LATEST BREAKING NEWS FOR 19 FEB 2012

37 comments

आरसीएम के आंकड़ों में उलझी पुलिस

Courtesy: Dainik Bhaskar, Bhilwara – 19 Feb 2012

भीलवाड़ा. पुलिस मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी आरसीएम के आंकड़ों के जाल में उलझी हुई है। आरोपियों से पूछताछ के साथ पुलिस कंपनी के आंकड़े खंगाल कर ठगी की पुष्टि का प्रयास कर रही है। एएसपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि मांडल थाने में दर्ज 9.20 लाख रुपए की ठगी के आरोप में पुलिस रिमांड पर चल रहे आरसीएम के दो डायरेक्टरों त्रिलोकचंद छाबड़ा, उसके बेटे सौरभ व भाई भागचंद छाबड़ा से हमीरगढ़ थाने में पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही कंपनी के विगत दस साल के रिकार्ड को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस ने पूर्व में तफ्तीश कर ग्राहकों के 103 करोड़ कंपनी में बकाया होने का खुलासा किया था। पुलिस इसकी पुष्टि आरोपियों से पूछताछ व आंकड़ों के मिलान से करने का प्रयास कर रही है।

 

Courtesy: Dainik Lokjeevan, Bhilwara – 18 Feb 2012

{ 37 comments… read them below or add one }

1 Naushad U.P. (Ghazipur) February 19, 2012 at 2:56 pm

Sara samachar ko dekhte hue ye lag raha hai ki India ka Police (Rishwatkhor) se lekar prime minister tak sab bik chuka hai.
Bina suchna diye kyo kisi ke uper julm kiya gaya.
lakho me tax dene wali company kaise froudgiri kar sakti hai.
Lag raha hai tax se jyada koi government ko band karwane ka paisa de raha hai. islie rcm ka news sirf negative aa raha ahi.
jai Rishwatkhor Government

Reply

2 Satya Prakash March 16, 2012 at 3:54 pm

आरसीएम बिजनस 100 % इन्वेस्टमेंट चिटफंड, मनी सर्कुलेशन पिरामिड स्कीम व लोटरी सिस्टम पर आधारित था

साथियों, मुख्यत कपड़ा बुनने की कंपनी के निदेशक टी. सी. छाबड़ा ने खुद व अपने परिवार को अरबपति बनाने के लिए बड़ी ही शातिर तरीके से एक के बाद एक नित नयी स्कीमों का ऐसा ताना-बाना बुना कि उपरी तौर पर भोले-भाले ग्रामीणों को क्या पढ़े-लिखों को भी यही लगता कि कंपनी अपने साथ जुड़ने वाले मेम्बर्स को बिना बिचोलियों के वाजिब दर पर सीधा सामान बेच रही हे और यदि वे मेम्बर्स अन्य लोगो में इस बात का प्रचार कर के उन्हें भी अपने साथ कंपनी का यदि सदस्य बना दे और वे सभी कंपनी का सामान खरीदना-बेचना शरु कर दे तो कंपनी उन्हें अपने बनाये बिजनस प्लान के नियमानुसार इस कार्य का उन्हें पारिश्रमिक भी देगी इसके साथ ही उनकी स्वयं की प्रति माह होने वाली खरीद और लायी गयी नई जोइनिंगो के आधार पर स्कीम के मुताबिक पॉइंट बनेंगे और हर 10 पॉइंट हो जाने पर जो 1000 /- रुपये का कमीशन सामान्यत इस स्कीम से पहले बनता था उसमे से 250/- रुपये (बाद में इसे भी 500/- कर दिया गया) “लोयल्टी बोनस” फंड के लिए काट कर शेष 750/- रुपयों (बाद में इसे भी 500/- कर दिया गया) का नियमानुसार कटोतिया कर उसके आरसीएम बिजनस एकाउंट में और तत्पश्चात इस एकाउंट में कुल 500/- रुपये हो जाने पर अगले माह तक उसके बेंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जायेगा.

कंपनी ने जब यह “लोयल्टी बोनस” का फंडा बनाया तब मुख्यतः यह कहा गया कि एक निर्धारित तिथि तक कंपनी में जितनी भी “लोयल्टी बोनस” आइडिये आ जाएगी उनकी लाटरी निकाल कर वरीयता सूची बनायीं जाएगी और इस सूची में हर क्लब सदस्य के डाउन में निम्न सदस्यों की संख्या होने पर उन्हें उस फंड में से उनके लेवल अनुसार निम्न प्रकार से भुगतान किया जायेगा :-

1 लेवल – नीचे 4 सदस्य हो जाने पर – 250/- रूपए

२ लेवल – 4 के नीचे 16 सदस्य हो जाने पर – 750/- रूपए

३ लेवल – 16 के नीचे 64 सदस्य हो जाने पर – 5000/- रूपए

४ लेवल – 64 के नीचे 256 सदस्य हो जाने पर – 51000/- रूपए

और यह वरीयता सूची तय हो जाने के बाद क्लब सदस्य को इस “लोयल्टी बोनस” की अपनी सदस्यता बरक़रार रखने के लिए हर माह कम से कम 1000/- रुपयों का सामान अनिवार्य रूप से खरीदना पड़ेगा जिस पर फिर पॉइंट बनेगे और फिर 10 पॉइंट हो जाने पर जो 1000 /- रुपये का कमीशन बनेगा जिसमे से 500/- रुपये “लोयल्टी बोनस” फंड के लिए काट कर शेष 500/- रुपयों का नियमानुसार कटोतिया कर उसके आरसीएम बिजनस एकाउंट में और तत्पश्चात इस एकाउंट में कुल 500/- रुपये हो जाने पर अगले माह तक उसके बेंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जायेगा व जिस माह उपरोक्त टेबल के अनुसार सदस्यों की संख्या उसकी जिस “लोयल्टी बोनस” आई डी के डाउन में हो जाएगी उस पर सदस्यों की संख्यानुसार बनने वाली “लोयल्टी बोनस” राशी का भुगतान भी किया जायेगा साथ ही मीटिंगों में कंपनी के कर्ताधर्ताओं एवं लीडरों द्वारा यह प्रचार भी किया गया कि इस “लोयल्टी बोनस” सिस्टम से जुड़ने वाले हर क्लब सदस्य को शीघ्र ही ये सभी लाभ प्राप्त हो जायेंगे.

यह कंपनी के द्वारा जारी कि गयी मुख्य “लोयल्टी बोनस” स्कीम थी जिसमें बाद में समय-समय पर कंपनी ने अपने फायदे के लिए इसमें कई नियम-उपनियम थोंपे एंव निश्चित संख्या हो जाने पर भुगतान करने वाली अपनी बात को गोल करके एक लोटरी सिस्टम ईजाद किया गया एंव इस “लोयल्टी बोनस” फंड में से लोटरी के भाग्यशाली क्लब विजेताओं को तीन तरह से क्रमश 51000/-, 5000/-, व् 1000/- रुपयों का लाभ देना शरु किया गया वरीयता से लाभ देने की बात को ठन्डे बस्ते में डाल दिया गया. फिर कुछ समय बाद कंपनी के निरंकुश कर्ताधर्ताओं ने इस लोटरी योजना के भुगतान को “लोयल्टी बोनस” फंड से देने की बजाय कंपनी के मासिक बिजनस वाल्लयुम के 5% फंड से जोड़ दिया जिसमे इंश्योरेंस और नयी जोइनिंग का बिजनस वाल्लयुम सम्मलित नहीं था, कंपनी ने अपने प्लान चेंज करने का सफ़र जारी रखा और लोटरी का प्रथम पुरस्कार की राशी को 51000/- से घटा कर 11000/- कर दिया यही नहीं मासिक बिजनस वाल्लयुम के 5% फंड को भी घटा कर 4- 3% तक कर दिया गया.

इस तरह मुख्य “लोयल्टी बोनस” स्कीम में इन्वेस्टमेंट* पर निश्चित तौर पर कम समय में लाभ मिलेगा का आधार, भरोसा दिला कर कंपनी ने लाखों की संख्या में नए सदस्य और “लोयल्टी बोनस” सदस्य बनाये बाद में पूरी तरह से स्कीम को चेंज कर के उन लाखों लोगो के साथ धोखाधडी व ठगी की हे.

* स्कीम में इन्वेस्टमेंट :- किसी भी व्यक्ति या सदस्य को उसको दी जाने वाली भुगतान योग्य धनराशी में से जबरदस्ती कुछ या आधी राशी कंपनी की स्कीम के लिए काट कर भुगतान करना में काटी गयी धनराशी एक तरह से कंपनी द्वारा अपनी स्कीम में उस व्यक्ति से कराया गया इन्वेस्टमेंट ही था और छल से कराया गया एसा इन्वेस्टमेंट जिसमें उस व्यक्ति की इक्छा-अनिक्छा का कोई महत्व ही नहीं था क्योकि उसके द्वारा कंपनी के बिजनस प्लान के अनुसार लाभ लेने के लिए हर माह खरीददारी करनी अनिवार्य थी और खरीददारी करने पर एक न एक दिन 10 पॉइंट बनने ही थे अंत “लोयल्टी क्लब” में उसका इन्वेस्टमेंट होना ही था, उसके चाहने न चाहने का कोई विकल्प कंपनी ने रखा ही नहीं था. इस तरह से आरसीएम बिजनस 100 % इन्वेस्टमेंट चिटफंड, मनी सर्कुलेशन पिरामिड स्कीम व लोटरी सिस्टम पर आधारित हो गया था जो की गेर क़ानूनी हे.

उपरोक्त बातें सारांश में लिखी गयी हे इसके विस्तृत प्रमाण के लिए हम आरसीएम कंपनी के निदेशक टी. सी. छाबड़ा और अधिकारीयों के द्वारा लिखे गए सभी “सेवक संवाद” को ऑन लाइन शीघ्र ही जारी कर रहें हे, कंपनी की उपरोक्त स्कीम से किस प्रकार लाखों की संख्या में लोग ठगे गए और यह कंपनी शुरू से ही हर तरह से हर स्तर पर आम अवाम जन को किस प्रकार ठग रही थी इस बात के भी शीघ्र और भी कई खुलासे किये जायेंगे ताकि आमजन लीडरों के बहकावे में नहीं आये और उन्हें क्या करना हे इस बात का सही निर्णय लेवे.

धन्यवाद

सोजन्य से :- सत्य प्रकाश
Pl visit for more detail : rcmmanch.blogspot.com

Reply

3 Satya Prakash April 18, 2012 at 9:58 am

रोजगार सृजन में अहम हो सकती हैं डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां
Courtesy: Dainik Jagran, Delhi – 19 March 2011

सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल इस क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों में 70 फीसदी महिलाएं हैं। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। योजना और संसदीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने भारत में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग पर शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की। इसे इक्रियर (आइसीआरआइईआर) और इंडियन सेलिंग एसोसिएशन द्वारा तैयार किया गया है। सीधी बिक्री का समाजिक और आर्थिक प्रभाव :एक प्रोत्साहन नीति की जरूरत रिपोर्ट को जारी करते हुए कुमार ने कहा डायरेक्ट सेलिंग इस क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सशक्त कर रहा है। यह क्षेत्र सरकार के लिए 50 करोड़ रोजगार के अवसरों के सृजन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में अधिक लोगों की जरूरत होती है। इसलिए यह समावेशी विकास और समृद्धि के ऊपर से नीचे की ओर जाने के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में इस उद्योग की वृद्धि दर को बरकरार रखने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत है। इसके लिए एक अलग मंत्रालय बनाया जाना चाहिए और कानून के जरिए इसकी निगरानी की जानी चाहिए। वर्ष 2001-02 में इस क्षेत्र में दस लाख लोग कार्यरत थे जो वर्ष 2009-10 में 30 लाख हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में डायरेक्ट सेलिंग का वर्गीकरण अभी भी अस्पष्ट है। इसकी परिभाषा स्पष्ट करने की जरूरत है ताकि इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह हो सके। रपट के मुताबिक इस क्षेत्र को 43 प्रतिशत आमदनी प्रथम श्रेणी के शहरों से होती है। मगर कंपनियां अब नए ग्राहकों की खोज में छोटे शहरों और गांवों की ओर रुख कर रही हैं। देश में इस समय एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हैं। विश्व स्तर पर सीधी बिक्री क्षेत्र का उदय 20वीं सदी की शुरुआत में हुई लेकिन इसने 1980 के दशक में रफ्तार पकड़ी। वहीं भारत में यह क्षेत्र 1980 के दशक में शुरू हुआ और 1990 में विदेशी कंपनियों के भारत में प्रवेश के साथ इस क्षेत्र में गति आई|

दोस्तों,

देनिक जागरण द्वारा दी गयी उपरोक्त खबर आज के सन्दर्भ में बड़ी ही महत्वपूर्ण हे, हमारे देश के तेजी से विकास एवं हर बालिग़ को न्यायप्रद रोजगार देने के लिए अच्छी, मजबूत एवं कानून सम्मत “डायरेक्ट सेलिंग उद्योग कंपनियों” की आज सख्त जरुरत हे.

ऐसी कम्पनियाँ जो कि “एक सबके लिए, सब एक के लिए” के सहकारिता के मानद सिद्धांत पर कार्य करती हो एवं इसी सिद्धांत को ध्यान में रख कर कानूनन रजिस्टर्ड हो एवं जिनके द्वारा निर्मित, विक्रय किये जाने वाले उत्पाद की क्वालिटी उपभोक्ताओं के हित के लिए बनायी गयी तृतीय पक्ष संस्थाओं से प्रमाणित हो और वे वास्तव में सभी सदस्यों को उनके कार्यानुसार प्रतिफल, लाभ देने के लिए वचनबद्ध हो.

ऐसी कंपनियों का बिजनस प्लान भाई-भाई को आपस में लड़ाने, बांटने वाला न हो बल्कि पूरे देश में आपसी सोहाद्र बढाने का सचमुच में योगदान करता हो, हरेक सदस्य के द्वारा कभी भी पूरी न की जा सकने वाली शर्तो से उलझाया हुआ न हो, जिसमे बेईमानी, ठगी, भ्रष्टाचार का कंही नामो-निशान भी न हो, उत्पादों का विक्रय मूल्य लागत से बहुत ज्यादा न हो कर वाजिब दाम पर हो.
साथियों, आज नेटवर्किंग का कार्य हमारे लिए नया नहीं हे और प्राय हम सबने इस तरह की कई कंपनियों का कार्य कर के खट्टे-मीठे अनुभव भी प्राप्त किये हे. आय में लाभ-हानि हो सकती हे लेकिन अपने-अपने कार्य शेत्र विशेष, स्थान विशेष में प्राप्त अनुभव, ज्ञान अनमोल होते हे जो कभी नष्ट नहीं होते हे.

आप अपने अनुभवों के आधार पर एक अच्छी डायरेक्ट सेलिंग नेटवर्किंग कंपनी, संस्था के बिजनस प्लान में क्या-क्या जरुरी चीजे और केसे होनी चाहिए के बारे में अपने सुझाव, सलाह संषेप या विस्तार में यदि इस मंच की इस पोस्ट पेज (सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी) के कॉमेंट बॉक्स में देंगे तो एक “सर्वे हिताय, सर्वे सुखाय” को ध्यान में रख कर एक नयी कंपनी की सरंचना, स्थापना आसानी से की जा सकेगी जो कानून सम्मत भी हो और आप सभी को सर्वमान्य भी हो.

आशा हे की देश हित में आप अपने सुझाव, विचार इस पोस्ट के पेज “सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी” पर जरुर कॉमेंट करेंगे.

कॉमेंट करने के लिए शीघ्र विजिट करें :- rcmmanch.blogspot.com

आपका हितेषी

सत्य प्रकाश
*************************

Reply

4 dinesh singh ,ARIAON,BUXAR February 19, 2012 at 2:56 pm

SIR MAT GHABRANA HUM AAPKE SAATH HAIN.JAI RCM

Reply

5 MALAYA MISRA February 19, 2012 at 3:22 pm

CENTRAL GOVT PHIR APNA GIRI HUI HRKAT PE AGAYA
jeseki baba ramdev ke sasth kiya tha……………….sala kamina CONGRESH
haramjadi SONIA GANDI…….

Reply

6 SANKAR NANDI February 19, 2012 at 9:18 pm

DEAR MALAYA,
VERY NICE TO YOUR COMMENT, THEN FEW DAY’S AGO rediff mail.display the A of sonia + mon……. OK. haur,panskura, w.b-9733512873

Reply

7 Khan Sahab, Pune (Maharashtra) February 19, 2012 at 4:01 pm

Call Centre Job in pune (urgent required)
Education-10, 12, Graduate
Language- Hindi+English or Marathi+English+Computer Knowledge.
Duty 8 Hours
Salary- 5500/ in hand
Medical facilty
Car facility
Contact No. 9890276350 ( call time 8 am to 11:30 am)

Reply

8 ARVIND SINGH AZUBA February 19, 2012 at 9:59 pm

KHAN SAHAB; KYA AAPKO MAJAK SUJH RAHA HAI; LAKHO LOGO KO NAUKRI KI GULAMI SE REAL AAZADI DILANE WALI COMPANY KALE ANGREJO KI SAJISH KI SHIKAR HO RAHIO HAI AUR AAP APNA VIGYAPAN BHEJ RAHE HO; KYA AAPKO JALE PAR NAMAK CHHIRAKNE ME MAJA AA RAHA HAI;;JARA SOCHO….

VJAY RCM…

Reply

9 aradhana srivastwa February 19, 2012 at 6:45 pm

After seeing the new about RCM i feel that RCM is doing something wrong. Rajsthan government ko sirf RCM me hi gultiya mil rahi hay. Eske pechay do karan ho saktey hay. Ya to RCM galat hay ya nahi to badi badi company give money to leader to stop the rcm. RCM ki badthi takat se badi badi company gabarah chuki hay. Jisne ki apne bicharo se es desh ke aam admi ke sapne do pura kar raha hay.

Jaruat is bat ki hay ham sabi RCM dist. ko ek jut rahna hay.

Reply

10 ARVIND SINGH AZUBA February 19, 2012 at 6:49 pm

R C M KE NETWORK KO SAMAJHNE KE LIYE POLICE OFFICERS AGAR IMANDARIPURWAK ENQUIRY KARNE KA PRAYAS KARE TO JARUR KOI – NA-KOI RASTA NIKAL SAKTA HAI AUR RCM PAR LAGE SAVI AAROPE BEBUNIYAD SAABIT HONGE.
SAATH HI MLM KANOON BANAKAR DESH ME SACHHI AUR ACHHI COMPANY KO HI CHALANE KI ANUMATI DI JAE; TAVI DESHWASIYO KO SAHI NYAE MIL PAEGA……

SAVI POLICE OFFICERS SE NAMRA NIVEDAN HAI KI AAP SATYA KI KHOJ AGAR RCM ME KARENGE AUR APNE MANTRIO
KE PRESSURE ME BILKUL NAHI AAENGE TO AAP SABO KA V MANAS–MAN RCM JOIN KARNE KE LIYE JARUR BEKARAR HOGA;
APNE BACHHO KA FUTURE AAP R-C-M MISSION ME SECURE KARA SAKTE HAI,,,,

VIJAY RCM…..
ARVIND SNG. AZUBA….
RANCHI–JHARKHAND…
MOB–9234640558; E.mail–rcmazuba@yahoo.com

Reply

11 SANKAR NANDI February 19, 2012 at 9:10 pm

GANDHI JI ka sath British …….. eya kya seen hay……….JOY RCM !!!!!!!!

HAUR,PANSKURA,MINDAPUR,W.B

Reply

12 R. Sahu February 19, 2012 at 9:22 pm

Jara Sochiye hum kahan hai RCM ko Chit fund Sabit karni thi wo to nahi kar paaye ab News Paper, Franking , Loacker, FCI ka gehu pata hani kya kya ye kya ho raha hai koi to mujhe batao bhai, Lagata hai Rajsthan Sarkar ko India ke logo se jyada Rajsthan Poolish per vishwas hai. kyon waqut lagta hai Ise jach karne me sabkuch le gaye the poolish wale sab kuch jabt kar liye Server se lekar sare Bill to abtak TC ji ka kyon intjaar kar rahe the. Agar Galat hai RCM to Band kar dena chahye is RCM ko. RCM ne ek galti hai 100 galti ki hai wo hai 1) Sarkar ko Karoro ka TAX diya 2) logo ko TAX Pay karna sikhaya 3) RCM ne logo Imaandar hona sikhaya, 4) RCM ne Bhaichara Sikhata 5) RCM Berojgaar ko Rojgaar Diya, 6) RCMLadies ko Lakho kamana sikhya, 7) RCM ne Bijli Pani Bachat Karna Sikhaya, 8) RCM ne Harit Kranti par Kaam kar Rahi hai 9) RCM ne Vyasan Mukti par Kaam kar rah hai 10) RCM ne Blood Donate karna Sikhaya itne Galti ki hai RCM ko band kar Dena chahiye
R. Sahu
9968225775

Reply

13 ARVIND SINGH AZUBA February 19, 2012 at 10:10 pm

SAHU G; AB IN SALE CONGRESSI POLITICIANS KA EK HI ILAJ HAI KI JAB V CHUNAO HO–CONGRESS KE STHAN PAR K U T T A KO VOTE DEKAR JITANA CHHAHIYE ; LEKIN KISI V SURAT ME CONGRESSI KO VOTE NAHI DENA HAI…..
AB TO HUM SAVI R-C-M DEWANO KO YAHI SANKALP LENA HAI………RAJASTHAN ME TO BILKUL V CONGRESS AB KAVI NAHI AAYEGI; YAHI RCM KI YUDH-GHOSH HONA CHHAHIYR;; TAVI BAKI SAVI POLITICIANS KO SABAK LENA HOGA AUR R-C-M KI REAL TAQAT KO V JATANA JARURI HAI…

Reply

14 v.s.n.raju February 19, 2012 at 10:11 pm

THE RCM NET MARKET IS PROPERLY DON BY LAST FEW YEARS WITH OUTANY PROBLEM. BUT NOW THE COMPLAINT RESISE THE FEW MONTHES AGO. WHAT IS THE FACT, WHAT HAPPEND IS THERE,WHAT STRUGELS FACING IN BILWARA IN RCM. PLEASE INFORE M THE FACTS FOR OUR RCM DISTBUTORS DAY TODAY. FOR INGLISH

Reply

15 v.s.n.raju February 19, 2012 at 10:22 pm

please reply what is the facts for rcm.

Reply

16 Sambhu nath basak February 19, 2012 at 10:21 pm

Is mahan desh ka naam bharat hain. jo mahan the jab mahan atmae jinda the. Ab jo log seat par biraj kar rahe hain woh to unse bhi mahan hain bhrastachar ke mamle me. Is desh me jo achchha kam karte hain use buddhu mana jata hain, aur jo chori karte hain woh seat pe birajman hote hain.Agar Sirjee ke kahene par har koyee RCM join kare aur sahi tarike se tax dene lage to woh logo ka kali kamayee bandh ho jayega. Jaise woh sab company jo tax ki chori karte hain aur party fund me crore rs. chanda dete hain uspe koyee arop nahi aayega. Bura lage ya achchha Haram khoro ko haram ka paisa ka adat jo lag gaya woh chhutega kaise. Sambhu Nath Basak. Ph. NO.-9062891482

Reply

17 ARVIND SINGH AZUBA February 19, 2012 at 10:41 pm

SHAMBHU G; ABKI BAAR SAVI CONGRESSI KO R-C-M KE DIWANI ELECTION ME HARANE KA KAAM KARNA HAI;; KYOKI INSE ACHHE TO KUTTE HOTE HAI;;KAMSE KAM MALIK KI WAFADARI TO KARTE HAI…..

Reply

18 vijay February 19, 2012 at 11:35 pm

dear friend, 15 ARVIND SINGH AZUBA and SHAMBHU g court pe viswas nahi hai kya binaa badal ke barsaat to nahi ho raha hai. aur gov. per aarop lagaa rahe haai. ek parti hi banalo ur aa jao maidan me aaap sabhi ki snkhya to caroro ke uper ho hi gaya hai. ur ap sabhi ke pure priwar sahit to 20 caror honge., sabhi kaamse kam 5 -5 logo ko kanwens to kar hi sakte ho imandar jo tahre. jo hi naam wala wahi to badnam hai.
great rcm.

Reply

19 Dilip Dutta February 19, 2012 at 11:33 pm

It is clear that vhilwara police have taken huge bribe from political leaders to close the RCM factory. Actually Indian politics and administrations totally top 2 bottom are added with corruption. They want to sell India to the ‘FOREIGN COUNTRY’S hand. From our country ‘ARBO CRORE’ money are going to foreign country for products which they are selling in India. Actually They are selling poisonous product in India like ‘Life Buoy, Coca Cola, Pepsi, Colgate and many others. Actual they are not selling products in India, but they have other motive that is they are inject slow poison with their products so that the young generation is destroy. But RCM is only India Brand of Fashion suiting pvt. ltd co. where People benefit form it. From this procucts people get benefit not only money but also health. But vhilwara police for taking bribe from the politacals they cannot understand What is RCM?
West Bengal
Ph_no 9230292501

Reply

20 ARVIND SINGH AZUBA February 20, 2012 at 1:00 am

are madarchod T.C. chhabra tune kyon hum sab ki gardh mari….

Reply

21 ARVIND SINGH AZUBA February 20, 2012 at 10:27 am

ARE BHAI ARVIND SNG. AZUBA AUR MERE ISHWAR TULYA SRI T.C. G KO MAN BHAR GALI DEKAR APNA BHRAS V NIKAL RAHE HO AUR NAAM V CHHIPA RAHEH O; AISA DARPOK BETA TO TERI MATA JISE MAI V APNI MAA MANTA HU; NE TO PAIDA NAHIK IYA THA ;….JARUR TERI PARWARISH ME KOI KAMI RAHI HOGI…….

R-C-M KE SANSKAR ME KHUD KO VILIN KAR LO;; TERA JANM SARTHAK HO JAEGA…..

VJAY RCM….

Reply

22 ARVIND SINGH AZUBA February 20, 2012 at 10:49 am

T.C.CHHABRA G KO AGAR GALI HI DENA HAI TO ARVIND SNG. AZUBA KE NAAM SE KYO GALI DE RAHE HO——–APNE NAAM KO CHHIPA KAR AUR ARVIND KO BADNAM KARKE TUMHE KYA HAASIL HOGI……T.C. G KA WAH TO DIWANA HAI—TUMHARE KUCHH V LIKHNE AUR BOLNE SE arvind PAR KOI PRABHAO NAHI PARNE WALA HAI;;;;ARVIND TO APNE SAR ME KESARIA KAFAN; KALI TOPIA UR KHAKHI PANT DHARAN KARKE NAGPUR WALE RSS KI SHIKSHA AUR DIKSHA SE OT-PROT HAI…..
KYA TERE APNI YA SAUTELI MAA NE TUJHE APNA namkaran–sanskar NAHI KIYA HAI?
AGAR NAHI TO AB V MAUKA HAI TUMHE APNA NAAM TO AB R—C—M HI RAKH LENA CHHAHIYE; TUM AUR TUMHARE KHANDAN AMAR HO JAOGE,,,,

VIJAY RCM…..

Reply

23 vijay February 20, 2012 at 9:45 am

great morning friend,
for nmart, contect 9302725748. hurry. i have some special…………………………………………………….many more.

Reply

24 ARVIND SINGH AZUBA February 20, 2012 at 10:08 am

N.MART WALE BANDHU KYA AAPKE PAAS SIRF R-C-M KA HI PLATEFORM MILA HAI AUR IRSHA; DWES KE AADHAR PAR KABTAK TIKE RAHOGE?
PL. MIND UR OWN BUSINESS AND DON’T TRY TO MISGUIDE RCM SEVAKS…..IT IS NOT ETHICAL…..

VJAYT RCM

Reply

25 vijay February 20, 2012 at 10:38 am

dear ARVIND SINGH AZUBA g.
i aalways salute +ve working people so try

Reply

26 ARVIND SINGH AZUBA February 20, 2012 at 10:53 am

THANK U VERY MUCH VIJAY G;; AAPKE NAAM ME HI VIJAY HAI TO AB KYA KAHANA;;AAP JAHA JAENGE VIJAYSRI AAPKE KADMO ME HOGI;;
MERA SHUBH AASHISH AAPKE SATH HAI…

VIJAY RCM

Reply

27 vijay February 20, 2012 at 11:05 am

deaar sir,
“welcome” and thanks very much for blessing.

Reply

28 T.P.GAJBHIYE,NAGPUR(MAH) February 20, 2012 at 11:34 am

RAJASHTAN POOLICE KRYA PURA BHARAT RCM KO GALAT SABIT KARNA CHAE TO BHI NA KAR PAYEGA,KYO KI RCM JINDAGI BANAEKA MANTRA HAI.

Reply

29 komal February 20, 2012 at 12:15 pm

hallo vijay i miss you

Reply

30 vijay February 20, 2012 at 12:34 pm

hi ,
komal g . aap kaha se ho . i aam raipur c.g. mn. 9302725748. i also miss u.

Reply

31 komal February 21, 2012 at 3:22 pm

hello vijay i am from chandigarh your thinking is very good.

Reply

32 vijay February 21, 2012 at 10:40 pm

hello tahnks komal
for rcm bandhu…contect 9302725748. hurry. i have some special……………………………………………………. dont west time and money.

Reply

33 PANKAJ SINHA February 22, 2012 at 2:34 pm

I AM ALSO A DISTRIBUTOR OF RCM. KINDLY SEND CURRENT NEWS ABOUT RCM. PLEASE HURRY !

Reply

34 Aftab Alam Khan February 21, 2012 at 7:21 pm

Jai RCM
Great RCM
Good RCM

Reply

35 VIJAY THAKARE February 24, 2012 at 10:05 pm

rcm ki jeet pakki or dhushmano ki har nakki.

RCM IS REAL INDIAN MLM MARKETING 100%

I VOTE YOY
THANKS

Reply

36 s p gehlot March 3, 2012 at 7:08 am

यह भारत हे यहाँ ठगी में हिस्सा पाने वाले गिरोह के सदस्य अपने गिरफ्तार हुए सरदार को छुड़ाने के लिए आमरण अनशन भी कर सकते हें, क्योकि आख़िर सरदार छूटेगा तभी तो उनको ठगी में हिस्सा मिलना वापस शरु हो पाएगा, उन नादानो को क्या पता क़ि जिसे वे रोज़गार समज रहें हें वह हक़ीकत में लाखों लोगों को ठग कर ठगी की कुछ रकम चंद लोगों में बाँटने का खेल था ताकि वे लोग सरदार की वा-वा करते रहें और चंद रुपयो के लालच में सरदार के सेवक बन कर नित नये भोले लोगो, ग्रामीणों को सरदार की एसी नित नयी स्कीमों में फाँसते रहें जिनकी शर्तें एसी कि न तो नौ मॅन तेल हो न राधा नाचें, और वह बेचारे यदि किसी तरह शर्त पूरी करने की स्थति तक पहुँचने वाले ही हो कि सरदार पुरानी स्कीम को बंद कर के नयी स्कीम लागू कर दे, यदि कोई बोलने की हिमाकत करे तो सरदार उसकी आईडी ही टर्मिनेट करदे, आख़िर सरदार की सल्तनत हे तो नियम कायदे सरदार के ही तो होंगे, उन्हे चुनी हुई सरकार के नियम-अधिनियम की क्या परवाह? जिसमें ये सरदार लोग उनकी भावनाओं और मासूमियत को अब भी लूट रहे हें, अगर सरदार पाक-साफ थे तो न्याय व्यवस्था से भागते क्यों फिर रहे थे? और अब जब पकड़े गये तो इतने स्वार्थी निकले क़ि खुद को छुड़वाने के लिये न्यालय में अपने को निर्दोष साबित करने के बजाया मासूमों को धरने और आमरण अनशन करने का आदेश दे रहें हे. कुछ समय पहले तक देश की भलाई सोचने का ढोंग करने वाले सरदार अब गिरफ्तार होने पर पूरे देश में अराजगता फेलाना चाहते हें क्या इससे उनकी अपने देश के प्रति वास्तविक सोच उजागर नहीं होती हे? इस बात को आमजन को भी समजना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति अपने व्यापार से नियमानुसार कर आदि चुका कर प्राप्त हुई शुद्ध आय से अधिक की संपति यदि बनाता हे तो अधिक वाला पेसा क्या हे? और कहाँ से? केसे आया? उसे एक न एक दिन दुनिया को बताना पड़ेगा ही और यह तो सभी जानते ही हे कि भगवान के घर देर हें अंधेर नहीं और उसकी लाठी आवाज़ भी नहीं करती.

Reply

37 Satya Prakash April 18, 2012 at 9:59 am

रोजगार सृजन में अहम हो सकती हैं डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां
Courtesy: Dainik Jagran, Delhi – 19 March 2011

सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। फिलहाल इस क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों में 70 फीसदी महिलाएं हैं। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। योजना और संसदीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार ने भारत में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग पर शुक्रवार को एक रिपोर्ट जारी की। इसे इक्रियर (आइसीआरआइईआर) और इंडियन सेलिंग एसोसिएशन द्वारा तैयार किया गया है। सीधी बिक्री का समाजिक और आर्थिक प्रभाव :एक प्रोत्साहन नीति की जरूरत रिपोर्ट को जारी करते हुए कुमार ने कहा डायरेक्ट सेलिंग इस क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को सशक्त कर रहा है। यह क्षेत्र सरकार के लिए 50 करोड़ रोजगार के अवसरों के सृजन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में अधिक लोगों की जरूरत होती है। इसलिए यह समावेशी विकास और समृद्धि के ऊपर से नीचे की ओर जाने के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में इस उद्योग की वृद्धि दर को बरकरार रखने के लिए सरकारी हस्तक्षेप की जरूरत है। इसके लिए एक अलग मंत्रालय बनाया जाना चाहिए और कानून के जरिए इसकी निगरानी की जानी चाहिए। वर्ष 2001-02 में इस क्षेत्र में दस लाख लोग कार्यरत थे जो वर्ष 2009-10 में 30 लाख हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में डायरेक्ट सेलिंग का वर्गीकरण अभी भी अस्पष्ट है। इसकी परिभाषा स्पष्ट करने की जरूरत है ताकि इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह हो सके। रपट के मुताबिक इस क्षेत्र को 43 प्रतिशत आमदनी प्रथम श्रेणी के शहरों से होती है। मगर कंपनियां अब नए ग्राहकों की खोज में छोटे शहरों और गांवों की ओर रुख कर रही हैं। देश में इस समय एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हैं। विश्व स्तर पर सीधी बिक्री क्षेत्र का उदय 20वीं सदी की शुरुआत में हुई लेकिन इसने 1980 के दशक में रफ्तार पकड़ी। वहीं भारत में यह क्षेत्र 1980 के दशक में शुरू हुआ और 1990 में विदेशी कंपनियों के भारत में प्रवेश के साथ इस क्षेत्र में गति आई|

दोस्तों,

देनिक जागरण द्वारा दी गयी उपरोक्त खबर आज के सन्दर्भ में बड़ी ही महत्वपूर्ण हे, हमारे देश के तेजी से विकास एवं हर बालिग़ को न्यायप्रद रोजगार देने के लिए अच्छी, मजबूत एवं कानून सम्मत “डायरेक्ट सेलिंग उद्योग कंपनियों” की आज सख्त जरुरत हे.

ऐसी कम्पनियाँ जो कि “एक सबके लिए, सब एक के लिए” के सहकारिता के मानद सिद्धांत पर कार्य करती हो एवं इसी सिद्धांत को ध्यान में रख कर कानूनन रजिस्टर्ड हो एवं जिनके द्वारा निर्मित, विक्रय किये जाने वाले उत्पाद की क्वालिटी उपभोक्ताओं के हित के लिए बनायी गयी तृतीय पक्ष संस्थाओं से प्रमाणित हो और वे वास्तव में सभी सदस्यों को उनके कार्यानुसार प्रतिफल, लाभ देने के लिए वचनबद्ध हो.

ऐसी कंपनियों का बिजनस प्लान भाई-भाई को आपस में लड़ाने, बांटने वाला न हो बल्कि पूरे देश में आपसी सोहाद्र बढाने का सचमुच में योगदान करता हो, हरेक सदस्य के द्वारा कभी भी पूरी न की जा सकने वाली शर्तो से उलझाया हुआ न हो, जिसमे बेईमानी, ठगी, भ्रष्टाचार का कंही नामो-निशान भी न हो, उत्पादों का विक्रय मूल्य लागत से बहुत ज्यादा न हो कर वाजिब दाम पर हो.
साथियों, आज नेटवर्किंग का कार्य हमारे लिए नया नहीं हे और प्राय हम सबने इस तरह की कई कंपनियों का कार्य कर के खट्टे-मीठे अनुभव भी प्राप्त किये हे. आय में लाभ-हानि हो सकती हे लेकिन अपने-अपने कार्य शेत्र विशेष, स्थान विशेष में प्राप्त अनुभव, ज्ञान अनमोल होते हे जो कभी नष्ट नहीं होते हे.

आप अपने अनुभवों के आधार पर एक अच्छी डायरेक्ट सेलिंग नेटवर्किंग कंपनी, संस्था के बिजनस प्लान में क्या-क्या जरुरी चीजे और केसे होनी चाहिए के बारे में अपने सुझाव, सलाह संषेप या विस्तार में यदि इस मंच की इस पोस्ट पेज (सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी) के कॉमेंट बॉक्स में देंगे तो एक “सर्वे हिताय, सर्वे सुखाय” को ध्यान में रख कर एक नयी कंपनी की सरंचना, स्थापना आसानी से की जा सकेगी जो कानून सम्मत भी हो और आप सभी को सर्वमान्य भी हो.

आशा हे की देश हित में आप अपने सुझाव, विचार इस पोस्ट के पेज “सर्वे हिताय सर्वे सुखाय कंपनी” पर जरुर कॉमेंट करेंगे.

कॉमेंट करने के लिए शीघ्र विजिट करें :- rcmmanch.blogspot.com

आपका हितेषी

सत्य प्रकाश
*******************

Reply

Leave a Comment


Previous post:

Next post: