hua hai).Sath hi desh ki koi v berojgar logo ke pas RCM tooth paste paribar palne ki ek jaria v ban gaya hai.Kya COLGATE, CIBACA,PEPSODENT,CLOSE UP, BABUL-se desh ke aam admi ke pas kavi ek v paisa income a sakta hai ? Kya desh ke lakho berojgar logo ke pas woh toothpaste ko le kar marketing karne ka kavi mauka mil sakta hai? Answer hai NEHI….. Ye sab swikar karne ke liye ham sab majbur v hai.lekin dukh is bat ka hai ki, is mahan bat ko log najar andaj karke RCM ke chote chote galtia par bahat gahera charcha suru kar deta hai.Tab woh pura ka pura bhul jata hai ki hamare desh ka hi ek insan T.C.jee ko badnam karke hamara desh ka dhan woh bidesh me bhejne ke liye paroksha rup me madad kar raha hai. Kis tarah se hamara dhan ko bidesh me jane ke liye roka jai?iske upar koi thora sa v chintan karenge to unko samajh me ye a jayega ki avi tak hamare swadesh ki RCM system ke siba koi ek v system nehi hai jiske Madhyam se bigyapan me aur videsh me paisa jane me rok lagaya ja sake.
Isi bat ko RCM ke kuch chand sevak hi samajh paye.Aur woh sachcha sevak log hi aaj is bikat paristhiti par larai kar rahe hai.Isi liye un desh bhakto ko RCM ke har sachcha sevak aaj salam kar rahe hai.
Manoniya Gehlot jee,apne ek jagah me ullekh kiya ki RCM ke 1.5crore distributor hote hue v itne kam log kyun anashan kar rahe hai?baki sab log kahan gaye hai?Aapke is sawal ka uttar hum aage binamrata purbak dene ki koshis kiye hai. RCM me koi v jur sakta hai.Isiliye pichle 11 salo se log lagatar jurte gaye.Lekin jure hue un 1.5 crore admi me se chand log hi RCM ke adarsha ko apnaya .Aaj jo log anashan kar rahe hai woh log RCM ke us mahan bato ko adarsh mante hue hi kar rahe hai.Aur aaj is ghor kalyug me jiban me sirf adarsho ke liye kam karne bala log bahat kam dikhai dete hai..Kuch log RCM se jure to the ,lekin Woh ye sab adarsh ko bakhwas samajh te hai aur unka sirf ek hi lakshya tha ki kis tarah se isse paisa kamaya jai.Baki jada se jada log Direct Selling System ko pratistha dene ke liye kam nehi kiya balki kis tarah se logo se beimani karke jada se jada rupiya kamaya jai iske bare me socha.Isiliye aaj anashan ke jagah un logo ko hi dikhai de raha hai jo RCM ke un mahan adarsho ko mante hai.Aapne ullekh kiya ki log 30-100 rupiya ke ticket kharid ke seminar dekhte jate the aur usse un sab chand leader aur Company ke pas hi paisa ja ta tha,lekin aaj woh seminar ka bhir kaha gaya? Gehlot jee ,ek taraf se aapka bat to sahi hai lekin Aap sayad jante nehi honge ki aaj jo log ye anashan kar rahe hai unme na to RCM ke so called bare bare leader hai nahi ye T.C.Jee ke adesh pe ho raha hai.Ye andolan kar rahe woh log jinko RCM system ki asli maksad ko pura karne ka sachcha aur atut biswas hai. Gehlot jee, Aapne T.C. jee ko aur anashan chalane bale sabhi ko ‘thagi’ karar diye.Agar itne sare log sachmuch ‘thagi’ hote to ek ‘thagi’ kavi ek dusre ‘thagi’ ke bato me akar anashan nehi karta. ‘‘Anashan aur sadbuddhi ka haban” jaisa pabitra aur ahinsa bali soach kavi ek ‘thagi’ ke pas aa nehi sakta.Aur jadi by chance kisi dusre madhyam se avi jaye, to usse implement karne ka sahas aur himmat unke pas kavi nehi asakta hai.Kyunki ek asli ‘thagi’ kavi v biparit paristhite ke sath larai karna pasand nehi karte balki woh paristhitio ka faida uthana jada pasand karte.Aur aisa ho v raha hai. Aaj aise bahat sare so called Pin Achiever ko dikhai de raha hai jo log RCM se bahat paise kamate hue v thora sa paristhiti badla to RCM ka sath chor ke iske badnam karne pe utar aye hai.Gehlat jee is system ka asli thagi to ye sab so called gadder Pin Achiever hai.Aaj tak apne kavi thagi logo ko binamrata se, kanuni prakriya ke madhyam se nay ki mang karte hue dekha hai?
Rahi baat ‘‘Thagi’’ T.C.jee ki. Ye to bilkul saf hai ki aap jab RCM se hue aap ke hani ke bare me likhe hai, to iska matlab ekdam saf hai ki, bahat dino se ye sab bate aapke dimak me yani ki apke soch me chal raha the.Aur net me apka woh sab lekhai dalne ke samai v aap soche honge. Isse Hum sirf ye hi kahena chahata hun ki, kuch v likhne ke liye har insan ko sochna parta hai.Aur insan ke woh soch hi kuch samay bad unke karya me rupantarit ho jate hai.Is hisab se jo log ‘thagi’ hote hai woh har waqt usi tarah sochte v hai aur karya v karte hai.To avi sawal uthta hai ki ,Agar T.C.jee ‘thagi’ honge to unhone ‘‘JIBAN EK KHONJ’’, ‘‘SHAKTI KA KHAJANA’’(Apse main binamrata se puch na chahunga ki kya aap in pustako ko kavi pare hai?)jaise krantikari pustake kaise likh paye.Itne sare kabita kis tarah se woh likh paye? Ek thagi ke pas itna sundar bichar aur itni lekhan shakti kahan se aye?Agar woh thagi honge to in thagi ke karbar me woh apnze bête(jo khud ek MBA hai)ko aur apne sadisuda beti ko v kyun lagaye?Pure Chhabra paribar hi kyun is ‘thagi’ ke karobar me jur gaye. Is ‘thagi’ ne is 11 salo ne lav to bahat kiye lekin woh lav lekar wo isse paheli hi bhag kyun nehi gaye?Aur unhone us paiso bideshi banko me jama karane ki jaga is system kyun aur barate gaye? Agar T.C.jee suchmuch ‘Thagi’ honge to unhone sare ke sare jameen aur sampad desh me hi kyun kharide? Aur itna bara thagi ke karobar ko 11 sal bad hi polish ne kyun pakra?Pure desh se hajaro log har roj is ‘Thagi’ company ko visit karne jate the,RCM ke bishal factory,bishal tantra sab kuch un sab logoko dekhai dia. Agar sare desh ki lakho sadharan admi ko RCM ki is bisalta ke bare me jankari tha, to itne din tak Rajasthan polish is thagi company ke against me action kyun nehi liye? Aapne arope lagaya agar T.C. jee sachha honge to woh bhage kyun the? Avi main apse ek prashna puchna chahunga ki unka agar sachmuch bhagne ka irada hota to,kya woh Rajasthan me hi para raheta.Kya woh kavi dur bhag ne ka prayas na karta? Is tarah ka sara ka sara sawal ka jawab main apse mang raha hun?Asha hai in sare sawalo ka jabab na dekar mujhe aap thagayenge nehi?
यह भारत हे यहाँ ठगी में हिस्सा पाने वाले गिरोह के सदस्य अपने गिरफ्तार हुए सरदार को छुड़ाने के लिए आमरण अनशन भी कर सकते हें, क्योकि आख़िर सरदार छूटेगा तभी तो उनको ठगी में हिस्सा मिलना वापस शरु हो पाएगा उन नादानो को क्या पता क़ि जिसे वे रोज़गार समज रहें हें वह हक़ीकत में लाखों लोगों को ठग कर ठगी की कुछ रकम चंद लोगों में बाँटने का खेल था ताकि वे लोग सरदार की वा-वा करते रहें और चंद रुपयो के लालच में सरदार के सेवक बन कर नित नये भोले लोगो, ग्रामीणों को सरदार की एसी नित नयी स्कीमों में फाँसते रहें जिनकी शर्तें एसी कि न तो नौ मॅन तेल हो न राधा नाचें, और वह बेचारे यदि किसी तरह शर्त पूरी करने की स्थति तक पहुँचने वाले ही हो कि सरदार पुरानी स्कीम को बंद कर के नयी स्कीम लागू कर दे यदि कोई बोलने की हिमाकत करे तो सरदार उसकी आईडी ही टर्मिनेट करदे आख़िर सरदार की सल्तनत हे तो नियम कायदे सरदार के ही तो होंगे उन्हे चुनी हुई सरकार के नियम-अधिनियम की क्या परवाह? जिसमें ये सरदार लोग उनकी भावनाओं और मासूमियत को अब भी लूट रहे हें, अगर सरदार पाक-साफ थे तो न्याय व्यवस्था से भागते क्यों फिर रहे थे? और अब जब पकड़े गये तो इतने स्वार्थी निकले क़ि खुद को छुड़वाने के लिये न्यालय में अपने को निर्दोष साबित करने के बजाया मासूमों को धरने और आमरण अनशन करने का आदेश दे रहें हे. कुछ समय पहले तक देश की भलाई सोचने का ढोंग करने वाले सरदार अब गिरफ्तार होने पर पूरे देश में अराजगता फेलाना चाहते हें क्या इससे उनकी अपने देश के प्रति वास्तविक सोच उजागर नहीं होती हे? इस बात को आमजन को भी समजना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति अपने व्यापार से नियमानुसार कर आदि चुका कर प्राप्त हुई शुद्ध आय से अधिक की संपति यदि बनाता हे तो अधिक वाला पेसा क्या हे? और कहाँ से? केसे आया? उसे एक न एक दिन दुनिया को बताना पड़ेगा ही और यह तो सभी जानते ही हे कि भगवान के घर देर हें अंधेर नहीं और उसकी लाठी आवाज़ भी नहीं करती
sir S.P. Gehlot appe sai bat kar raha hai god helps you
भाई एक छोटी सी चिंगारी भी शोला बन सकती हे और एक सच्ची चीटी यदि ठान ले तो अपनी शक्ति के मद में चूर हाथी को भी ज़मीन दिखा सकती हे, इतिहास गवाह हे कि निरंकुश लोगो को चाहे वे सत्ताधारी थे या व्यापारी उन्हे साधारण जन ने सबक सिखाया था और आज भी सीखा रहें हें, आप मेरे पक्ष में खड़े हुए इसका आपको बहुत-बहुत धन्यवाद.
mr s p gehlot ji ab to hame pakka vishwas ho gaya ki kisi bhi byakti ko jo bastu sabse adhik pyari lagne lagti hai to wah byakti diwana ho jata hai. pagal ho jata hai. wah kuchhbhi kahne me sankoch nahi karta hai. jo man me aata hai kahta rahta hai. pagal banne ke mukhya 2 karan hote hai. 1- adhuri jankari , 2- awashyakta se adhik jankari. aap rcm ko in dono jankari mese kaun si jankari rakhte hai . hame lag raha aap bhi rcm ke diwane hai Q ki aap ke tiriskar me pyar jhalakta hai. pareshan hone ki bat nahi hai. jeet rcm ki hi hogi. puc aapko hi chalana hai. vijay rcm
Suresh ji, ab ye galot ji bolne wale nahi hai kyonki inko bhi ab bhank lag chki hai ki RCM chalu hone wala hai. ab wo phir se RCM me hi aane wala hai kyonki NMart ka sacchai Ashish ji to bata diye hai aur unki pol khul chuki hai. wo chahte the kuch RCM wale Nmart kar le isliye bechare koshish kar rahe the. ab soch rahe hai bhali isi me hai ki chup rahu.
Jai RCM
मेने इस चर्चा में कहीं भी एन मार्ट N-mart का नाम नहीं लिया हे आप अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए और चर्चा के विषय से लोगो को भटकाने के लिए आप ही इसे बीच में ला रहें हें लेकिन आपको यह नहीं पता कि इस तरह से आप किसी दूसरी कंपनी का विग्यापन फ्री में ही कर रहें हे, और रही बात कंपनी के सही या ग़लत होने की उसका निर्णय तो क़ानून और नेटवर्कर आपके द्वारा बताई गई कंपनी की साइट पर विजिट कर के खुद ही कर लेंगें क्योकि कोई कितने समय तक घर बेता रहेगा, खाली बातों से घर नहीं चलता यह जीवन की हक़ीकत हे.
Mr. S. P Gahlot ye hai asli Nmart Ka Sach no. 3
Nmart retails a division of new look multi trade pvt ltd is fake and fraud private company is duping innocent people using the tricky business plan as now a days binary plan is totally banned. Then, the question is that ‘how such type of company launched in the market’? where is the govt machineries?
I am giving the illustration about plan provided in their web site [www.Nmart.Co.In] that- any one can join with hard cash of rupees 5500/- In this illegal plan.
After joining, every associate will get 220/- Per month for 48 months as cash voucher to purchase product, but the question is that where is the 5000 branded product? only limited product I found in their show room. I request to visit their mart for truth. Where is their commitment? all bogus and false. Just came in the market to do the money market business and after one year fly away.
Above and all, other their commitment is- after 48 months they will giving false statement that the company will return rs. 11,000/-.
It is absurd. Why?
return of 11000/-? Absurd. As it launched just for few months ago in the market. You have to wait for 48 months, that is long 4 years. Before that nmart will be no where.
I requesting please take necessary action for such type of business which is running in indian market
मेने इस चर्चा में कहीं भी एनमार्ट का नाम नहीं लिया हे आप अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए और चर्चा के विषय से लोगो को भटकाने के लिए आप ही इसे बीच में ला रहें हें लेकिन आपको यह नहीं पता कि इस तरह से आप किसी दूसरी कंपनी का विग्यापन फ्री में ही कर रहें हे, और रही बात कंपनी के सही या ग़लत होने की उसका निर्णय तो नेटवर्कर आपके द्वारा बताई गई साइट पर विजिट कर के खुद ही कर लेंगें क्योकि कोई कितने समय तक घर बेता रहेगा, खाली बातों से घर नहीं चलता यह जीवन की हक़ीकत हे.
सर आशीष कुमार जी,
आपको होली का नमस्कार, आप की अतिबुद्धिमानी की वजह से मेरे पास रोज के कई काल आ रहें हे जो कि एन-मार्ट का प्लान जानना चाहते हें और ज़ोइनिंग लेना चाहते हें अंत आपको इसका धन्यवाद.
अरे मूर्ख गूगल या फेसबुक पर किसी के नाम को सर्च कर के तुम यह समझते हो कि तुमने उसे खोज लिया हे तो तुम्हारे से बड़ा इस नेट की दुनिया में कोई बेवकूफ़ नहीं हे क्योकि यहाँ कि दुनियाँ बड़ी निराली होती हे लड़के यहाँ लड़की बन कर चेट करते हे तुम्हारे जैसा कोई मंदबुद्धि बालक उस नेट पर लड़की बनी षोडसी के साथ जब प्यार की पीगें बढ़ता हे तो वह आख़िर में न घर का रहता हे न घाट का.
खेर मेरे आपके द्वारा बताये गये मोबाइल नंबर पर पूरे देश से कई लोग फ़ोन कर रहें हें और लोग यह जानना चाहते हे कि यह “एन मार्ट” क्या बला हे जिसकी आँधी से बड़े-बड़े वर्षों से स्थापित कई बड़े पेड़ धराशाई हो गये छोटे-मोटो का तो नामोनिशान ही मिट गया, आपकी वजह से मेरा फ़ोन अतिव्य्स्त हो गया हे अंत उन्हें असुविधा न हो इसलिए यहाँ में अपने ब्लॉग का पता दे रहा हूँ जिसे आपने अपनी खोज में मेरे से इर्ष्यावश जानबूझ कर नहीं दिया था.
साथियों एन-मार्ट के बारे में पूरी सही जानकारी और ज़ोइनिंग लेने के लिए मेरे ब्लॉग nmart.webnode.com पर और कंपनी की साइट nmart.co.in का विजिट पहले ज़रूर करें उसके बाद भी यदि बात करना ज़रूरी हो तो मेरे मो न 07597949128 पर संपर्क कर सकते हे, धन्यवाद.
आपका शुभचिंतक
सोमप्रकाश गहलोत (एस. पी. गहलोत)
nmart.webnode.com
sp gehlot jee
desh ka bhavishy RCM business…
bavishya he ya durbhgy yah to samay hi batayega.
Mr. Gahlot ye hai tumhari sach no. 4
Ravichandran says :
Dear sir we have join nmart in tamilnadu state.We purchased in salem shopping mall. All product prices are very high compared local mini stores.Also.Horlics rs.140 rate in other stores.But our nmart rate152.So many associates feel that the price is high.All products prices are very high.I am sending so many mails in complaint department.But no use.They will not responding well.Top level leaders are going earn money purpose only.They will not answering to such this problem.How can poor peoples accept it Nmart Chit wth all indian People
मेने चर्चा में कहीं भी एनमार्ट का नाम नहीं लिया हे आप अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए और चर्चा के विषय से लोगो को भटकाने के लिए आप ही इसे बीच में ला रहें हें, लेकिन आपको यह नहीं पता कि इस तरह से आप किसी दूसरी कंपनी का विग्यापन फ्री में ही कर रहें हे, और रही बात कंपनी के सही या ग़लत होने की उसका निर्णय तो ” नेटवर्कर” आपके द्वारा बताई गई कंपनी की साइट पर विजिट कर के खुद ही कर लेंगें क्योकि कोई कितने समय तक घर बेता रहेगा, खाली बातों से घर नहीं चलता यह जीवन की हक़ीकत हे.
सर आशीष कुमार जी,
आपको होली का नमस्कार, आप की अतिबुद्धिमानी की वजह से मेरे पास रोज के कई काल आ रहें हे जो कि एन-मार्ट का प्लान जानना चाहते हें और ज़ोइनिंग लेना चाहते हें अंत आपको इसका धन्यवाद.
अरे मूर्ख गूगल या फेसबुक पर किसी के नाम को सर्च कर के तुम यह समझते हो कि तुमने उसे खोज लिया हे तो तुम्हारे से बड़ा इस नेट की दुनिया में कोई बेवकूफ़ नहीं हे क्योकि यहाँ कि दुनियाँ बड़ी निराली होती हे लड़के यहाँ लड़की बन कर चेट करते हे तुम्हारे जैसा कोई मंदबुद्धि बालक उस नेट पर लड़की बनी षोडसी के साथ जब प्यार की पीगें बढ़ता हे तो वह आख़िर में न घर का रहता हे न घाट का.
खेर मेरे आपके द्वारा बताये गये मोबाइल नंबर पर पूरे देश से कई लोग फ़ोन कर रहें हें और लोग यह जानना चाहते हे कि यह “एन मार्ट” क्या बला हे जिसकी आँधी से बड़े-बड़े वर्षों से स्थापित कई बड़े पेड़ धराशाई हो गये छोटे-मोटो का तो नामोनिशान ही मिट गया, आपकी वजह से मेरा फ़ोन अतिव्य्स्त हो गया हे अंत उन्हें असुविधा न हो इसलिए यहाँ में अपने ब्लॉग का पता दे रहा हूँ जिसे आपने अपनी खोज में मेरे से इर्ष्यावश जानबूझ कर नहीं दिया था.
साथियों एन-मार्ट के बारे में पूरी सही जानकारी और ज़ोइनिंग लेने के लिए मेरे ब्लॉग nmart.webnode.com पर और कंपनी की साइट nmart.co.in का विजिट पहले ज़रूर करें उसके बाद भी यदि बात करना ज़रूरी हो तो मेरे मो न 07597949128 पर संपर्क कर सकते हे, धन्यवाद.
आपका शुभचिंतक
सोमप्रकाश गहलोत (एस. पी. गहलोत)
Visit & Register Your Self at : nmart.webnode.com
dosto iai rcm isa mashih ko vi beokuf long ne soli par latka kar mar dala tha kintu isa mashih punar jivit ho kar apni kalishiya ke logong ko bachhane ke liye is duniya me aye .ttik usi tarah r=ram,c=christ,m=mohmad un beokuf logon ko buddi jarur denge jo RCM jaise mahan shakti ko mamuli samjh rahen hai. RCM jindabad jai RCM
sant ke chole ki aad le kar koi thagi ka karya kare usse nich koi ho nahi sakta, ese log bhed ki khal me bhediye hote he aur hamen inse door hi rahna chahiye.
Mr. Gahlot Tum jis N mart ke wajah se RCM jaise pavitra system ko badnaam kar rahe ho us maksad me kabhi kaamyab nahi ho sakte RCM ka sanskar hamare andar hai islye ham log bure shabd ka ismaan nahi kar raha hoo lekin agar apne par utar jaao to tumhari NMART ka chittha khol kar rakh dunga kyoki mujhe bhi pata hai kaun Company kya de rahi hai aur kahan se deti hai. Lekin agar RCM ke uper shak hai to wo shak bhi ham dur kar denge kyoki RCM me kuch bhi nahi chpa hai aur prashashan se bhi nahi chupa hai
Tumhare NMART ka Sach No. 5
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May sbi life may advisor hu. May nmart may join karna chata hu.But mujhe kisine ye baat ko kisine thik se bata nehi pate hai.Jo mujhe ye baat ko thik se samja dega may unki groop may kaam karna chahta hu. Ple mujhe ye bataiye ki rs/11000 loyality bonus pane keliye kya mujhe 72000 ki purchase karna jaruri hai?mujhe ek distributer ne bola tha ki aap mall ki 20 km ki area may nehi hai tho aap ko koi condition lagu nehi hoga.Aap purchase nehi karenge pher bhi aap ko ye bonus milega.Mujhe ye janha hai ki ye baat sabhi bol rahe hai but n mart ki bond may ya website may ye baat kiu nehi hai.Iska matlab ye hua ki sab jhut bol rahe hai.Koi mujhe batayega ki hum kaise man le ki ye baat such hai kuki internet aur bond may ye baat likha nehi hai
Agar ye baat sach hai ki sir join karne se 11000 ka loyalti de rahi ho main 100 ID dunga tum agar Stamp Paper per ye baat likh kar de do sirf join karna hai.
मेने इस चर्चा में कहीं भी एनमार्ट का नाम नहीं लिया हे आप अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए और चर्चा के विषय से लोगो को भटकाने के लिए इसे बीच में ला रहें हें लेकिन आपको यह नहीं पता कि इस तरह से आप किसी दूसरी कंपनी का विग्यापन फ्री में ही कर रहें हे, और रही बात कंपनी के सही या ग़लत होने की उसका निर्णय तो नेटवर्कर आपके द्वारा बताई गई कंपनी की साइट पर विजिट कर के खुद ही कर लेंगें क्योकि कोई कितने समय तक घर बेता रहेगा, खाली बातों से घर नहीं चलता यह जीवन की हक़ीकत हे.
Gehlot jee main apse mera sawal ka jawab manga tha. Lekin avi tak aap un ek v prashna ka uttar nehi dia. Aap sabke jabab de rahe hai to mere sawalo ka jabab v dijiye.Main aapse point to point jawab mang raha hun.
मेरा अपना ब्लॉग बन रहा हे उसमें आपको अपने सभी सवालों के जवाब और लाखों पीड़ितो के सवाल जिनके आप जवाब कहाँ से देंगे मालूम चल जाएगा.
दोस्त, हज़ारों RCM पीयूसी बंद हो गयी थी क्यो? RCM पीयूसी वाले बर्बाद हो गये थे, सिर्फ़ वही पीयूसी चल रही थी जिसका धारक अपनी नेटवर्क की कमाई भी पीयूसी में उडेल रहा था क्योंकि इतने कम मार्जिन में सभी खर्च निकालने के बाद एक पैसा भी शुद्ध लाभ नहीं हो रहा था हक़ीकत में पीयूसी संचालक को टी सी जी ने बड़ी ही सफाई से बेगारी मजदूर बना रखा था जो रात दिन काम भी करें, पूंजी भी लगाएँ और चू तक नहीं करें, और तो और लीडर लोग तो इस बात की ताक में रहते की कब वह मरणासान पीयूसी बंद हो ताकि वे किसी नये आसामी को पूरे स्टॉक के साथ पीयूसी, बाजार उस स्थान पर दिला सकें ताकि लीडरों और कंपनी की कमाई पर तो कोई आँच नहीं आये मरने वाले भलेहि मरते रहे. हज़ारों पीयूसी जो कि चालू हो कर एक वर्ष से पहले बंद हो गयी उनके तन पर लिपटा आखरी कपड़ा सिक्योरटी जमा के 10000/- से 25000/- रुपये भी टीसीजी को उतारने में शर्म नहीं आयी, और तो और अपने आप को स्वयंभू समाज सेवक घोषित करने वाले ने जिस RCM PUC का संचालक अल्लाह को प्यारा हो गया और उनके परिवार वाले पी यू सी को आगे चालू रखना जारी नहीं रख पाएँ उनपे भी इस समाज सुधारक का दिल नहीं पसिजा, और जो समान वापस डिपो में जमा कराया उसका रिफंड भी कई पीयूसी वालों को आज दिन तक नहीं दिया गया, कइयों का लेजर में रातों रात हज़ारों रुपयों का स्टॉक ही गायब कर दिया गया पूछने पर यह बताया गया कि वह समायोजित कर दिया गया जबकि कंपनी एक पेसे का सामान भी उधार नहीं देती थी तो किस बात का समायोजन?
लीडरों के यह कहने पर कि कोई भी नयी दुकान को साल दो साल तो जमने में लगता ही हे पौधा लगाते ही तो पेड़ नही बन जाता, इस जाँसे में आ कर जो PUC वाले नये-नये जोश-जोश में मित्रों परिचितो आदि से उधार ले कर भी पी यू सी में सामान भरते रहे यह सोच कर कि उस स्थान, शहर में मेंबर बढ़ने पर शॉप लाभ में आ जाएगी उनके पैरो तले से ज़मीन खिसक गयी यह सुन कर कि कंपनी उन्ही के शेत्र में अपना स्वय का बाजार लगा रही हे, उस शेत्र में जहाँ PUC वालों ने अपना तन-मन-धन यह सोच कर लगा दिया कि कंपनी के नियमानुसार उनकी दुकान से कम से कम 5 किलोमीटर दूर तक कोई अन्य पी यू सी नहीं खुलेगी वहाँ कंपनी अपने ही नियमों को धता बता कर खुद ही बाजार लगाने पर आमदा हो रही हे, और आख़िर हुआ वही जैसा कि टीसीजी की पहले से ही सोची समजी प्लानिंग, साजिश, बनियाबुद्धि थी टीसीजी की तो हींग लगी न फिटकरी और रंग चोखा आ गया लेकिन बाज़ार के आस-पास की क्या दूर-दूर तक की पीयूसीये कालकँवलित हो गयी, इतिहास की बात हो गयी, लीडर लोग कहने लगे कि इसमें टी सी जी का क्या दोष वो तो शरु से ही कह रहे थे कि इतिहास रचेंगे. कंपनी के द्वारा अख़बारों में 5000 RCM PUC चालू बतायी जा रही हे लेकिन करीब पचास हज़ार पी यू सी क्यों बंद हो गयी ये बात कोई लीडर नहीं बताता.
दोस्त, यदि सीधे तौर पर सभी एक करोड़ पचास लाख लोगों को और इनडॅयेरेक्ट तौर पर करोड़ों लोगों को वास्तव में आरसीएम से फ़ायदा हो रहा था तो जयपुर में इन करोड़ों लोगो की तुलना में मुट्ठी भर (सेकड़ों) लोग ही क्यों जुटे? जबकि इस सेमीनार में तो अंदर आने का प्रवेश शुल्क 30/- या 100/- भी नहीं लिए जा रहे थे जबकि सिस्टम का हवाला दे कर ये लीडर लोग व टीसीजी बेचारे आम डिस्ट्रीब्यूटर की इस बहाने अब तक बेहिसाब जेबे काटते आए थे, बात-बात पर आपकी अपनी घर की कंपनी हे, परिवार के सदस्य जेसी हे का हवाला डिस्ट्रीब्यूटर को देने वाली कंपनी सेकड़ों किलोमीटर दूर से हज़ारों रुपये खर्च कर के आने वाले डिस्ट्रीब्यूटर से अपने परिसर में बनाए बदबूदार अंडर ग्राउन्द में ज़मीन पर रात को सोने की एवेज़ में भी अपने कमाउ पूतों से रुपये वसूल करती थी, पीने का पानी और नित्य्कर्म के भी इनडाईरेकट्ली पैसे वसूल किये जाते थे, अंत घर की कंपनी हे की बात का नारा सिर्फ़ दिखावे का था, अब जब सरकार को दिखाने के लिये भीड़ जुटानी थी तो इनका आरसीएम प्राण गीत के कार्ड तक के पैसे लेने का सिस्टम-उसूल फुर्र हो गया, एक पैसे का भी अख़बार में विग्यापन नहीं देने की कसम लेने वाले लाखों रुपयों का अख़बार आदि में अब विग्यापन दे रहें हें वजह बिल्कुल साफ हे कि फ़ायदा इन चंद मुट्ठी भर लोगों जो कि लीडर थे और टीसीजी एण्ड फेमेली को ही हो रहा था और आमजन कंपनी के द्वारा नित नये थोपें गये बिजनस प्लान, शर्तो, स्कीमों, लॉटरी, चिटफंड व अंदर ही अंदर होने वाले षड्यंत्र एंव घोटालो के कारण लुट रहा था.
सरकार को इन लीडरों के खिलाफ भी कार्यवाही करनी चाहिए क्योकि इन्ही की वजह से आमजन गुमराह हुआ और ये लोग भी कंपनी के द्वारा हर स्तर पर की जा रही ठगी के कार्य में बराबर के हिस्सेदार थे, सरदार तो हरेक डिसट्रिब्युटर के पास आए नहीं, जब ठगों के सरदार पकड़ लिए गये तो गिरोह के सदस्य खुल्ले क्यों घूम रहें हें? सरकार को भगवान सद्बुधि दे इसके लिये यग्य हवन कर रहें हें इन लोभियों को यह मालूम नहीं कि हवन की वजह से यदि सरकार को इस ठगी प्रकरण में सही सद्बुधि आ गयी तो वे भी हवालात में होंगे क्योंकि यू-ट्यूब पर इन हरामियों के कारनामे पूरी चश्मदीद गवाही के साथ मोजूद हे क़ि केसे-केसे विचित्र हथकंडो से इन्होनें आम जन को भर्माया, चाहे वो टेंट हाउस के नकली सिंहासन पर बेथा राजा बना बाबू हो या जिसका नाम ही भागचंद हो यानी कि ठगी करो और भागो, कहते हें कि पूत के पाँव पालने में ही दिख जाते हें यह नाम जिसने भी रखा वह बड़ा ही सटीक भविष्यवक्ता था उसे नमन हे.
Dear all RCM distributor, Namaskar, i am looking this all comment about RCM business I also RCM distributor from delhi last 3 year. but i no feel any problem from RCM. this real MLM Business. there are no any Joining fees so no any person loss from RCM. So this is my personally request to all non RCm distributor pls stop your miss guide comment.
Mr. S.P. Gahlot ji kya NMART wale Business Karte hai Charty Khola Hai. dosto Isi tarah ke company ke karan aaj hamare RCM jaisi Pavitra System per ye Sealing jaisi gandi harkat kiya gaya.
Nmart is a MLM company misguide people. It take rs.5500/- For member ship, and member will get rs.220/- Free voucher for 48 months means rs.10,560/-+ Rs.11,000/- Royalty bonus after 48 months. It follow binary plan means left & right 1 joining means 1 pair it pay rs. 600/- .
Suppose u joined 1000 person than it income & expenses will be
income
1)no. Of joining 1000*5500 = 5500000/-
Total income= 5500000/-
Expenses
1)220*48=rs.10,560/-
Rs.10,560/-*For 1000 people = rs.10560000/-
2)rs.11,000*1000people = rs.11000000/-
3)jupitar royalty amount suppose = rs. Nil.
4)binary payout rs.(1000*2400) = rs. 2400000/-
5)spill payout rs. (Not possible) = nil
6)gift payout suppose(not possible) = nil
7)mall expenses (not possible) = nil
8)repurchase exp (not possible) = nil
9)courier & other office exp(not possible) = nil
10) pin centre exp (not possible) = nil
total expenses= rs.23960000/-
Loss generate= Rs. 55,00,000 – Rs. 23960000 = rs.18460000/-
(Company doing business or charity)
मेने इस चर्चा में कहीं भी एनमार्ट का नाम नहीं लिया हे आप अपनी कमज़ोरी को छुपाने के लिए और चर्चा के विषय से लोगो को भटकाने के लिए आप ही इसे बीच में ला रहें हें लेकिन आपको यह नहीं पता कि इस तरह से आप किसी दूसरी कंपनी का विग्यापन फ्री में ही कर रहें हे, और रही बात कंपनी के सही या ग़लत होने की उसका निर्णय तो क़ानून और नेटवर्कर आपके द्वारा बताई गई कंपनी की साइट पर विजिट कर के खुद ही कर लेंगें क्योकि कोई कितने समय तक घर बेता रहेगा, खाली बातों से घर नहीं चलता यह जीवन की हक़ीकत हे.
Ghabrao nahi Mr. S.P. Gehlot, hame sab pata hai kyoki hamne bhi yaha koi jhakh nahi mari hai, Gehlot ji ye min nahi aapka Profile bol raha hai aap kaise logo ko chalaki se is company me faste ho hame sab pata hai kyoki maine aapki profile dekh l hai. Aur ek baat aur raha bat us company ka to main dabe ke sath kah sakta 2 saal se pahle hi us company ki bamb bol jayegi. kyoki jis din department ko pata chala ki Nmart Binary Income ke base per logo ko joining kara raha to nishcht hi ban hoga kyonki aaj ke date is trah ka kam pure india me ban hai.
सर आशीष कुमार जी,
आपको होली का नमस्कार, आप की अतिबुद्धिमानी की वजह से मेरे पास रोज के कई काल आ रहें हे जो कि एन-मार्ट का प्लान जानना चाहते हें और ज़ोइनिंग लेना चाहते हें अंत आपको इसका धन्यवाद.
अरे मूर्ख गूगल या फेसबुक पर किसी के नाम को सर्च कर के तुम यह समझते हो कि तुमने उसे खोज लिया हे तो तुम्हारे से बड़ा इस नेट की दुनिया में कोई बेवकूफ़ नहीं हे क्योकि यहाँ कि दुनियाँ बड़ी निराली होती हे लड़के यहाँ लड़की बन कर चेट करते हे तुम्हारे जैसा कोई मंदबुद्धि बालक उस नेट पर लड़की बनी षोडसी के साथ जब प्यार की पीगें बढ़ता हे तो वह आख़िर में न घर का रहता हे न घाट का.
खेर मेरे आपके द्वारा बताये गये मोबाइल नंबर पर पूरे देश से कई लोग फ़ोन कर रहें हें और लोग यह जानना चाहते हे कि यह “एन मार्ट” क्या बला हे जिसकी आँधी से बड़े-बड़े वर्षों से स्थापित कई बड़े पेड़ धराशाई हो गये छोटे-मोटो का तो नामोनिशान ही मिट गया, आपकी वजह से मेरा फ़ोन अतिव्य्स्त हो गया हे अंत उन्हें असुविधा न हो इसलिए यहाँ में अपने ब्लॉग का पता दे रहा हूँ जिसे आपने अपनी खोज में मेरे से इर्ष्यावश जानबूझ कर नहीं दिया था.
साथियों एन-मार्ट के बारे में पूरी सही जानकारी और ज़ोइनिंग लेने के लिए मेरे ब्लॉग nmart.webnode.com पर और कंपनी की साइट nmart.co.in का विजिट पहले ज़रूर करें उसके बाद भी यदि बात करना ज़रूरी हो तो मेरे मो न 07597949128 पर संपर्क कर सकते हे, धन्यवाद.
आपका शुभचिंतक
सोमप्रकाश गहलोत (एस. पी. गहलोत)
M No 07597949128
AAP LOG KAHI DAYAN NAA DEN. ONLY CONCENTRATE ON RCM VIJAY.
RCM CDWA ZINDABAAD!!!
NMART full name :-
N-new
M-man
A-appointment
R-reduce
T-techonology………………………. or RCM
R-real
C-carrier
M- maker
…………….midnapur. w.b.
R= Rakshas
C= Camin
M = Ma*** ****
Dekha Mr. S. P Gandlot, aapko Nmart Sunte h kis tarah ka bhut sabar ho jata hai. Pahle dhairya rakhna Sikho, jis din tumhe ye pata lag gaya Nmart ban ho rahi hai us din tum apna computer tak tod daloge.
JAY JAY JAY RCM
Vijay RCM
16 march Ramlila Maidan New Delhi Amran Anshan
s.p ji RCM to “ganga” ha, NMART to drain (nardama) ha.. to kya bata kar ?
himat ha to ap ka rcm dist. no., address,mob.no batya.in my maill———dey.amit@yahoo.co.in
hum sarkar ki buri mansikta ko pura nahi hone nahi denge.yah hamara sankalp hona chahiye.
rcm ke veer sathiyon utho aur kranti laa do pure desh me.aapka haath RCM CDWA KE SATH!!!
MAKE STRONG THE HAND OF RCM CDWA !!
secrete news :- t>c>JI ka BELL hogya. up to 10th march a/c transfer hoga. 16 th march all complete hoga. central depot (BHILWARA) open hoga. …………..but new join till stop upto april 2012………haur,panskura, w.b
jhut bolna koi rcm leadero se sikhe.
s.p ji now i am in BHILWARA. i back tonight…..then i said orinial mater………………………….. ok
अगर ये शातिर ठग जैल से छूटते हें तो करोड़ों लोगों का न्याय व्यवस्था से रहा-सहा विश्वास भी उठ जाएगा.
JAI RCM
VIJAY RCM
दोस्त, आप बिल्कुल सही कह रहे हें, हज़ारों पीयूसी बंद हो गयी थी क्यो? पीयूसी वाले बर्बाद हो गये थे, सिर्फ़ वही पीयूसी चल रही थी जिसका धारक अपनी नेटवर्क की कमाई भी पीयूसी में उडेल रहा था क्योंकि इतने कम मार्जिन में सभी खर्च निकालने के बाद एक पैसा भी शुद्ध लाभ नहीं हो रहा था हक़ीकत में पीयूसी संचालक को टी सी जी ने बड़ी ही सफाई से बेगारी मजदूर बना रखा था जो रात दिन काम भी करें और पूंजी भी लगाएँ, और तो और लीडर लोग तो इस बात की ताक में रहते की कब वह मरणासान पीयूसी बंद हो ताकि वे किसी नये आसामी को पूरे स्टॉक के साथ पीयूसी, बाजार उस स्थान पर दिला सकें ताकि लीडरों और कंपनी की कमाई पर तो कोई आँच नहीं आये मरने वाले भलेहि मरते रहे. हज़ारों पीयूसी जो कि चालू हो कर एक वर्ष से पहले बंद हो गयी उनके तन पर लिपटा आखरी कपड़ा सिक्योरटी जमा के 10000/- रुपय भी टी सी जी को उतारने में शर्म नहीं आयी, और जो समान वापस डिपो में जमा कराया उसका रिफंड भी कई पीयूसी वालों को आज दिन तक नहीं दिया गया, कइयों का लेजर में रातों रात हज़ारों रुपयों का स्टॉक ही गायब कर दिया गया पूछने पर यह बताया गया कि वह समायोजित कर दिया गया जबकि कंपनी एक पेसे का सामान भी उधार नहीं देती थी तो किस बात का समायोजन?
दोस्त, यदि सीधे तौर पर सभी एक करोड़ पचास लाख लोगों को और इनडॅयेरेक्ट तौर पर करोड़ों लोगों को वास्तव में आरसीएम से फ़ायदा हो रहा था तो जयपुर में इन करोड़ों लोगो की तुलना में मुट्ठी भर लोग ही क्यों जुटे? जबकि इस सेमीनार में तो अंदर आने का प्रवेश शुल्क 30/- या 100/- भी नहीं लिए जा रहे थे जबकि सिस्टम का हवाला दे कर ये लीडर लोग व टीसीजी बेचारे आम डिस्ट्रीब्यूटर की इस बहाने अब तक बेहिसाब जेबे काटते आए थे, अब जब भीड़ जुटानी थी तो इनका सिस्टम-उसूल फुर्र हो गया, वजह बिल्कुल साफ हे कि फ़ायदा इन चंद मुट्ठी भर लोगों जो कि लीडर थे और टीसीजी एण्ड फेमेली को ही हो रहा था और आमजन कंपनी के द्वारा नित नये थोपें गये बिजनस प्लान, शर्तो, स्कीमों, लॉटरी व अंदर ही अंदर होने वाले षड्यंत्र एंव घोटालो के कारण लुट रहा था.
सरकार को इन लीडरों के खिलाफ भी कार्यवाही करनी चाहिए क्योकि इन्ही की वजह से आमजन गुमराह हुआ और ये लोग भी कंपनी के द्वारा हर स्तर पर की जा रही ठगी के कार्य में हिस्सेदार थे, जब ठगों के सरदार पकड़ लिए गये तो गिरोह के सदस्य खुल्ले क्यों घूम रहें हें? सरकार को भगवान सद्बुधि दे इसके लिये यग्य हवन कर रहें हें इन लोभियों को यह मालूम नहीं कि हवन की वजह से यदि सरकार को इस ठगी प्रकरण में सही सद्बुधि आ गयी तो वे भी हवालात में होंगे.
आपकी बातों से ही लगता हे कि आप आरसीएम के बड़े लीडर हें क्योंकि लीडरों को बढ़ा चढ़ा कर बताने की ही वहाँ ट्रेनिंग दी जाती थी, 300 रुपये का कमीशन आता था तो भी वे सामान्य लोगों को फाँसने के लिए 30000/- बताते फिरते थे और फिरते समय गाड़ी में पेट्रोल मीटिंग में लाने वाले और आने वाले लोगो से 30/–30/- रुपये ले कर भराते थे यह हक़ीकत थी और दूसरी हक़ीकत टीसीजी की ट्रेनिंगो की आपने खुद ही गाली दे कर बतादी अब आप अपने सात लाख के स्टॉक की रोज अगरबत्ती करते रहना क्योकि अब आम जनता तो दो कोड़ी का घटिया सामान पूरे दाम दे कर बिना बिल लेने आएगी नहीं.
यह भारत हे यहाँ ठगी में हिस्सा पाने वाले गिरोह के सदस्य अपने गिरफ्तार हुए सरदार को छुड़ाने के लिए आमरण अनशन भी कर सकते हें, क्योकि आख़िर सरदार छूटेगा तभी तो उनको ठगी में हिस्सा मिलना वापस शरु हो पाएगा, उन नादानो को क्या पता क़ि जिसे वे रोज़गार समज रहें हें वह हक़ीकत में लाखों लोगों को ठग कर ठगी की कुछ रकम चंद लोगों में बाँटने का खेल था ताकि वे लोग सरदार की वा-वा करते रहें और चंद रुपयो के लालच में सरदार के सेवक बन कर नित नये भोले लोगो, ग्रामीणों को सरदार की एसी नित नयी स्कीमों में फाँसते रहें जिनकी शर्तें एसी कि न तो नौ मॅन तेल हो न राधा नाचें, और वह बेचारे यदि किसी तरह शर्त पूरी करने की स्थति तक पहुँचने वाले ही हो कि सरदार पुरानी स्कीम को बंद कर के नयी स्कीम लागू कर दे, यदि कोई बोलने की हिमाकत करे तो सरदार उसकी आईडी ही टर्मिनेट करदे, आख़िर सरदार की सल्तनत हे तो नियम कायदे सरदार के ही तो होंगे, उन्हे चुनी हुई सरकार के नियम-अधिनियम की क्या परवाह? जिसमें ये सरदार लोग उनकी भावनाओं और मासूमियत को अब भी लूट रहे हें, अगर सरदार पाक-साफ थे तो न्याय व्यवस्था से भागते क्यों फिर रहे थे? और अब जब पकड़े गये तो इतने स्वार्थी निकले क़ि खुद को छुड़वाने के लिये न्यालय में अपने को निर्दोष साबित करने के बजाया मासूमों को धरने और आमरण अनशन करने का आदेश दे रहें हे. कुछ समय पहले तक देश की भलाई सोचने का ढोंग करने वाले सरदार अब गिरफ्तार होने पर पूरे देश में अराजगता फेलाना चाहते हें क्या इससे उनकी अपने देश के प्रति वास्तविक सोच उजागर नहीं होती हे? इस बात को आमजन को भी समजना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति अपने व्यापार से नियमानुसार कर आदि चुका कर प्राप्त हुई शुद्ध आय से अधिक की संपति यदि बनाता हे तो अधिक वाला पेसा क्या हे? और कहाँ से? केसे आया? उसे एक न एक दिन दुनिया को बताना पड़ेगा ही और यह तो सभी जानते ही हे कि भगवान के घर देर हें अंधेर नहीं और उसकी लाठी आवाज़ भी नहीं करती
प्रिय मित्र, कहतें हें कि जिस भगवान ने इस स्रष्टी में सह्स्त्रो जीवो को पेट दिया तो चोंच भी दी और दाना भी, वे भी भुके नहीं मर रहें हें तो आप तो कर्मयोगी इंसान हे ठगी, चोरी के पैसे से पेट भरने कि बजाय कर्म करके ईमान की कमाई से खाएँ.
भाई पवन जी, कुछ नहीं पूरे कुए मे ही भाँग पड़ी हुई थी, कंपनी हर स्तर पर हर तरह से लूट रही थी अब एक एक कर के सभी कारनामे सामने आ जाएँगे.
प्रिय शर्मा जी, पापियों का साथ छोड़ दे, जब जागें तभी सवेरा. इन पापियों के एक-एक कर के कई कारनमें उजागर हो गये हें फिर भी आप की आँखे नहीं खुली क्या? इन्होने भोले भाले लोगों को किस कदर अपने फ़ायदे के लिए भावनाओं के जाल में जाकड़ रखा था उसका आप एक उदाहरण हें.
आपकी बातों से ही लगता हे कि आप आरसीएम के बड़े लीडर हें क्योंकि लीडरों को बढ़ा चढ़ा कर बताने की ही वहाँ ट्रेनिंग दी जाती थी, 300 रुपये का कमीशन आता था तो भी वे सामान्य लोगों को फाँसने के लिए 30000/- बताते फिरते थे और फिरते समय गाड़ी में पेट्रोल मीटिंग में लाने वाले और आने वाले लोगो से 30/–30/- रुपये ले कर भराते थे यह हक़ीकत थी और दूसरी हक़ीकत टीसीजी की ट्रेनिंगो की आपने खुद ही गाली दे कर बतादी अब आप अपने सात लाख के स्टॉक की रोज अगरबत्ती करते रहना क्योकि अब आम जनता तो दो कोड़ी का घटिया सामान पूरे दाम दे कर बिना बिल लेने आएगी नहीं.
भाई दिनेश जी, आपने तो सिर्फ़ 50000/- प्रति माह लेने वाले को ही देखा हे लकिन मेने एसे एसे कई लीडरों को खून के आँसू रोते हुए देखा हे जिनकी आय 500000/- पाँच लाख प्रति माह से 0 पर आ गई थी, जिसका कारण कंपनी ने हेराफेरी कर के उनकी एक लेग काट कर किसी दूसरे प्रभावशाली लीडर की लेग में जोड़ दी इस सदमे से कुछ लीडर इस ‘धोखाधड़ी वर्ल्ड’ जिसे आप “आरसीएम वर्ल्ड” कहते हें से सीधी दूसरी दुनिया में चले गये. मेरी बात को आप मज़ाक मे नहीं ले हमारे पास हमारे द्वारा कही गई हर बात का पुख़्ता सबूत हे, पिछले कई दिनों से लीडरों की नोटॅंकी देख रहा था इस लिए अब मजबूर हो कर सही बात लोगों तक पहुँचे इसलिए लिख रहा हूँ.
ठग कंपनी की ठगी के तरीके सीखने के लिए बनाई गई यूनीवर्सिटी (बिना पंजियन की) के प्रिन्सिपल जैल जाने से पहले अपने शार्गिददो को शायद यह एक और तरह की ठगी का नया तरीका सीखा कर गये हे ताकि शार्गीदौ की रोज़ी रोटी चलती रहे वरना इतने सालों में तो इनको ‘RCM CDWA’ “आरसीएम कंज्यूमस एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स वेलफेयर एसोसिएशन” बनाने की याद नहीं आई जबकि करोड़ो लोग डिस्ट्रीब्यूटर्स बन चुके थे इनको यह नहीं पता कि “काठ की हाँडी बार-बार नहीं चढ़ती”, आम डिस्ट्रीब्यूटर्स अब संभल चुका हे और “दूध का जला छाछ भी फूँक कर पीता हे”.
श्री राम सिंह जी, भगवान जैसा नाम होने के बाद भी आप किसी पीड़ित की आत्मा की आवाज़ को पैसे ले कर निकली आवाज़ बता रहें हें इससे साफ जाहिर होता हे कि एक ठग ने अपनी ठगी चलाने के लिए कितनी सफाई से जाल बुना कि लोगो के सोचने समजने की शक्ति भी क़ैद हो गई.
भाई जी, पूरे कुए मे ही भाँग पड़ी हुई थी, कंपनी हर स्तर पर हर तरह से लूट रही थी अब एक एक कर के सभी कारनामे सामने आ जाएँगे
एक ठग ने अपनी ठगी चलाने के लिए कितनी सफाई से जाल बुना कि लोगो के सोचने समजने की शक्ति भी क़ैद हो गई.
Hi, S.P. Gehlot how are you ?
I am fine Sir, Jai Hind.
आलोचना करना दुनियाँ का सब से आसान काम है लेकिन सराहना करना सब से कठीन।इंमानदार ही सराहना कर सकता है और पिठ दिखाने वाला आलोचना ही कर सकता है।JAY RCM
Md Aziz Ansari zee satya atmi ka hojam nai hota
भाई एक छोटी सी चिंगारी भी शोला बन सकती हे और एक सच्ची चीटी यदि ठान ले तो अपनी शक्ति के मद में चूर हाथी को भी ज़मीन दिखा सकती हे, इतिहास गवाह हे कि निरंकुश लोगो को चाहे वे सत्ताधारी थे या व्यापारी उन्हे साधारण जन ने सबक सिखाया था और आज भी सीखा रहें हें, आप मेरे पक्ष में खड़े हुए इसका आपको बहुत धन्यवाद
YE SP GEHLOT ASHOK GAHLOT KA SALA LAGT HAI.SALA ASOK GAHLOT KI TARAH YE BHI RCM K PICHHE PARA HUAA HAI.SAALE KO KOI KAAM HI NAHI HAI.
भाई एक छोटी सी चिंगारी भी शोला बन सकती हे और एक सच्ची चीटी यदि ठान ले तो अपनी शक्ति के मद में चूर हाथी को भी ज़मीन दिखा सकती हे, इतिहास गवाह हे कि निरंकुश लोगो को चाहे वे सत्ताधारी थे या व्यापारी उन्हे साधारण जन ने सबक सिखाया था और आज भी सीखा रहें हें, आप मेरे पक्ष में खड़े हुए इसका आपको बहुत-बहुत धन्यवाद
vivekg ,sharmag aap log sab ko bataiyea ye sp gahlot ashok ghalot ka sala hai, sala isiliye ulti sidhi baten karta hai.
ठगों पर जब मार पड़ती हे तो वे इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हें, आरसीएम डिप्लोमा कोर्स में सिखाई गई और टी सी जी के द्वारा लिखी गई पुस्तकों का ज्ञान रट्टू तोते की तरहा फुर्र हो जाता हे क्योकि रट्टू तोता सिर्फ़ रट सकता हे उसे जीवन में उतार नहीं सकता.
sir appna thik kaha hai, laking hamara paisa to compani ka pase hai, hamara puc ve 1 year ma bane ho gaya 1 year ma hama pura 3 lakh ka noke sane hua hai, hame na puc ko slander keya ha, hamara 25000 thousand secured keya hai aure 50000 thousand ka male depo ma back keyea hai , October ma keya hai , sir ape nathike kaha ha laking hamara ka hoga.
Bhagvan par vishvas rekhe, sarkar ne sabhi inke bank khate cij kar diye he aur bahut kothar karyvahi chal rahi he. ek n ek din hame hamara paisa vapas jarur milega, bas aap ye aag against RCM bujne nahi dena.
Apka Sathi, S P GEHLOT
भाई एक छोटी सी चिंगारी भी शोला बन सकती हे और एक सच्ची चीटी यदि ठान ले तो अपनी शक्ति के मद में चूर हाथी को भी ज़मीन दिखा सकती हे, इतिहास गवाह हे कि निरंकुश लोगो को चाहे वे सत्ताधारी थे या व्यापारी उन्हे साधारण जन ने सबक सिखाया था और आज भी सीखा रहें हें, आप मेरे पक्ष में खड़े हुए इसका आपको बहुत-बहुत धन्यवाद.
ASLAM JI AAP SAHI KAH RAHE HO .
भाई एक छोटी सी चिंगारी भी शोला बन सकती हे और एक सच्ची चीटी यदि ठान ले तो अपनी शक्ति के मद में चूर हाथी को भी ज़मीन दिखा सकती हे इतिहास गवाह हे कि निरंकुश लोगो को चाहे वे सत्ताधारी थे या व्यापारी उन्हे साधारण जन ने सबक सिखाया था और आज भी सीखा रहें हें, आप मेरे पक्ष में खड़े हुए इसका आपको बहुत-बहुत धन्यवाद
sabhi leadars ki chuppi se yah pata chalta hai ki jaise ye bhi rcm ki chori me mili bhagat me samil hain agar ayesa nahi hai to ye chup kyun hain jo bhi dharne ho rahe hai uska koi parnam nahi aya agar rcm sacha hai to iska sath koi anrrastriya patrakar kiyu nahi de raha hai na to tv me news aya iska matlab safh hai rcm ki vijay nahi hogi hum sabhi puc dharak barbad ho chuke hain par firbhi aash lagaye baiten hain khisiyani billi kya kare?
Mr. pawanjaiswala ji, hamare yaha ek kahabat hai jo bhoj nahi karta wo dal jyada parosta hai. Raha sawal midia ka to aaj ke bharst raajnity me aapko kya lagta hai koi media wala hamari tarif karenge. waise 3 media aaya tha ab wo news dikhata ha ya nahi wo mujhe nahi pata. raha sawal Leader ka to wo log rat din ek kar rakha hai. sabhi log bat chit kar rahe hai are koi to hoga jo hamari sunega waise ye dunia ka karwa sach hai kisi bhi chij ko burai karna bada aasan hai lekin uski tarif bahut miskil. is liye log RCM ki log budai karte hai. Raha sawal aapki PUC chalne ka ek baat tay hai jo tikega wahi jtega.
JAI RCM
सर आशीष कुमार जी,
आपको होली का नमस्कार, आप की अतिबुद्धिमानी की वजह से मेरे पास रोज के कई काल आ रहें हे जो कि एन-मार्ट का प्लान जानना चाहते हें और ज़ोइनिंग लेना चाहते हें अंत आपको इसका धन्यवाद.
अरे मूर्ख गूगल या फेसबुक पर किसी के नाम को सर्च कर के तुम यह समझते हो कि तुमने उसे खोज लिया हे तो तुम्हारे से बड़ा इस नेट की दुनिया में कोई बेवकूफ़ नहीं हे क्योकि यहाँ कि दुनियाँ बड़ी निराली होती हे लड़के यहाँ लड़की बन कर चेट करते हे तुम्हारे जैसा कोई मंदबुद्धि बालक उस नेट पर लड़की बनी षोडसी के साथ जब प्यार की पीगें बढ़ता हे तो वह आख़िर में न घर का रहता हे न घाट का.
खेर मेरे आपके द्वारा बताये गये मोबाइल नंबर पर पूरे देश से कई लोग फ़ोन कर रहें हें और लोग यह जानना चाहते हे कि यह “एन मार्ट” क्या बला हे जिसकी आँधी से बड़े-बड़े वर्षों से स्थापित कई बड़े पेड़ धराशाई हो गये छोटे-मोटो का तो नामोनिशान ही मिट गया, आपकी वजह से मेरा फ़ोन अतिव्य्स्त हो गया हे अंत उन्हें असुविधा न हो इसलिए यहाँ में अपने ब्लॉग का पता दे रहा हूँ जिसे आपने अपनी खोज में मेरे से इर्ष्यावश जानबूझ कर नहीं दिया था.
साथियों एन-मार्ट के बारे में पूरी सही जानकारी और ज़ोइनिंग लेने के लिए मेरे ब्लॉग nmart.webnode.com पर और कंपनी की साइट nmart.co.in का विजिट पहले ज़रूर करें उसके बाद भी यदि बात करना ज़रूरी हो तो मेरे मो न 07597949128 पर संपर्क कर सकते हे, धन्यवाद.
आपका शुभचिंतक
सोमप्रकाश गहलोत (एस. पी. गहलोत)
m no 07597949128
Bhagvan par vishvas rekhe, sarkar ne sabhi inke bank khate cij kar diye he aur bahut kothar karyvahi chal rahi he. ek n ek din hame hamara paisa vapas jarur milega, bas aap ye aag against RCM bujne nahi dena
Apka Sathi,
S P GEHLOT
भाई एक छोटी सी चिंगारी भी शोला बन सकती हे और एक सच्ची चीटी यदि ठान ले तो अपनी शक्ति के मद में चूर हाथी को भी ज़मीन दिखा सकती हे, इतिहास गवाह हे कि निरंकुश लोगो को चाहे वे सत्ताधारी थे या व्यापारी उन्हे साधारण जन ने सबक सिखाया था और आज भी सीखा रहें हें, आप मेरे पक्ष में खड़े हुए इसका आपको बहुत-बहुत धन्यवाद.
What is this ? Hawan…. Is it a remedy for the current problem facing RCM ?
We still waiting to reopen the server ? A long period was waisted now.
I THINK THAT RCM IS NOT OMLY A BUSINESS BUT ALSO A FACTORY FOR MAKE INDIA HEALTHY,I HATE THE PEOPLE WHO WANT TO STOP THE WAY OF THIS MISSION,,,,,,,,,JOY RCM,_BANDE RCM__________RCM SAGAR BAIRAGI(ESSER LIMITED)
AAJ PORJONTO KONO RAJNOITIK TEAM CHAINI AMAR BHARAT BORSHO NO_1 HOK,SOBAI CHEYECHE KHOMOTA NIJER HATE NETA,EK MATRO T.C. CHHABRA JOKHON BHARAT K NOTUN KORE SAJATE CHAILO TOKHON OI RAJNOITIK NETARA TAR POTH ATKANOR CHESTA KORCHE,AMI BISWAS KORI RAJNITI DEA BHARAT ER OBOSTA PALTANO JABE NA_EK MATRO RCM MISSION PARE BHARAT K SONAR BHARAT BANATE,BONDHU RA APNARA KEW PROCHONATE PAA DEBEN NA,BISWAS RAKHUN,RCM ABAR FERA ASBE ABAR NATUN SHAKTI NEA,,,,,SUDHU DORKAR APNADER ASHIRBAD R BHOROSHA,ASUN AMRA SOBAI EK SUR E BOLI, CHHABRA JEE AMRA APNAR PASHE ACHHI, ETI SUDHU APNAR LORAI NOI,SADHINATAR EK DHORMO JUDDHO,AMADER JIT ASBEI_____SAGAR BAIRAI(ESSER LIMITED)
i proud as rcm partner,chhabra jee i am with you for life time_sagar bairagi (shantipur,nadia_west bengal_india_9153173523_9735386914
jai RCM sathiyo ‘
azadi ki larai me desh ke kuch gaaddaron ne angrejon ka sath diya tha is liye azadi milne me samy laga. aaj humara RCM pariwar arthik azadi ki larai lar raha hai, is larai me humare hi pariwar ke kuch \ lalachi gaddar\ humare khilaf ho gaye hai, hausla rakhen antim larai me vijay RCM ki hogi.
Jai RCM
Jai Hind.
I REQUEST TO “”" THE GOV. OF INDIA”"”" _PLEASE GIVE THE PERMISION TO RE_OPEN RCM NETWORK IF YOU WANT TO MAKE INDIA_”"”"”SONAR BHARAT”"”"OUR RCM MISSION IS NOT CHEAT FUND,THIS IS A HOLLY MARKETING PLAN_WE HAVE NO MONEY TO DO A BUSINESS BUT OUR GOD T.C. CHHABRA GIVE US TO DO A BUSINESS TO DEVOLOP OURSELF_MY RESPECTIVE HIGH COURT_PLEASE DO NOT DESTROY THE DREAM OF US TO MAKE MY MOTHER INDIA _SONAR BHARAT,I AM SAGAR BAIRAGI FROM WEST BENGAL_9153173523(JOY RCM)
As far as my experience with RCM was well and good over the past 2 years. They are doing trasparent business and there is no hidden agenda behind the scheme. The intention of the company was thrust on swadeshi
and giving opportunities for economically deprived Indian citizens for liberating them from poverty. They should have strenghthened the administrative set-up so as to avoid giivng room for suspicion. RCM should have kept away from the ante Congress but pro-BJP ampaigns. A careless mistake s of RCM dearly cost lakhs of families who solely depend upon the Scheme. Network scheme /Binary concept has beeen accepted well by Indian coomunity and foreign Network schemes like USA based AMWAY and China based Tiensi are doing extremely well though the rate of the products too high and poor can’t afford for it but still Indian customers are exploited. If so, why a India based Company is not allowed to business which involed in for the promotion of India based indegineous products ,for the betterment of Indian people,and by the Indians.
Many of the products are quality guaranteed and well received by our people.
Therefore i request the Authorities concerned to understand the concept of business, allow it to continue as before and can give reccomendations if needed for sake of the lakhs of Indian people who they starving for the last 4 months.
We pray and hope things will change soon.
As far as my experience with RCM was well and good over the past 2 years. They are doing trasparent business and there is no hidden agenda behind the scheme. The intention of the company was thrust on swadeshi
and giving opportunities for economically deprived Indian citizens for liberating them from poverty. They should have strenghthened the administrative set-up so as to avoid giivng room for suspicion. RCM should have kept away from the ante Congress but pro-BJP ampaigns. A careless mistake s of RCM dearly cost lakhs of families who solely depend upon the Scheme. Network scheme /Binary concept has beeen accepted well by Indian coomunity and foreign Network schemes like USA based AMWAY and China based Tiensi are doing extremely well though the rate of the products too high and poor can’t afford for it but still Indian customers are exploited. If so, why a India based Company is not allowed to business which involed in for the promotion of India based indegineous products ,for the betterment of Indian people,and by the Indians.
Many of the products are quality guaranteed and well received by our people.
Therefore i request the Authorities concerned to understand the concept of business, allow it to continue as before and can give reccomendations if needed for sake of the lakhs of Indian people who they starving for the last 4 months.
We pray and hope things will change soon.
sir,
you are absulately 100% right………….panskura,w.b
दोस्त, हज़ारों पीयूसी बंद हो गयी थी क्यो? पीयूसी वाले बर्बाद हो गये थे, सिर्फ़ वही पीयूसी चल रही थी जिसका धारक अपनी नेटवर्क की कमाई भी पीयूसी में उडेल रहा था क्योंकि इतने कम मार्जिन में सभी खर्च निकालने के बाद एक पैसा भी शुद्ध लाभ नहीं हो रहा था हक़ीकत में पीयूसी संचालक को टी सी जी ने बड़ी ही सफाई से बेगारी मजदूर बना रखा था जो रात दिन काम भी करें, पूंजी भी लगाएँ और चू तक नहीं करें, और तो और लीडर लोग तो इस बात की ताक में रहते की कब वह मरणासान पीयूसी बंद हो ताकि वे किसी नये आसामी को पूरे स्टॉक के साथ पीयूसी, बाजार उस स्थान पर दिला सकें ताकि लीडरों और कंपनी की कमाई पर तो कोई आँच नहीं आये मरने वाले भलेहि मरते रहे. हज़ारों पीयूसी जो कि चालू हो कर एक वर्ष से पहले बंद हो गयी उनके तन पर लिपटा आखरी कपड़ा सिक्योरटी जमा के 10000/- से 25000/- रुपये भी टीसीजी को उतारने में शर्म नहीं आयी, और तो और अपने आप को स्वयंभू समाज सेवक घोषित करने वाले ने जिस RCM PUC का संचालक अल्लाह को प्यारा हो गया और उनके परिवार वाले पी यू सी को आगे चालू रखना जारी नहीं रख पाएँ उनपे भी इस समाज सुधारक का दिल नहीं पसिजा, और जो समान वापस डिपो में जमा कराया उसका रिफंड भी कई पीयूसी वालों को आज दिन तक नहीं दिया गया, कइयों का लेजर में रातों रात हज़ारों रुपयों का स्टॉक ही गायब कर दिया गया पूछने पर यह बताया गया कि वह समायोजित कर दिया गया जबकि कंपनी एक पेसे का सामान भी उधार नहीं देती थी तो किस बात का समायोजन?
दोस्त, यदि सीधे तौर पर सभी एक करोड़ पचास लाख लोगों को और इनडॅयेरेक्ट तौर पर करोड़ों लोगों को वास्तव में आरसीएम से फ़ायदा हो रहा था तो जयपुर में इन करोड़ों लोगो की तुलना में मुट्ठी भर (सेकड़ों) लोग ही क्यों जुटे? जबकि इस सेमीनार में तो अंदर आने का प्रवेश शुल्क 30/- या 100/- भी नहीं लिए जा रहे थे जबकि सिस्टम का हवाला दे कर ये लीडर लोग व टीसीजी बेचारे आम डिस्ट्रीब्यूटर की इस बहाने अब तक बेहिसाब जेबे काटते आए थे, बात-बात पर आपकी अपनी घर की कंपनी हे, परिवार के सदस्य जेसी हे का हवाला डिस्ट्रीब्यूटर को देने वाली कंपनी अपने परिसर में बनाए बदबूदार अंडर ग्राउन्द में ज़मीन पर रात को सोने की एवेज़ में भी अपने कमाउ पूतों से रुपये वसूल करती थी अंत घर की कंपनी हे की बात का नारा सिर्फ़ दिखावे का था, अब जब भीड़ जुटानी थी तो इनका आरसीएम प्राण गीत के कार्ड तक के पैसे लेने का सिस्टम-उसूल फुर्र हो गया, वजह बिल्कुल साफ हे कि फ़ायदा इन चंद मुट्ठी भर लोगों जो कि लीडर थे और टीसीजी एण्ड फेमेली को ही हो रहा था और आमजन कंपनी के द्वारा नित नये थोपें गये बिजनस प्लान, शर्तो, स्कीमों, लॉटरी व अंदर ही अंदर होने वाले षड्यंत्र एंव घोटालो के कारण लुट रहा था.
सरकार को इन लीडरों के खिलाफ भी कार्यवाही करनी चाहिए क्योकि इन्ही की वजह से आमजन गुमराह हुआ और ये लोग भी कंपनी के द्वारा हर स्तर पर की जा रही ठगी के कार्य में बराबर के हिस्सेदार थे, जब ठगों के सरदार पकड़ लिए गये तो गिरोह के सदस्य खुल्ले क्यों घूम रहें हें? सरकार को भगवान सद्बुधि दे इसके लिये यग्य हवन कर रहें हें इन लोभियों को यह मालूम नहीं कि हवन की वजह से यदि सरकार को इस ठगी प्रकरण में सही सद्बुधि आ गयी तो वे भी हवालात में होंगे.
Hi,
SP Gahlot,
Thanks for your effort, you are brave!!!!
RCM, RMP, Amway ya koi aur aisa business totaly fraud hain, jab tak public samajhati hai tab tak fool ban chuki hoti hai,
maine dekha ki kaafi log aapka virodh kar rahe hain but finaly u r right, kyoki ek kahawat hai,,,
******Honests stays alone always******
Hemant Jee, Aapko sayad direct selling system ke bare me utna jankari nehi hai.Aap RCM ke sath AMWAY aur RMP ka tulna kiya hai. Lekin RCM me Indian bazar ke rate me bahat achcha guno bala rojmarda ke jo saman milta hai woh koi dusre net me aapko dekh no ko nehi milega.RCM woh sare product khud taiar karte hai aur bazar ke rate me woh product ko bechta hai.Isse company ko bicholio ka paisa aur advertisement (advertisement ka kam RCM ke upovokta hi karte hai)ka paisa banch jata hai.Wohi paisa company apne registered customer aur Advertise karne balo ke bich bant deta hai.Ye kam jo v thikse kar pa raha hai woh log RCM ke sapaksh me bol raha hai aur jo nehi kar pa raha hai woh is great system ka badnam kar raha hai.Mere baat ko agar up bhul praman kar payenge to RCM ke support me jo v bolraha hai woh sab log jhuta hai.Aur agar up praman nehi kar payenge to Gehlot jee jhute hai aur aapka bichar v sahi nehi hai.
Thank Bhai for Vote & Support me.
रोजगार सृजन में अहम हो सकती हैं डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां
Courtesy: Dainik Jagran, Delhi – 19 March 2011
सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल इस क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों में 70 फीसदी महिलाएं हैं। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। योजना और संसदीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने भारत में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग पर शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की। इसे इक्रियर (आइसीआरआइईआर) और इंडियन सेलिंग एसोसिएशन द्वारा तैयार किया गया है। सीधी बिक्री का समाजिक और आर्थिक प्रभाव :एक प्रोत्साहन नीति की जरूरत रिपोर्ट को जारी करते हुए कुमार ने कहा डायरेक्ट सेलिंग इस क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सशक्त कर रहा है। यह क्षेत्र सरकार के लिए 50 करोड़ रोजगार के अवसरों के सृजन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में अधिक लोगों की जरूरत होती है। इसलिए यह समावेशी विकास और समृद्धि के ऊपर से नीचे की ओर जाने के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में इस उद्योग की वृद्धि दर को बरकरार रखने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत है। इसके लिए एक अलग मंत्रालय बनाया जाना चाहिए और कानून के जरिए इसकी निगरानी की जानी चाहिए। वर्ष 2001-02 में इस क्षेत्र में दस लाख लोग कार्यरत थे जो वर्ष 2009-10 में 30 लाख हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में डायरेक्ट सेलिंग का वर्गीकरण अभी भी अस्पष्ट है। इसकी परिभाषा स्पष्ट करने की जरूरत है ताकि इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह हो सके। रपट के मुताबिक इस क्षेत्र को 43 प्रतिशत आमदनी प्रथम श्रेणी के शहरों से होती है। मगर कंपनियां अब नए ग्राहकों की खोज में छोटे शहरों और गांवों की ओर रुख कर रही हैं। देश में इस समय एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हैं। विश्व स्तर पर सीधी बिक्री क्षेत्र का उदय 20वीं सदी की शुरुआत में हुई लेकिन इसने 1980 के दशक में रफ्तार पकड़ी। वहीं भारत में यह क्षेत्र 1980 के दशक में शुरू हुआ और 1990 में विदेशी कंपनियों के भारत में प्रवेश के साथ इस क्षेत्र में गति आई|
दोस्तों,
देनिक जागरण द्वारा दी गयी उपरोक्त खबर आज के सन्दर्भ में बड़ी ही महत्वपूर्ण हे, हमारे देश के तेजी से विकास एवं हर बालिग़ को न्यायप्रद रोजगार देने के लिए अच्छी, मजबूत एवं कानून सम्मत “डायरेक्ट सेलिंग उद्योग कंपनियों” की आज सख्त जरुरत हे.
ऐसी कम्पनियाँ जो कि “एक सबके लिए, सब एक के लिए” के सहकारिता के मानद सिद्धांत पर कार्य करती हो एवं इसी सिद्धांत को ध्यान में रख कर कानूनन रजिस्टर्ड हो एवं जिनके द्वारा निर्मित, विक्रय किये जाने वाले उत्पाद की क्वालिटी उपभोक्ताओं के हित के लिए बनायी गयी तृतीय पक्ष संस्थाओं से प्रमाणित हो और वे वास्तव में सभी सदस्यों को उनके कार्यानुसार प्रतिफल, लाभ देने के लिए वचनबद्ध हो.
ऐसी कंपनियों का बिजनस प्लान भाई-भाई को आपस में लड़ाने, बांटने वाला न हो बल्कि पूरे देश में आपसी सोहाद्र बढाने का सचमुच में योगदान करता हो, हरेक सदस्य के द्वारा कभी भी पूरी न की जा सकने वाली शर्तो से उलझाया हुआ न हो, जिसमे बेईमानी, ठगी, भ्रष्टाचार का कंही नामो-निशान भी न हो, उत्पादों का विक्रय मूल्य लागत से बहुत ज्यादा न हो कर वाजिब दाम पर हो.
साथियों, आज नेटवर्किंग का कार्य हमारे लिए नया नहीं हे और प्राय हम सबने इस तरह की कई कंपनियों का कार्य कर के खट्टे-मीठे अनुभव भी प्राप्त किये हे. आय में लाभ-हानि हो सकती हे लेकिन अपने-अपने कार्य शेत्र विशेष, स्थान विशेष में प्राप्त अनुभव, ज्ञान अनमोल होते हे जो कभी नष्ट नहीं होते हे.
आप अपने अनुभवों के आधार पर एक अच्छी डायरेक्ट सेलिंग नेटवर्किंग कंपनी, संस्था के बिजनस प्लान में क्या-क्या जरुरी चीजे और केसे होनी चाहिए के बारे में अपने सुझाव, सलाह संषेप या विस्तार में यदि इस मंच की इस पोस्ट पेज (सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी) के कॉमेंट बॉक्स में देंगे तो एक “सर्वे हिताय, सर्वे सुखाय” को ध्यान में रख कर एक नयी कंपनी की सरंचना, स्थापना आसानी से की जा सकेगी जो कानून सम्मत भी हो और आप सभी को सर्वमान्य भी हो.
आशा हे की देश हित में आप अपने सुझाव, विचार इस पोस्ट के पेज “सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी” पर जरुर कॉमेंट करेंगे.
कॉमेंट करने के लिए शीघ्र विजिट करें :- rcmmanch.blogspot.com
आपका हितेषी
सत्य प्रकाश
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