सीमा, इंद्रा व कैलाश को घर बैठे मिलती थी बड़ी राशि
Courtesy: Dainik Bhaskar, Bhilwara – 23 Feb 2012
नगर संवाददाता. भीलवाड़ा
आरसीएम(रॉइट कांसेप्ट मार्केटिंग) के डायरेक्टर त्रिलोकचंद छाबड़ा के भाई कैलाश चंद्र, उसकी पत्नी सीमा व इंद्रा पत्नी भागचंद्र छाबड़ा को बिना काम किए घर बैठे बड़ी राशि मिली रही थी। पुलिस ने चार्जशीट में यह खुलासा किया है। चार्जशीट के अनुसार, फैशन शूटिंग प्रालि कंपनी अगस्त, 2000 से आरसीएम बिजनेस का काम कर रही है। इस अवधि में प्रियंका व भागचंद छाबड़ा डायरेक्टर रहे। इसके बाद 28 जून, 2000 से त्रिलोकचंद व एक जून, 06 से उसका बेटा सौरभ छाबड़ा अब तक डायरेक्टर हैं। त्रिलोक के भाई कैलाश की पत्नी सीमा आरसीएम की प्रथम डिस्ट्रीब्यूटर है। इसके नीचे एक लेग भागचंद्र छाबड़ा की पत्नी इंद्रा व दूसरी लेग कैलाश चंद्र छाबड़ा की शुरू की। इनके नीचे परिवार, रिश्तेदार व मिलने वालों को जोड़ा गया। ऐसे में इंद्रा, सीमा व कैलाश छाबड़ा को बिना कुछ काम किए घर बैठे बड़ी राशि मिलने लगी। नवंबर महीने की कमीशन सूची में सीमा को 5 लाख 57 हजार 351 रुपए व इंद्रा को दो लाख, 28 हजार 351 लाभांश का जिक्र भी है। आरसीएम संचालकों ने स्वयं को फायदा पहुंचाने के लिए कंपनी के काम की इस प्रकार संरचना की है कि नए सदस्यों की मेहनत का बड़ा भाग संचालकों के नजदीकी व्यक्तियों व रिश्तेदारों को ही मिले। साथ ही त्रिलोक, प्रियंका व सरोज छाबड़ा फैशन सूटिंग कंपनी के शेयर धारक है।
खरीद 753 और बिक्री 1444 करोड़ की
कंपनी की बैलेंस सीट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2009-10 व 2010-11 में कंपनी ने क्रमश: करीब 753 करोड़ व 957 करोड़ रुपए की विभिन्न मदों में खरीद की थी। जबकि इन दोनों वित्तीय वर्ष में क्रमश: 1444 करोड़ व 1734 करोड़ रुपए की आय हुई थी। ऐसे में पुलिस ने माना कि कम लागत के उत्पादों को अधिक मूल्य में बेचा जाकर सदस्यों के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी। लॉटरी सिस्टम से सभी को नहीं मिला लाभ : एक हजार या ज्यादा की खरीद करने वाले सभी सदस्यों को आरसीएम 11, 5 व एक हजार रुपए ड्रा या लॉटरी से देने का लालच दिया जाता। इससे सदस्यों द्वारा पूरे साल खरीदारी के बाद भी लॉटरी सिस्टम से सभी को लाभ नहीं मिल पाता था। इस तरह कंपनी ने सदस्यों के साथ छलकर अपना बिजनेस बढ़ाया जा रहा था।
निरस्त करो छाबड़ा के 450 भूखंड
Courtesy: Dainik Bhaskar, Bhilwara – 23 Feb 2012
नगर संवाददाता.भीलवाड़ा
बहुजन समाज पार्टी ने सीएम से आरसीएम के मालिक त्रिलोक छाबड़ा, भागचंद छाबड़ा व सौरभ छाबड़ा के नाम खरीदे हुए 450 भूखंड निरस्त करने की मांग की है। इस संबंध में एडीएम उज्ज्वल राठौड़ को ज्ञापन दिया गया।
जिलाध्यक्ष राजेंद्र छीपा, उपाध्यक्ष शिवलाल गुर्जर, महासचिव भैरूदत्त बारेसा, विस क्षेत्र प्रभारी रामेश्वरलाल बैरवा ने ज्ञापन में बताया कि छाबड़ा ने चेन सिस्टम से बेरोजगारों के साथ धोखा कर खूब पैसे बनाए। उससे ये भूखंड खरीदे थे।भूखंड निरस्त होने से जमीनों के आसमान छूते भाव नियंत्रित होंगे और आम आदमी के घर का सपना पूरा हो सकेगा।
छाबड़ा की लाल डायरी में कुछ नहीं मिला
Courtesy: Pratahkal News, Bhilwara – 23 Feb 2012
भीलवाड़ा। मल्टीलेवल मार्केटिंग कम्पनी आरसीएम के प्रमुख टी.सी.छाबड़ा की लाल डायरी में फिल्मी तर्ज पर कुछ भी नहीं निकला है। डायरी में न काला हिसाब मिला है और न ही कम्पनी से संबंधित लेखा-जोखा। उसमें निकली है तो कहानियां और कविताएं। आरसीएम की तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ लगी लाल डायरी का राज भी खुल गया है। इस डायरी में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसमें फिल्मों की तर्ज पर अपराधियों और काले धन का खुलासा हो सके। लाल डायरी से जो खुलासा हुआ है उससे यही बात सामने आई कि आरसीएम सुप्रीमो त्रिलोक चंद छाबड़ा को धन कमाने के साथ-साथ कहानी, किस्से और कविता लिखने का भी शौक है। इस लाल डायरी में कहानियां और कविताएं लिखी हुई मिली है।
एक और घपला
आरसीएम कम्पनी ने अपने सदस्यों के लिए बीमे की सुविधा भी दे रखी है और यह सुविधा बजाज एलायंस कम्पनी से ली हुई है। इस कम्पनी द्वारा सदस्यों को भेजी जाने वाली सूचना की डाक में भी आरसीएम ने घपला-घोटाला किया है जो भी लाखों में है। कम्पनी के लाखों सदस्यों को बीमे की सूचना भेजने के लिए कम्पनी से डाक का ठेका भी आरसीएम ने ले लिया और वह सूचनाएं खुद देने लगे जिससे डाक खर्च में हेरफेर होने की बात पुलिस पड़ताल में सामने आई है।

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BAND KARO RAJNITI.CHALOO KARO RCM.
SIRF BHAG CHAND CHHABRA HI NAHI SABHI LOG COMISSION PAA RAHEN HAIN.
SAALOON JAIPUR ME NAHI DEKHA KYA.
KALA DHAN PAR KOI RAJNITI NAHI KAR RAHE HO.
SALE DESH KE GADDAR NETA.
BSP MURDABAAD !!!!
SARI PARTIES MURDABAAD!!!
ANNA HAZARE, RAMDEV BABA ZINDABAAD!!!
i think ur comment correct but who will formed new government for our country ….. pls think this way…….. jai RCM….
दोस्त, आप बिल्कुल सही कह रहे हें, हज़ारों पीयूसी बंद हो गयी थी क्यो? पीयूसी वाले बर्बाद हो गये थे, सिर्फ़ वही पीयूसी चल रही थी जिसका धारक अपनी नेटवर्क की कमाई भी पीयूसी में उडेल रहा था क्योंकि इतने कम मार्जिन में सभी खर्च निकालने के बाद एक पैसा भी शुद्ध लाभ नहीं हो रहा था हक़ीकत में पीयूसी संचालक को टी सी जी ने बड़ी ही सफाई से बेगारी मजदूर बना रखा था जो रात दिन काम भी करें, पूंजी भी लगाएँ और चू तक नहीं करें, और तो और लीडर लोग तो इस बात की ताक में रहते की कब वह मरणासान पीयूसी बंद हो ताकि वे किसी नये आसामी को पूरे स्टॉक के साथ पीयूसी, बाजार उस स्थान पर दिला सकें ताकि लीडरों और कंपनी की कमाई पर तो कोई आँच नहीं आये मरने वाले भलेहि मरते रहे. हज़ारों पीयूसी जो कि चालू हो कर एक वर्ष से पहले बंद हो गयी उनके तन पर लिपटा आखरी कपड़ा सिक्योरटी जमा के 10000/- रुपय भी टी सी जी को उतारने में शर्म नहीं आयी, और जो समान वापस डिपो में जमा कराया उसका रिफंड भी कई पीयूसी वालों को आज दिन तक नहीं दिया गया, कइयों का लेजर में रातों रात हज़ारों रुपयों का स्टॉक ही गायब कर दिया गया पूछने पर यह बताया गया कि वह समायोजित कर दिया गया जबकि कंपनी एक पेसे का सामान भी उधार नहीं देती थी तो किस बात का समायोजन?
दोस्त, यदि सीधे तौर पर सभी एक करोड़ पचास लाख लोगों को और इनडॅयेरेक्ट तौर पर करोड़ों लोगों को वास्तव में आरसीएम से फ़ायदा हो रहा था तो जयपुर में इन करोड़ों लोगो की तुलना में मुट्ठी भर लोग ही क्यों जुटे? जबकि इस सेमीनार में तो अंदर आने का प्रवेश शुल्क 30/- या 100/- भी नहीं लिए जा रहे थे जबकि सिस्टम का हवाला दे कर ये लीडर लोग व टीसीजी बेचारे आम डिस्ट्रीब्यूटर की इस बहाने अब तक बेहिसाब जेबे काटते आए थे, अब जब भीड़ जुटानी थी तो इनका सिस्टम-उसूल फुर्र हो गया, वजह बिल्कुल साफ हे कि फ़ायदा इन चंद मुट्ठी भर लोगों जो कि लीडर थे और टीसीजी एण्ड फेमेली को ही हो रहा था और आमजन कंपनी के द्वारा नित नये थोपें गये बिजनस प्लान, शर्तो, स्कीमों, लॉटरी व अंदर ही अंदर होने वाले षड्यंत्र एंव घोटालो के कारण लुट रहा था.
सरकार को इन लीडरों के खिलाफ भी कार्यवाही करनी चाहिए क्योकि इन्ही की वजह से आमजन गुमराह हुआ और ये लोग भी कंपनी के द्वारा हर स्तर पर की जा रही ठगी के कार्य में हिस्सेदार थे, जब ठगों के सरदार पकड़ लिए गये तो गिरोह के सदस्य खुल्ले क्यों घूम रहें हें? सरकार को भगवान सद्बुधि दे इसके लिये यग्य हवन कर रहें हें इन लोभियों को यह मालूम नहीं कि हवन की वजह से यदि सरकार को इस ठगी प्रकरण में सही सद्बुधि आ गयी तो वे भी हवालात में होंगे.
आरसीएम बिजनस 100 % इन्वेस्टमेंट चिटफंड, मनी सर्कुलेशन पिरामिड स्कीम व लोटरी सिस्टम पर आधारित था
साथियों, मुख्यत कपड़ा बुनने की कंपनी के निदेशक टी. सी. छाबड़ा ने खुद व अपने परिवार को अरबपति बनाने के लिए बड़ी ही शातिर तरीके से एक के बाद एक नित नयी स्कीमों का ऐसा ताना-बाना बुना कि उपरी तौर पर भोले-भाले ग्रामीणों को क्या पढ़े-लिखों को भी यही लगता कि कंपनी अपने साथ जुड़ने वाले मेम्बर्स को बिना बिचोलियों के वाजिब दर पर सीधा सामान बेच रही हे और यदि वे मेम्बर्स अन्य लोगो में इस बात का प्रचार कर के उन्हें भी अपने साथ कंपनी का यदि सदस्य बना दे और वे सभी कंपनी का सामान खरीदना-बेचना शरु कर दे तो कंपनी उन्हें अपने बनाये बिजनस प्लान के नियमानुसार इस कार्य का उन्हें पारिश्रमिक भी देगी इसके साथ ही उनकी स्वयं की प्रति माह होने वाली खरीद और लायी गयी नई जोइनिंगो के आधार पर स्कीम के मुताबिक पॉइंट बनेंगे और हर 10 पॉइंट हो जाने पर जो 1000 /- रुपये का कमीशन सामान्यत इस स्कीम से पहले बनता था उसमे से 250/- रुपये (बाद में इसे भी 500/- कर दिया गया) “लोयल्टी बोनस” फंड के लिए काट कर शेष 750/- रुपयों (बाद में इसे भी 500/- कर दिया गया) का नियमानुसार कटोतिया कर उसके आरसीएम बिजनस एकाउंट में और तत्पश्चात इस एकाउंट में कुल 500/- रुपये हो जाने पर अगले माह तक उसके बेंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जायेगा.
कंपनी ने जब यह “लोयल्टी बोनस” का फंडा बनाया तब मुख्यतः यह कहा गया कि एक निर्धारित तिथि तक कंपनी में जितनी भी “लोयल्टी बोनस” आइडिये आ जाएगी उनकी लाटरी निकाल कर वरीयता सूची बनायीं जाएगी और इस सूची में हर क्लब सदस्य के डाउन में निम्न सदस्यों की संख्या होने पर उन्हें उस फंड में से उनके लेवल अनुसार निम्न प्रकार से भुगतान किया जायेगा :-
1 लेवल – नीचे 4 सदस्य हो जाने पर – 250/- रूपए
२ लेवल – 4 के नीचे 16 सदस्य हो जाने पर – 750/- रूपए
३ लेवल – 16 के नीचे 64 सदस्य हो जाने पर – 5000/- रूपए
४ लेवल – 64 के नीचे 256 सदस्य हो जाने पर – 51000/- रूपए
और यह वरीयता सूची तय हो जाने के बाद क्लब सदस्य को इस “लोयल्टी बोनस” की अपनी सदस्यता बरक़रार रखने के लिए हर माह कम से कम 1000/- रुपयों का सामान अनिवार्य रूप से खरीदना पड़ेगा जिस पर फिर पॉइंट बनेगे और फिर 10 पॉइंट हो जाने पर जो 1000 /- रुपये का कमीशन बनेगा जिसमे से 500/- रुपये “लोयल्टी बोनस” फंड के लिए काट कर शेष 500/- रुपयों का नियमानुसार कटोतिया कर उसके आरसीएम बिजनस एकाउंट में और तत्पश्चात इस एकाउंट में कुल 500/- रुपये हो जाने पर अगले माह तक उसके बेंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जायेगा व जिस माह उपरोक्त टेबल के अनुसार सदस्यों की संख्या उसकी जिस “लोयल्टी बोनस” आई डी के डाउन में हो जाएगी उस पर सदस्यों की संख्यानुसार बनने वाली “लोयल्टी बोनस” राशी का भुगतान भी किया जायेगा साथ ही मीटिंगों में कंपनी के कर्ताधर्ताओं एवं लीडरों द्वारा यह प्रचार भी किया गया कि इस “लोयल्टी बोनस” सिस्टम से जुड़ने वाले हर क्लब सदस्य को शीघ्र ही ये सभी लाभ प्राप्त हो जायेंगे.
यह कंपनी के द्वारा जारी कि गयी मुख्य “लोयल्टी बोनस” स्कीम थी जिसमें बाद में समय-समय पर कंपनी ने अपने फायदे के लिए इसमें कई नियम-उपनियम थोंपे एंव निश्चित संख्या हो जाने पर भुगतान करने वाली अपनी बात को गोल करके एक लोटरी सिस्टम ईजाद किया गया एंव इस “लोयल्टी बोनस” फंड में से लोटरी के भाग्यशाली क्लब विजेताओं को तीन तरह से क्रमश 51000/-, 5000/-, व् 1000/- रुपयों का लाभ देना शरु किया गया वरीयता से लाभ देने की बात को ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया. फिर कुछ समय बाद कंपनी के निरंकुश कर्ताधर्ताओं ने इस लोटरी योजना के भुगतान को “लोयल्टी बोनस” फंड से देने की बजाय कंपनी के मासिक बिजनस वाल्लयुम के 5% फंड से जोड़ दिया जिसमे इंश्योरेंस और नयी जोइनिंग का बिजनस वाल्लयुम सम्मलित नहीं था, कंपनी ने अपने प्लान चेंज करने का सफ़र जारी रखा और लोटरी का प्रथम पुरस्कार की राशी को 51000/- से घटा कर 11000/- कर दिया यही नहीं मासिक बिजनस वाल्लयुम के 5% फंड को भी घटा कर 4- 3% तक कर दिया गया.
इस तरह मुख्य “लोयल्टी बोनस” स्कीम में इन्वेस्टमेंट* पर निश्चित तौर पर कम समय में लाभ मिलेगा का आधार, भरोसा दिला कर कंपनी ने लाखों की संख्या में नए सदस्य और “लोयल्टी बोनस” सदस्य बनाये बाद में पूरी तरह से स्कीम को चेंज कर के उन लाखों लोगो के साथ धोखाधडी व ठगी की हे.
* स्कीम में इन्वेस्टमेंट :- किसी भी व्यक्ति या सदस्य को उसको दी जाने वाली भुगतान योग्य धनराशी में से जबरदस्ती कुछ या आधी राशी कंपनी की स्कीम के लिए काट कर भुगतान करना में काटी गयी धनराशी एक तरह से कंपनी द्वारा अपनी स्कीम में उस व्यक्ति से कराया गया इन्वेस्टमेंट ही था और छल से कराया गया एसा इन्वेस्टमेंट जिसमें उस व्यक्ति की इक्छा-अनिक्छा का कोई महत्व ही नहीं था क्योकि उसके द्वारा कंपनी के बिजनस प्लान के अनुसार लाभ लेने के लिए हर माह खरीददारी करनी अनिवार्य थी और खरीददारी करने पर एक न एक दिन 10 पॉइंट बनने ही थे अंत “लोयल्टी क्लब” में उसका इन्वेस्टमेंट होना ही था, उसके चाहने न चाहने का कोई विकल्प कंपनी ने रखा ही नहीं था. इस तरह से आरसीएम बिजनस 100 % इन्वेस्टमेंट चिटफंड, मनी सर्कुलेशन पिरामिड स्कीम व लोटरी सिस्टम पर आधारित हो गया था जो की गेर क़ानूनी हे.
उपरोक्त बातें सारांश में लिखी गयी हे इसके विस्तृत प्रमाण के लिए हम आरसीएम कंपनी के निदेशक टी. सी. छाबड़ा और अधिकारीयों के द्वारा लिखे गए सभी “सेवक संवाद” को ऑन लाइन शीघ्र ही जारी कर रहें हे, कंपनी की उपरोक्त स्कीम से किस प्रकार लाखों की संख्या में लोग ठगे गए और यह कंपनी शुरू से ही हर तरह से हर स्तर पर आम अवाम जन को किस प्रकार ठग रही थी इस बात के भी शीघ्र और भी कई खुलासे किये जायेंगे ताकि आमजन लीडरों के बहकावे में नहीं आये और उन्हें क्या करना हे इस बात का सही निर्णय लेवे.
धन्यवाद
सोजन्य से :- सत्य प्रकाश
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रोजगार सृजन में अहम हो सकती हैं डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां
Courtesy: Dainik Jagran, Delhi – 19 March 2011
सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल इस क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों में 70 फीसदी महिलाएं हैं। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। योजना और संसदीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने भारत में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग पर शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की। इसे इक्रियर (आइसीआरआइईआर) और इंडियन सेलिंग एसोसिएशन द्वारा तैयार किया गया है। सीधी बिक्री का समाजिक और आर्थिक प्रभाव :एक प्रोत्साहन नीति की जरूरत रिपोर्ट को जारी करते हुए कुमार ने कहा डायरेक्ट सेलिंग इस क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सशक्त कर रहा है। यह क्षेत्र सरकार के लिए 50 करोड़ रोजगार के अवसरों के सृजन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में अधिक लोगों की जरूरत होती है। इसलिए यह समावेशी विकास और समृद्धि के ऊपर से नीचे की ओर जाने के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में इस उद्योग की वृद्धि दर को बरकरार रखने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत है। इसके लिए एक अलग मंत्रालय बनाया जाना चाहिए और कानून के जरिए इसकी निगरानी की जानी चाहिए। वर्ष 2001-02 में इस क्षेत्र में दस लाख लोग कार्यरत थे जो वर्ष 2009-10 में 30 लाख हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में डायरेक्ट सेलिंग का वर्गीकरण अभी भी अस्पष्ट है। इसकी परिभाषा स्पष्ट करने की जरूरत है ताकि इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह हो सके। रपट के मुताबिक इस क्षेत्र को 43 प्रतिशत आमदनी प्रथम श्रेणी के शहरों से होती है। मगर कंपनियां अब नए ग्राहकों की खोज में छोटे शहरों और गांवों की ओर रुख कर रही हैं। देश में इस समय एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हैं। विश्व स्तर पर सीधी बिक्री क्षेत्र का उदय 20वीं सदी की शुरुआत में हुई लेकिन इसने 1980 के दशक में रफ्तार पकड़ी। वहीं भारत में यह क्षेत्र 1980 के दशक में शुरू हुआ और 1990 में विदेशी कंपनियों के भारत में प्रवेश के साथ इस क्षेत्र में गति आई|
दोस्तों,
देनिक जागरण द्वारा दी गयी उपरोक्त खबर आज के सन्दर्भ में बड़ी ही महत्वपूर्ण हे, हमारे देश के तेजी से विकास एवं हर बालिग़ को न्यायप्रद रोजगार देने के लिए अच्छी, मजबूत एवं कानून सम्मत “डायरेक्ट सेलिंग उद्योग कंपनियों” की आज सख्त जरुरत हे.
ऐसी कम्पनियाँ जो कि “एक सबके लिए, सब एक के लिए” के सहकारिता के मानद सिद्धांत पर कार्य करती हो एवं इसी सिद्धांत को ध्यान में रख कर कानूनन रजिस्टर्ड हो एवं जिनके द्वारा निर्मित, विक्रय किये जाने वाले उत्पाद की क्वालिटी उपभोक्ताओं के हित के लिए बनायी गयी तृतीय पक्ष संस्थाओं से प्रमाणित हो और वे वास्तव में सभी सदस्यों को उनके कार्यानुसार प्रतिफल, लाभ देने के लिए वचनबद्ध हो.
ऐसी कंपनियों का बिजनस प्लान भाई-भाई को आपस में लड़ाने, बांटने वाला न हो बल्कि पूरे देश में आपसी सोहाद्र बढाने का सचमुच में योगदान करता हो, हरेक सदस्य के द्वारा कभी भी पूरी न की जा सकने वाली शर्तो से उलझाया हुआ न हो, जिसमे बेईमानी, ठगी, भ्रष्टाचार का कंही नामो-निशान भी न हो, उत्पादों का विक्रय मूल्य लागत से बहुत ज्यादा न हो कर वाजिब दाम पर हो.
साथियों, आज नेटवर्किंग का कार्य हमारे लिए नया नहीं हे और प्राय हम सबने इस तरह की कई कंपनियों का कार्य कर के खट्टे-मीठे अनुभव भी प्राप्त किये हे. आय में लाभ-हानि हो सकती हे लेकिन अपने-अपने कार्य शेत्र विशेष, स्थान विशेष में प्राप्त अनुभव, ज्ञान अनमोल होते हे जो कभी नष्ट नहीं होते हे.
आप अपने अनुभवों के आधार पर एक अच्छी डायरेक्ट सेलिंग नेटवर्किंग कंपनी, संस्था के बिजनस प्लान में क्या-क्या जरुरी चीजे और केसे होनी चाहिए के बारे में अपने सुझाव, सलाह संषेप या विस्तार में यदि इस मंच की इस पोस्ट पेज (सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी) के कॉमेंट बॉक्स में देंगे तो एक “सर्वे हिताय, सर्वे सुखाय” को ध्यान में रख कर एक नयी कंपनी की सरंचना, स्थापना आसानी से की जा सकेगी जो कानून सम्मत भी हो और आप सभी को सर्वमान्य भी हो.
आशा हे की देश हित में आप अपने सुझाव, विचार इस पोस्ट के पेज “सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी” पर जरुर कॉमेंट करेंगे.
कॉमेंट करने के लिए शीघ्र विजिट करें :- rcmmanch.blogspot.com
आपका हितेषी
सत्य प्रकाश
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kya koi mujhe ye news de sakte hain ke humare top leaders,jin ke programme hum ticket leke dekhte the wo log ab kya kar rahe hain?kya un sab ne koi dusri company join kaar li hain??aapne sahar ke royalti or technical achiver walo ki news le kar ya batiye….humare yaha 2-4 jo royalti wale the wo sab companyse rista tod ke dusri company join karli hain….
sale desh ko chutia bana rahe ho.desh ke janta sab dekh rahi hai.
jai rcm jai bharat.jago rcm distributor.jai hind
sare neta chor hain ,chutia hain.
jago india!!
jago rcm pariwar!!!
RCM CDWA ZINDABAAD!!
ZINDABAAD!!!!
i think rajisthan police,govt and bhaskar does not know abc of network marketing.by joining own family members tc ji has not commited any crime. charity starts at home.in rcm we do not look caste,creed ,color,sex,religion or family.i think police,politicians and media must go to experts of network marketing nd must learn the basic rules of network marketting before taking any action against it.all the charges that have been charged against rm are baseless.police nd polticians re perhaps waiting for their share.but they must know that it is tc ji,a man with mission,a man with purpose,a man with dream,a man with determination.he will never give u a single penny.it s better for all of u to join this movement as early as possible.JAI RCM.
BANJH KYA JANE KI MAA BAN-NE ME KITNI PIDA HOTI HAI?
CHHABRA PARIWAR HI NAHI DESH ME BAHUT SARE ACHIEVERS PARIWAR HAI JINKE GHAR ME ANEK LOGO KE NAAM SE BATAI GAI RASHI SE V ADHIK INCOME AATI HAI…..
SARE ENQUIRY AGENCIES AGAR IMANDARI SE IS SYSTEM KI PURI PLAN KO DEKHE AUR IGO CHHOR KAR SAMJHNE KA PRAYAS KARE TO IN SAB KI V JOINING V PAKKI HO JAAYEGI…AUR INKI AANE WALI SAAT PIDHI TAR JAAYEGI….
R-C-M EK AISA AZUBA SYSTEM HAI JO PURE DESH KO REAL AZADI DILAKAR EK ACHHA INSAAN V NIRMAN KARTA HAI….
MEDIA AUR POLITICIANS SE APPEAL KARTA HU KI AAP SAB APNI — IGO–SHAK–SHANKA ( Three Enemy) KO JALDI CHHORE AURE R-C-M JASI PAWITRA SYSTEM KO CHALU KARE,,…….
ARVIND SINGH AZUBA….MOB..09234640558..RANCHI;
E.MAIL–rcmazuba@yahoo.com
vijay rcm,sala chora am deshre tame mane chori kari kari manasanti helani je rcm upare akhi pakaila.jadi lancha nebapain chaunchha tebe sidhha sidhha kuha.nachet mandira re basi vikari vali thali dhari basa. tuma mananku ame vika deba pain ready achhu.aare rajasthan prasasan tuma bopa mane tumaku kunda dei patha padhei chhantiki.tuma etiki bujhi paruna rcm ra udeshya ku.pahele tha jai rcm,abhi hoga vijay rcm……..bande maa taram……
Raj police aur politicians mlm ke bare mai kuch nahe jante.muje lagta hai yeh sirf money bai ke basha samajte hai.par yeh sab nahe jante ki t c ji se ek paisa be nahe milega.aaj nahe to kal Rcm ke jeet hoge.jai Rcm.
Ye dainik Bhaskar News ko to Band kar deni chahiye ye mujhe RCM ka marketing Plan samjha raha hai BC Chabra ke lakho commission kyon na mile wo to karta dharta hai aur kis ACT me likha hai ki koi bhi company me Bhai 1 member nahi ban sakta hai bahle Chabra Family tam india. hame is baat se koi taqliph nahi hai ki BC ji ko monthly commission kyon lakho milte hai 1 nomber per ham bhi join kar jate to aaj lakho hame bhi milta lakho nahi to hajaar to mil raha hai na. Kya Rajsthan Sarkar aisi system de sakti hai. raha baat kamane ka to company kitna bhi kamati hai usse hame kya hame Rs. 14 ka salt RCM se rs. 10 ka milta hai aur Business value ka 41% wapas bhi milta hai wo bhi Tripal Refind to kya bura kar rahi hai RCM.
hame Rice Bran rs. 140/- ka Rs. 100 me milta hai aur Rs. 45 ka 41% commission bhi wapas milta hai to RCM galat kar Rahi hai. Jago RCM Dstributor Danik Bhaskar aur Poolsh yah kah rahi hai ki ham log Ghatiya Quality Kha Rahe hai. main Chalange karta hoo koi RCM ka Quality aur Rate compare kar le. ek aur example Nestle ka Coffee 50 gm rs. 89 aur RCM ka Coffee 50g Rs. 65/- RCM Galat kar rahi hai. man kahta aise utpatang bate chapna band karen nahi to ham Maan Hani ka daba bhi kar Sakte hai.
JAI RCM
Sangeea
100% correct your openion…….haur,panskura,w.b-9733512873
chalte roho
vijay rcm,bharat mata ko namaskar .hamara desh main itna chor bhadate gaye ki unko gina aur sambhalna muskil he.ramdev ji bole kala paisa ko desh ko wapash lane ki,ish lie unko rata rat pit mar ke bhagae,annaji bole desh main durniti hatane keliye lekin unko vi samarthan nahi mila,pahele hamara desh ko gandhiji ajadi banaye ,ab t.c ji arthik ajadi banane ki prayas jari rakhate hein,aur bhi unka mission he \ India is the richest country on the map\.ohi bat ko samjane ki kosis karo.nehi to hamara deshmain aag lagega aur pura rajniti ko bhaga diya jayega.ye rcm distributors ka wada.vijay rcm
Ye Poolsh ka kahna hai F. Y 2009-10 me खरीद 753 और बिक्री 1444 करोड़ की
कंपनी की बैलेंस सीट के अनुसार, ham log dhanyabaad karte hai poolsh wale ko jo ye jaankar hame di. yahi galt pahle bhi ki thi jo news ye aa rah thi RCM ne 2000 crore ka Ghotala kiya to Distributor 1.35 cr x Rs. 1500 per joining = Rs. 2000 cr Ghotala ab ye blolenge Rs. 1444 sale – 753 purchase = 691 ka net profit. to main ye kahna chahunga company ka expenses poolsh aur neta aur Rajsthan Sarkar pay kar rahi thi. company ka selling, commission, Distributing and other expneses lagbhag Selling ka 45% ho sakta jo lagbhag 6.5 cr ho sakta ha aur company ka profit may be 40 to 45 cr ho sakta hai to sme hairani ki kya baat hai company ne Karoro rupya lagaya hai to karoro kamayenge hi hamare jeb se to nahi ja raha hai. ham log RCM ke quality & price se santust hai. acha mazak bana rha h Indian Poople ke sath rajsthan ke poolish. ye Rajsthan sarkar ek rojgaar to de nahi sakti hai dusro ke rojgaar par laat marne par amada bana hua hai.
JAI RCM
9968225775
joy rcm.
1lt cococola.pepsi,spit me jo metrials deta he ove sara jahar he os ka jo cost he only 2-3 rupees he lekin os ka mrp rs 45/-.yea rajasthan police ko najar nehi arahahe?kio ayga?yea bedeshi company he.yea company se core rupiya milta he.lekin tc ji srf distributor ko paise deta ha.islia rcm police or rajneta ka dosman.
pls bharat maa ka saath or ganda khel mat khelo.
vijoy rcm
murari-9615614035
Written the actual truth.jai RCM
Dosto main ye khabar dekha aisa lagta hai ye police wale ko ab jalan hone lagi hai ham logo ki kamai se chahe wo paise BC Chabra ji kama rahe ho ya Mukesh kothari j, ya Surender Vats ji, unhe srf 3-4 naam hi pata hai RCM ke mamle me 1) TC ji, 2) BC Ji (3) Saurabh ji main kahta hoo hame is baat par dhyan nahi dena chaiye kaun kitna kama raha hai hame ye pata hai imne jitna mehnat kiya uska paisa mil raha hai ya nahi. Baat rahi RCM ki income ki baat to main bata du koi bhi company ka income Sirf Sale – Purchase nahi hoti hai uska sabse bara expenses hota Selling, Manufactring & Distributing expenses jo salling ka 40 to 45% tak hota hai to isme koi hairan ki baat nahi hai.
Jai RCM
Soban Singh Aswal
9810082717
saalo rcm walo tumahre saath yahi hona chahye tha. jab speakasia band hui thi tab saalo tumne jashan manaya tha ki chalo ek top company band hui or ab hamri company chalegi.saalo agar tab jaag gaye hote to ab ye din na dekna padta.isliye ab karte raho intejaaaaaaaar.
sale rcm university me pahle naam likha le tab tujhe pata chalega rcm ka kya lakshya hai.
gali dena band kar de.nahi to bahut bhari padega.
join rcm to ur nearest rcm distributor.
भीलवाड़ा। मल्टीलेवल मार्केटिंग कम्पनी आरसीएम के प्रमुख टी.सी.छाबड़ा की लाल डायरी में फिल्मी तर्ज पर कुछ भी नहीं निकला है। डायरी में न काला हिसाब मिला है और न ही कम्पनी से संबंधित लेखा-जोखा। उसमें निकली है तो कहानियां और कविताएं। आरसीएम की तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ लगी लाल डायरी का राज भी खुल गया है। इस डायरी में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसमें फिल्मों की तर्ज पर अपराधियों और काले धन का खुलासा हो सके। लाल डायरी से जो खुलासा हुआ है उससे यही बात सामने आई कि आरसीएम सुप्रीमो त्रिलोक चंद छाबड़ा को धन कमाने के साथ-साथ कहानी, किस्से और कविता लिखने का भी शौक है। इस लाल डायरी में कहानियां और कविताएं लिखी हुई मिली है। Rajsthan police ko isme bhi Ghotale ki bu aa rahi hogi.
R. Sahu
Jai Jain RCM
Good RCM
Jai Bharat RCM
ek ye hai jo desh ke liye mar mitne ke lye taiyar hai aur saath me logo bhala karne ke liye hamesh aage rahte hai unki Introduction kara raha hoo.
Self Introduction : मेरा नाम आर एन सिंह है एंड बेसिकली आई ऐम फ्रॉम इंडियन एअर फ़ोर्स और इस पवित्र मिशन में आज तीन साल से ऐक्टिव रूप से अपनी सेवाएँ दे रहा हूँ | इस पवित्र मिशन में कार्य करते हुए आज मेरी जिन्दगी में जो मिला है, उसकी जितनी भी तारीफ करूं वह कम है | इस मिशन ने मेरे लाइफ स्टाइल को१८० डिग्री के ऐंगल से चेन्ज कर दिया है | मैं यहाँ तक कह सकता हूँ कि आर सी एम् परमात्मा द्वारा, मनुष्य जाति के इतिहास में आज तक दिए गये सभी उपहारों में एक अनोखा उपहार है |
हो सकता है आप इस मिशन के बारे में पहले से कुछ जानते हों लेकिन आज मैं आपको इसके बारे में कुछ खाश और महत्वपूर्ण जानकारियां देना चाहता हूँ | जो आज हर इन्सान के लिए अति-आवश्यक हैं | मुझे पूर्ण भरोसा है कि आपको ये जरूर पसंद आएंगीं |
आज यह मिशन पूरे देश में एक विशाल स्तर पर कार्यरत है | आखिर इसके क्या उदेश्य हैं ? वैसे तो इसके बहुत विस्तृत उदेश्य हैं |लेकिन आइए इसके मुख्य तीन उदेश्यों के बारे में संक्षिप्त में थोड़ी बातें करते हैं |
पहला :- स्वास्थ्य रक्षा :-आप जानते हैं कि स्वस्थ्य शरीर में हीं स्वस्थ्य मन का निवास होता है लेकिन आज हमारा देश स्वास्थ्य की समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है | लाखों लोग जानकारी के आभाव में काल के गाल में समा जाते हैं | उन्हें क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खान चाहिए |उन्हें पता ही नही होता है|आये दिन हम मिलावटी पदार्थों के बारे में समाचार पत्रों ,टी वी में सुनते रहते हैं | देखते-देखते आज कितने घर आज बर्बाद हो जाते हैं | आर सी एम् अपने प्रोडकटों की शुद्धता और बेहतर क्वालिटी की १००% गारंटी देता है | क्योंकि इसके प्रोडक्त आम बाजार में नहीं मिलते हैं बल्कि इसके अपने आउट- लेट में हीं मिलते हैं |
दूसरा – नये भारत का निर्माण :-यह मिशन ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’के आधार पर कार्य करता है | इसमें प्रत्येक व्यक्ति की ,पूरे समाज की ,पूरे राष्ट्र की मंगल कामना छिपी हुई है | यह प्रत्येक इन्सान को वह सब कुछ देना चाहता है जो उसका जन्म सिद्ध अधिकार है | आज आपसी लड़ाई -झगड़े ,दंगा -फसाद ,सम्प्रदाय-मतभेद, जाति- मतभेद जो दीमक की तरह हमारे समाज को खाए जा रहा है , उसको समाप्त कर आपसी भाईचारे ,आपसी सहयोग का जबर्दस्त समर्थन करता है |इतना हीं नहीं यह अभियान व्यसन मुक्ति और नारी शक्ति के उत्थान के लिए कृत संकल्प है | यह एक ऐसा तरीका है जो दूसरों के लिए जीना सिखाता है |यह सिस्टम विन- विन सिचुएसन पैदा करता है | इस कम को करने में हर इन्सान एक गर्व का अनुभव करता है |
तीसरा -स्वावलम्बन : आप सब जानते हैं किआज हमारे देश कि सबसे बड़ी सम्स्या गरीबी और बेरोजगारी है | आज ज्यादातर इन्सान दूसरों पर निर्भरता और समझोतों की जिन्दगी जीने के लिए मजबूर है |जब तक हर इन्सान आत्म स्वावलम्बी नहीं होगा तब तक देश को स्वावलम्बी नही बनाया जा सकता | इस मिशन को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि इस मिशन में काम करने वाला हर साथी आत्मस्वावलम्बी बन सके और साथ हीं साथ लोगों को भी आत्म स्वावलम्बी बनाने में उनकी मदद कर सके | आज इस मिशन में काम करने वाले हजारों साथी आत्म स्वावलम्बी बनकर अपनी जिन्दगी को बेहतर अंदाज में जी रहे हैं और लोगों का हाथ पकड़ कर उनका मार्ग दर्शन करने को तैयार हैं |
Aur ek hai Rajsthan ke police wa Sarkar jo is desh ko mitane par lage hai. kitna fark hai in dono me.
JAI RCM
HUM JIT KAR RAHENGE
MERE pyare rcm bhaiyon aap mat ghabrana .aap jaha par hain lage rahen.hausla barkrar rakhen. jit humari pakki hogi.aap association ke bhi sampark me bane rahen.jai rcm .jai bharat.
Police ki sabhi reports KHISIYANI BILLI KHAMBA NOCHE hain.
in reports par to koi comment karne layak bhi nahu hai.
JAI RCM, GREAT RCM, GOOD RCM
aap in site par rcm dekh sakte hain.—-
1.www.rcmbusiness.net
2.www.rcmassociation.com
3.rcmstarsblogspot.com
4.apnarcmblogspot.com
par lagatar najar rakhen.
Aroop Baseless hain kyon ki network marketing main 5 saal kaam karo aur pure jivan bhar income paate hain. 2nd mlm main sabse pahle apne nazdiki logo ko hi jain karaya jata hain
I like RCM. Because all RCM products could be bought at reasonale price. On the other hand every distributor was provided commission against his / her purchase. JAI RCM.
RAJ GOV. JO KARO JALDI KARO . DISTI. KA TIME KHARAB MAT KARO
CHALU KARO YA BAND KARO
ARE CHUTIYAON KE PTTHO,HUMNE RCM PURE 5 SAL KIYA,ROYALTY BHI AAYI,TECHNICAL BHI AAYA,PR RCM SE HUM PR 5 Lakh ka karj ho gya hai.YE BHOS.DI KA T.C.CHABRA ESKI MAA KI CHU.T ESNE APNA FAYDA KIYA HAI.LOGO KA NHI KIYA HAI.SALE PR 600 KRORE RUPYA NIKL CHUKA HAI.ESNE BHOLI JANTA KO LUTA HAI.ESE SARKAR KO MRTUDAND DENA CAHIYE.SALA 50 KA SAMAN 100 ME BECHTA THA.YE SBSA BDA THAG AUR CHOR HAI.MAIN SARKAR SE DARKHAST KRUNGA KI ESE MRTUDAND DE. JAI RCM
gali dene se pahle soncho.tumhe rcm ke product ke bare me kya pata hai.tere se badhia galli jannte hain hum log. lekin ye rcm pariwar ke sanskar me nahi hai.
Dear Friends mai aapko batana chahunga ki RCM ne Koi fraud nahi kiya hai kyonki RCM ne sirf ek concept ko hi change kiya hai Traditional se Direct aur jo Business plan banaya hai wo bhi bahut sandaar hai ki ek addmi to Royalty income aati rhe ..ye 21vi sadi ka sabse bada udhog hai isko sabhi bade bade networker bhi mante hai agar meri baat ka yakin nahi ho rha ho to aap Dr. ujjwal patni ki book “NETWORK MARKETING KITNA SUCH AUR KITNA JHOOT” READ kar sakte hai.. aur jo bhi mere bhai log RCM ko gaali de rhe hai yaa malik ko gaali de rhe hai wo abhi nadaan hai (hamari bhartiya sabhyata mai kisi ki neends karna bura hai agar real mai koi bura krega to bhagwan ji ke haath mai asli remote control hai cinta mat kro.) hume Duniya mai RCM ko role model of Network banana hai…agar aap mere sath hai to bas apni team ke sath Delhi mai jaldi se jaldi ek Dharne ki tayari karni hai ……….my contact no. is 9212956279……agar kisi sathi ko bura laga to maaf karna lekin akhir mai me aap sab se mai ye hi kahunga ki 15 March se pahle hi Sab kuchh thik ho jaayega agar viswaas hai to teeke rho aur sahyaaog kro positive mahol banane mai…………JAI JAI RCM
WONDERFUL; AAPKE COMMENT TO EK SACHHE SEVAK KI TARAH HAI…….RCM KE SAMAR BANKURO TUMKO 100 BAAR BADHAI HAI;
UN SANSKARO KO NAHI BHULNA JO RCM SE PAAI HAI….
VJAY RCM
ARVIND–RANCHI.MOB-9234640558
E.mail–rcmazuba@yahoo.com
SUNIL G….
BANDHU; AGAR AAPNE ROYALTY AUR TECHNICAL PRAPT V KIYA HOGA TO 100% SAFALTA AUR RCM TIMES ME ANKIT NIRDESHO KAA PALAN NAHI KIYA HOGA; ISKA MAI AAPKO KHULI CHUNAUTI DETA HU.
SACH TO YE HAI KI AAPKI BAAT ME MUJHE THORA V DAM NAZAR NAHI AATA HAI .
AGAR AAPKI BAAT SATYA HAI TO APNA DIST. NO. AUR PASSWORD MERE MAIL PAR SEND KARE. SITE KHULNE PAR DUDH-KA-DUDH ; PANI KA PANI HO JAAEGA,,,,,,,AAPKO KARJDAR R-C-M NE NAHI KHUD AAPKI SOCH AUR CHHOTI MANSIKTA NE BANAYA HOGA…..
R-C-M KA VANVAS SAMAPT HONE WALA HAI…NAI JUNG JITNE KE LIYE TYAR HO JAE…..
AAPKI VIJAY KI KAMNA KE SAATH ——-
ARVIND SNG. AZUBA–RANCHI;MOB..9234640558
E,Amail–rcmazuba@yahoo.com
i think this is the time when the real meaning of mlm will be learnt by every individual of this country.whether he is a student, worker, politician, male, female or of any profession, religion and caste.
Rajsthan sarkar ek rojgaar to de nahi sakti hai dusro ke rojgaar par laat marne par amada bana hua hai.
JAI RCM
rcm berojgaarn ko rojgaar de raha hai. i puc me operater hoon. mera 3 month ka payment mujhe rajsthaan sarkaar degi kya???????
hai jawab ………………
STRICT WARNING—-
sabhi non- distributor ko warning deta hun ki —-
gali ka use naa karen.nahi to sakht karwai ki jayegi.
i m not a rcm distributor, but i like this business,
i want to join rcm
as soon as possible….panskura,w.b
koi baat nahi. Lage raho
all rcm dist. goood news,……………goood news,………………………goood news…………………….goood news////…………………….goood news,,,,,,,,,,,,……………………..goood news…………………hum sabhi ke liye jo ajj tak nahi jan paye the itne saalo se rcm krte hue jo ajj jan gaye aander ki dero baate hum sab ke liye to good news hai jo rcm ko detail me janne ko mil aa aur kya bat baki hai chalo khela khatm pne apne ghaaar chalo so jao. aur sbere nayi suruat karo
come with join hand…………….use this below link for chaanging life bhi ye bhut km logo ko pta hai join free ern real………….use my link to joinlogo
Your persoinfo/?lrRef=0ad7df1f
nal invitation link is:
http://signup.wazzub.
m.n 9302725748
Courtesy: Dainik Bhaskar, Bhilwara – 23 Feb 2012
नगर संवाददाता. भीलवाड़ा
आरसीएम(रॉइट कांसेप्ट मार्केटिंग) के डायरेक्टर त्रिलोकचंद छाबड़ा के भाई कैलाश चंद्र, उसकी पत्नी सीमा व इंद्रा पत्नी भागचंद्र छाबड़ा को बिना काम किए घर बैठे बड़ी राशि मिली रही थी। RCM Company की खरीद 753 और बिक्री 1444 करोड़ की कंपनी की बैलेंस सीट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2009-10 व 2010-11 में कंपनी ने क्रमश: करीब 753 करोड़ व 957 करोड़ रुपए की विभिन्न मदों में खरीद की थी। जबकि इन दोनों वित्तीय वर्ष में क्रमश: 1444 करोड़ व 1734 करोड़ रुपए की आय हुई थी। ऐसे में पुलिस ने माना कि कम लागत के उत्पादों को अधिक मूल्य में बेचा जाकर सदस्यों के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी।
दोस्तों मैं भी आर. सी. एम. का एक सच्चा सेवक पिछले २ सालों से हूँ और इमानदारी के साथ आर. सी. एम. से पिछले २ सालों से घर का सामान उपयोग करता हूँ ! और जो मैंने काम किया वो है अपने जानने वाले लगभग १० लोगो को इस सिस्टम के बारे में बताया तथा सामान के बारे में बताया! सभी लोग सामान उपयोग करने लगे आज तक कोई शिकायत नहीं आई कि सामान महंगा है! सभी लोग जरुर इतना बताया कि सामान बहुत अच्छा है ! अब मैं देख रहा ये सारी खबरे RCM लोगो को धोखा दिया है तो रहा नहीं गया मजबूरन मुझे ये बात बोलनी पड़ी! राजस्थान के प्रशाशन बोल रहे है RCM लोगो को धोखा दिया है मैं सारी बातो का जबाब देता हूँ जरा गौर कीजिये !
१) खरीद 753 और बिक्री 1444 करोड़ की कंपनी की बैलेंस सीट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2009-10 व 2010-11 में कंपनी ने क्रमश: करीब 753 करोड़ व 957 करोड़ रुपए की विभिन्न मदों में खरीद की थी। जबकि इन दोनों वित्तीय वर्ष में क्रमश: 1444 करोड़ व 1734 करोड़ रुपए की आय हुई थी। ऐसे में पुलिस ने माना कि कम लागत के उत्पादों को अधिक मूल्य में बेचा जाकर सदस्यों के साथ धोखाधड़ी की जा रही थी !
देखो ग्राहक देखो हमें कौन लुट रहा है RCM या देश कि नामी कंपनी Hindustan Lever आप खुद अंदाजा लगा सकते है इस देश को कौन सदियों से लुट रहा है! शुक्र्यादा कीजिये RCM का जो सामान का रेट नहीं बढ़ा पा रहे है दुसरे कंपनी और ये लोग चाहते है RCM बंद हो ताकि हम लोगो को बेबकुफ़ बनाना जरी रखे ! कोई आदमी इस बात को Challenge क़र सकता है !
Hindustan lever RCM
2010-11 2010-11
Sale 19401.11 crore 1734.00 Crore
Purchase 10347.39 crore 957.00 Crore
—————————————- ———————–
Gross Profit 9143.72 Crore 777.00 Crore
% of Profit 47.13 % 44.80 %
======================= ==============
jai rcm is missin ko jari rakho chhabra sir
Hindustan lever
2010-11
Sale 19401.11 crore
Purchase 10347.39 crore
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Gross Profit 9143.72 Crore
% of Profit 47.13 %
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RCM
2010-11
Sale 1734.00 Crore
Purchase 957.00 Crore
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Gross Profit 777.00 Crore
% of Profit 44.80 %
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देखो ग्राहक देखो हमें कौन लुट रहा है RCM या देश कि नामी कंपनी Hindustan Lever आप खुद अंदाजा लगा सकते है इस देश को कौन सदियों से लुट रहा है! शुक्र्यादा कीजिये RCM का जो सामान का रेट नहीं बढ़ा पा रहे है दुसरे कंपनी और ये लोग चाहते है RCM बंद हो ताकि हम लोगो को बेबकुफ़ बनाना जरी रखे ! कोई आदमी इस बात को Challenge क़र सकता है !
Hindustan lever
2010-11
Sale 19401.11 crore
Purchase 10347.39 crore
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Gross Profit 9143.72 Crore
% of Profit 47.13 %
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RCM
2010-11
Sale 1734.00 Crore
Purchase 957.00 Crore
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Gross Profit 777.00 Crore
% of Profit 44.80 %
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Courtesy: Dainik Bhaskar, Bhilwara – 23 Feb 2012
2) लॉटरी सिस्टम से सभी को नहीं मिला लाभ : एक हजार या ज्यादा की खरीद करने वाले सभी सदस्यों को आरसीएम 11, 5 व एक हजार रुपए ड्रा या लॉटरी से देने का लालच दिया जाता। इससे सदस्यों द्वारा पूरे साल खरीदारी के बाद भी लॉटरी सिस्टम से सभी को लाभ नहीं मिल पाता था। इस तरह कंपनी ने सदस्यों के साथ छलकर अपना बिजनेस बढ़ाया जा रहा था।
मेरे पूर्वज ज़माने से लक्स साबुन उपयोग क़र रहे थे साथ में हम सब भी जब से नारा संभाला है लक्स ही उपयोग करता था आप सब भी किये होंगे RCM से पहले. हम बराबर advertise में एश्वर्या राय को ये बोलते देखा लक्स से नहाओ और सोना पाओ, क्या किसी को मिला! नहीं मिला तो RCM ने लक्की ड्रा किया और करते हैं मै गवाह हूँ लाखो लोगो को इसका फायदा मिल रहा है हरेक महिना ! इसमें कोई जरुरी नहीं कि सब को एक साथ फायदा मिल जाये! जैसे कि लक्स साबुन में नहीं मिला ! क्या राजस्थान सरकार बंद क़र सकती है हिंदुस्तान लिवर कंपनी को तो मन समझू आप इस देश के जनता के लिए क़र रहे है नहीं तो आप खुद कि स्वार्थ, राजनीती दबाब या फिर गहरी शाजिश के तहत RCM परिवार को आप लोग परेशान क़र रहे है.
JAY JAY RCM
R. Sahu
sach to ye hai dost aajj tak jorcm ke kall gujari ko nahi jante the b kam se km saabhi dist. to jan hi gaye hai agar ye real mlm hot a to purchasing ke bad sman kharab niklne per wapsi ka koi to hal ho …………………………….doob jao rrrrrrrrrrrrrrrrrccccccccccccccccmmmmmmmmmmmmmmmm
Krupashankar sing abhi nahi he Mumbai Congress president ,1987 me unone pyaj aur batate ke retail selling ka business chalate the. Kabhi Maharashtra ke Gruharajamantri bhi the . Aise adami ke congress president ke sath garelu sabandh he. unaka 23 Year me 300 cro. Rs. ki property he.(aisa karake unhone aneko logo ka rojgar chhina) kaise aai hogi? mere samaj ke bhahar he aisa konsa business tha jisme unako itana paisa mila. aare idhar product bechke RCM ne ek achha business chalaya logo ko rojkar ka avsar diya.
Yes mr Firdous sir, you are 100% correct. AARTHICK AZADI KA ABHIYAN HAI RCM. nobody can stop rcm. JAI RCM.
Prashanta kr chakraborty. berhampur, west bengal.
Virasat se mili khushi, Khushi ka matlab na jane
Khushi kya cheej hai, Dard jisne jhela vahi jane
Khud ki shakti ko pahchan, Vishwas ko khud me jagale
Jeetna hai agar tujhe, Dard ko apna humsafar bana le
Yahi samay hai jab tere wishwash ki parikcha lijayegi
Chalta chal mushkile teri asaan hoti chali jayegi
Khud ko khushnaseeb samajh, tujhko ek mauka mila hai
ARTHIK AJADI ka bigul baja ha, Abto ARTHIK AJADI ayegi
Andhere ki aandhi ab RCM ke diyon ko bujha n payegi
TC Ji ke deep hain hun – Unki roshni ke age her mushkile phanah ho jayegi
RCM ke chirag se her ghar ko sajana hai
Saheedon ke sapno ki chirya ko aajad gagan me urana hai
CHALO IS NEK KAM KE LIYE DHANYABAD KAMSE KAM ITNA TO BATA RAHE HO KI PAISA RCM SE AATA HAI.
ARE-ARE BHAI YE PAISA SIRF KAILASH ,INDRA, YA SEEMA KO HI NAHI OTHERS KO BHI ISSE KAHI JYADA AATA HAI.
JIS DATA SE YE NIKALA HAI USI DATA ME YE BHI DIKHTA HAI.
OTHERS LOGON KE INCOME KI REVENUE SARKAR KE YAHAN JATI HAI ISSE BHI SAMAJH ME NAHI AATA.
SAMACHAR LIKHNE WALE +JANCH KARNE WALE NE OTHERS KO MILNE WALE PAISON KA JIKRA KYON NAHI KIYA.
DEKHO BHAI JAB ITNI ANDAR TAK PAHUCHE HO TO KAM-SE-KAM TUMHE RCM SE PAISA PANE WALON KE BARE ME PATA HO CHUKA HAI.
CHABRA PARIWAR KE ALWA KITNA PAISA LOGON KO MILTA HAI IS PAHLOO KO BHI TO AKHBAR ME NEWS ME PUBLISHED KARNA CHAHIYE .ITNA TO AAPKE BACHHE BHI AAPKO SAMJHA SAKTE HAI.
AAP BHI PARIWAR WALE HO + IS SAMAJ ME RAHTE HO.
JAISE AAJ KARORON LOGON KA JIVAN DAVN PE LAGA KE EK-TARFA BATE LIKHI YA BATAYEE JA RAHI HAI.GOD AAPKE JIVAN ME YE DIN KABHI NA DE.
PARNTU KARORO/HAZARON KI JINDGI KO IS TARAH JHOLTA HUA DEKHKAR MAZA LENA KYA UCHIT HAI?
AGAR HUM +AAP IS TARH KA CHALAN YA RIWAZ BANAYENGE TO KANHI NA KANHI, KABHI NA KABHI YE RIWAZ/CHALAN YA PRATHA HAMARE +AAPKE RASTO ME HI RORA(STONE) BAN SAKTI HAI.
KISI TASVEER KE KISI EK HISSE KA JIKRA KARNE SE YE SABIT NAHI HOTA KI WO TASVEER ADHURI YA BHHADDI HAI.
SEEMA ,KAILASH . INDRA KE MILNE WALE INCOME KO BATANE SE OTHERS KO MILNE WALI ISSE BADI RASHIYON KO CHHUPYA NAHI JA SAKTA.ITNNA TO SBHI SAMAJH TE HO.PATRAKAR HO YA OFFICER NASAMAJH NAHI HO SAKTE.
CHALO IS NEK KAM KE LIYE DHANYABAD KAMSE KAM ITNA TO BATA RAHE HO KI PAISA RCM SE AATA HAI.
ARE-ARE BHAI YE PAISA SIRF KAILASH ,INDRA, YA SEEMA KO HI NAHI OTHERS KO BHI ISSE KAHI JYADA AATA HAI.
JIS DATA SE YE NIKALA HAI USI DATA ME YE BHI DIKHTA HAI.
OTHERS LOGON KE INCOME KI REVENUE SARKAR KE YAHAN JATI HAI ISSE BHI SAMAJH ME NAHI AATA.
SAMACHAR LIKHNE WALE +JANCH KARNE WALE NE OTHERS KO MILNE WALE PAISON KA JIKRA KYON NAHI KIYA.
DEKHO BHAI JAB ITNI ANDAR TAK PAHUCHE HO TO KAM-SE-KAM TUMHE RCM SE PAISA PANE WALON KE BARE ME PATA HO CHUKA HAI.
CHABRA PARIWAR KE ALWA KITNA PAISA LOGON KO MILTA HAI IS PAHLOO KO BHI TO AKHBAR ME NEWS ME PUBLISHED KARNA CHAHIYE .ITNA TO AAPKE BACHHE BHI AAPKO SAMJHA SAKTE HAI.
AAP BHI PARIWAR WALE HO + IS SAMAJ ME RAHTE HO.
JAISE AAJ KARORON LOGON KA JIVAN DAVN PE LAGA KE EK-TARFA BATE LIKHI YA BATAYEE JA RAHI HAI.GOD AAPKE JIVAN ME YE DIN KABHI NA DE.
PARNTU KARORO/HAZARON KI JINDGI KO IS TARAH JHOLTA HUA DEKHKAR MAZA LENA KYA UCHIT HAI?
AGAR HUM +AAP IS TARH KA CHALAN YA RIWAZ BANAYENGE TO KANHI NA KANHI, KABHI NA KABHI YAH RIWAZ/CHALAN YA PRATHA HAMARE +AAPKE RASTO ME HI RORA(STONE) BAN SAKTE HAI.
KISI TASVEER KE KISI EK HISSE KA JIKRA KARNE SE YE SABIT NAHI HOTA KI WO TASVEER ADHURI YA BHHADDI HAI.
SEEMA ,KAILASH . INDRA KE MILNE WALE INCOME KO BATANE SE OTHERS KO MILNE WALI ISSE BADI RASHIYON KO CHHUPYA NAHI JA SAKTA.ITNNA TO SABHI SAMAJH TE HO.PATRAKAR HO YA OFFICER NASAMAJH NAHI HO.
jai rcm.. Jai bharat.. Sare rajasthan ke neta murdabad
I have read the Charges on the RCM published by Dainik Bhaskar Bhilwara (23.2.2012) all chages are based on the facts but what are the facts should be examined through specialist of net work marketing. Firstly, u should know the power of this system based on the products. RCM Co. is registered with Govt, of India, Min of Carporate (MCA). If this system run by the forain Co. than a lot of money goes to forain Contries and if we purchase the products from the Indian MLM Co. than some income gose to peaple as per his performance as well as to our India Govt. in the shape of TDS. Please note that all the problms like Garibi – Bhrastachar can be solved by using MLM system of Indian Co.
BE INDIAN – BUY INDIAN
Transforming Lives – Transforming India
Healthy Peaple – Healthy India
Jai RCM
Anil
DO NOT WORRY, ABHI SONA TAP RAHA HAI, KUNDAN BAN KE NIKLEGA. RAJASTHAN POLICE BECHARI HAI, UNKI GALATI NAHIN. UNKO PATA HI NAHIN HAI KI MLM KYA HAI. SO LET THEM KNOW EACH AND EVERY THING ABOUT RCM. RCM IS THE BEST MLM IN INDIA. YE KUNDAN BANKAR HI NIKLEGA. ALL THE BEST TO ALL DEAR DISTRIBUTORS. JAI RCM! GREAT RCM!
EA TO APNE BAAP KO BAAP NAHIN BOLENGE,BIDESI WALON KO APNA GHAR MEIN SER BANADENGE.NONSENCE
यह भारत हे यहाँ ठगी में हिस्सा पाने वाले गिरोह के सदस्य अपने गिरफ्तार हुए सरदार को छुड़ाने के लिए आमरण अनशन भी कर सकते हें, क्योकि आख़िर सरदार छूटेगा तभी तो उनको ठगी में हिस्सा मिलना वापस शरु हो पाएगा, उन नादानो को क्या पता क़ि जिसे वे रोज़गार समज रहें हें वह हक़ीकत में लाखों लोगों को ठग कर ठगी की कुछ रकम चंद लोगों में बाँटने का खेल था ताकि वे लोग सरदार की वा-वा करते रहें और चंद रुपयो के लालच में सरदार के सेवक बन कर नित नये भोले लोगो, ग्रामीणों को सरदार की एसी नित नयी स्कीमों में फाँसते रहें जिनकी शर्तें एसी कि न तो नौ मॅन तेल हो न राधा नाचें, और वह बेचारे यदि किसी तरह शर्त पूरी करने की स्थति तक पहुँचने वाले ही हो कि सरदार पुरानी स्कीम को बंद कर के नयी स्कीम लागू कर दे, यदि कोई बोलने की हिमाकत करे तो सरदार उसकी आईडी ही टर्मिनेट करदे, आख़िर सरदार की सल्तनत हे तो नियम कायदे सरदार के ही तो होंगे, उन्हे चुनी हुई सरकार के नियम-अधिनियम की क्या परवाह? जिसमें ये सरदार लोग उनकी भावनाओं और मासूमियत को अब भी लूट रहे हें, अगर सरदार पाक-साफ थे तो न्याय व्यवस्था से भागते क्यों फिर रहे थे? और अब जब पकड़े गये तो इतने स्वार्थी निकले क़ि खुद को छुड़वाने के लिये न्यालय में अपने को निर्दोष साबित करने के बजाया मासूमों को धरने और आमरण अनशन करने का आदेश दे रहें हे. कुछ समय पहले तक देश की भलाई सोचने का ढोंग करने वाले सरदार अब गिरफ्तार होने पर पूरे देश में अराजगता फेलाना चाहते हें क्या इससे उनकी अपने देश के प्रति वास्तविक सोच उजागर नहीं होती हे? इस बात को आमजन को भी समजना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति अपने व्यापार से नियमानुसार कर आदि चुका कर प्राप्त हुई शुद्ध आय से अधिक की संपति यदि बनाता हे तो अधिक वाला पेसा क्या हे? और कहाँ से? केसे आया? उसे एक न एक दिन दुनिया को बताना पड़ेगा ही और यह तो सभी जानते ही हे कि भगवान के घर देर हें अंधेर नहीं और उसकी लाठी आवाज़ भी नहीं करती.
रोजगार सृजन में अहम हो सकती हैं डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां
Courtesy: Dainik Jagran, Delhi – 19 March 2011
सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल इस क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों में 70 फीसदी महिलाएं हैं। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। योजना और संसदीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने भारत में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग पर शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की। इसे इक्रियर (आइसीआरआइईआर) और इंडियन सेलिंग एसोसिएशन द्वारा तैयार किया गया है। सीधी बिक्री का समाजिक और आर्थिक प्रभाव :एक प्रोत्साहन नीति की जरूरत रिपोर्ट को जारी करते हुए कुमार ने कहा डायरेक्ट सेलिंग इस क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सशक्त कर रहा है। यह क्षेत्र सरकार के लिए 50 करोड़ रोजगार के अवसरों के सृजन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में अधिक लोगों की जरूरत होती है। इसलिए यह समावेशी विकास और समृद्धि के ऊपर से नीचे की ओर जाने के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में इस उद्योग की वृद्धि दर को बरकरार रखने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत है। इसके लिए एक अलग मंत्रालय बनाया जाना चाहिए और कानून के जरिए इसकी निगरानी की जानी चाहिए। वर्ष 2001-02 में इस क्षेत्र में दस लाख लोग कार्यरत थे जो वर्ष 2009-10 में 30 लाख हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में डायरेक्ट सेलिंग का वर्गीकरण अभी भी अस्पष्ट है। इसकी परिभाषा स्पष्ट करने की जरूरत है ताकि इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह हो सके। रपट के मुताबिक इस क्षेत्र को 43 प्रतिशत आमदनी प्रथम श्रेणी के शहरों से होती है। मगर कंपनियां अब नए ग्राहकों की खोज में छोटे शहरों और गांवों की ओर रुख कर रही हैं। देश में इस समय एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हैं। विश्व स्तर पर सीधी बिक्री क्षेत्र का उदय 20वीं सदी की शुरुआत में हुई लेकिन इसने 1980 के दशक में रफ्तार पकड़ी। वहीं भारत में यह क्षेत्र 1980 के दशक में शुरू हुआ और 1990 में विदेशी कंपनियों के भारत में प्रवेश के साथ इस क्षेत्र में गति आई|
दोस्तों,
देनिक जागरण द्वारा दी गयी उपरोक्त खबर आज के सन्दर्भ में बड़ी ही महत्वपूर्ण हे, हमारे देश के तेजी से विकास एवं हर बालिग़ को न्यायप्रद रोजगार देने के लिए अच्छी, मजबूत एवं कानून सम्मत “डायरेक्ट सेलिंग उद्योग कंपनियों” की आज सख्त जरुरत हे.
ऐसी कम्पनियाँ जो कि “एक सबके लिए, सब एक के लिए” के सहकारिता के मानद सिद्धांत पर कार्य करती हो एवं इसी सिद्धांत को ध्यान में रख कर कानूनन रजिस्टर्ड हो एवं जिनके द्वारा निर्मित, विक्रय किये जाने वाले उत्पाद की क्वालिटी उपभोक्ताओं के हित के लिए बनायी गयी तृतीय पक्ष संस्थाओं से प्रमाणित हो और वे वास्तव में सभी सदस्यों को उनके कार्यानुसार प्रतिफल, लाभ देने के लिए वचनबद्ध हो.
ऐसी कंपनियों का बिजनस प्लान भाई-भाई को आपस में लड़ाने, बांटने वाला न हो बल्कि पूरे देश में आपसी सोहाद्र बढाने का सचमुच में योगदान करता हो, हरेक सदस्य के द्वारा कभी भी पूरी न की जा सकने वाली शर्तो से उलझाया हुआ न हो, जिसमे बेईमानी, ठगी, भ्रष्टाचार का कंही नामो-निशान भी न हो, उत्पादों का विक्रय मूल्य लागत से बहुत ज्यादा न हो कर वाजिब दाम पर हो.
साथियों, आज नेटवर्किंग का कार्य हमारे लिए नया नहीं हे और प्राय हम सबने इस तरह की कई कंपनियों का कार्य कर के खट्टे-मीठे अनुभव भी प्राप्त किये हे. आय में लाभ-हानि हो सकती हे लेकिन अपने-अपने कार्य शेत्र विशेष, स्थान विशेष में प्राप्त अनुभव, ज्ञान अनमोल होते हे जो कभी नष्ट नहीं होते हे.
आप अपने अनुभवों के आधार पर एक अच्छी डायरेक्ट सेलिंग नेटवर्किंग कंपनी, संस्था के बिजनस प्लान में क्या-क्या जरुरी चीजे और केसे होनी चाहिए के बारे में अपने सुझाव, सलाह संषेप या विस्तार में यदि इस मंच की इस पोस्ट पेज (सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी) के कॉमेंट बॉक्स में देंगे तो एक “सर्वे हिताय, सर्वे सुखाय” को ध्यान में रख कर एक नयी कंपनी की सरंचना, स्थापना आसानी से की जा सकेगी जो कानून सम्मत भी हो और आप सभी को सर्वमान्य भी हो.
आशा हे की देश हित में आप अपने सुझाव, विचार इस पोस्ट के पेज “सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी” पर जरुर कॉमेंट करेंगे.
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आपका हितेषी
सत्य प्रकाश