RCM कंपनी शुरू से ही अपने सक्रीय सदस्यों की मनघडंत, फर्जी विशाल संख्या बता कर नए लोगो की जोइनिंगे ले कर ठग रही थी
दोस्तों, मनुष्य के स्वभाव की एक कमजोरी हे कि वह जहां ज्यादा लोग किसी कार्य या विचार से सहमत होते हे वहां वह अपने स्वयं के विवेक से निर्णय करने की बजाय लोगो की विशाल संख्या के विचार या कार्य से प्रभावित हो कर उनके पक्ष में अपना निर्णय करता हे.
मनुष्य की इसी स्वाभाविक कमजोरी का श्री 420 टी सी जी ने भरपूर फायदा कंपनी के शुरूआती दिनों से ले कर बंद होने के कगार पर पहुँचने तक सक्रीय सदस्यों की गलत संख्या बता कर यानि की झूट बोल-बोल कर उठाया. लीडर लोग अपनी हर मीटिंग में पहले भी इस झुटी संख्या को जोर दे दे कर हाई लाईट करते थे और अब भी मीडिया, सरकार, न्यायपालिका, आम जनता को बेवकूफ बनाने से बाज नहीं आ रहे हे, इनके द्वारा कही जा रही एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या पूरी तरह से बकवास हे, झूट का पुलिंदा हे, हवाई किला हे. हकीकत में इस संख्या का 5% भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और १% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही हे 99% सदस्य जोइनिंग लेने के बाद आखिर में अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हे.
एक छोटा सा उदाहरण पेश हे :-
दिल्ली के चोर बाजार या हाट बाजार में चतुर ठग व्यापारी 200 का माल 100 में चिल्ला-चिल्ला कर बेच रहा होता हे और उसके ठेले के चारों तरफ 5-10 जनों की भीड़ इक्कठा हुई हुवी होती हे और उनमे से कई जने 100/- दे कर वह माल खरीद रहे होते हे, ऐसे में भीड़ देख कर और उनको खरीददारी करते देख कर और कंही सारा माल समाप्त नहीं हो जाए बाजार में आये इस गोरखधंधे से अनजान कुछ लोग भी 100 दे कर सामान खरीद कर खुद को होशियार ग्राहक समझते हुए अपने घर को चले जाते हे.
अब देखने में तो यह बड़ी सामान्य सी बाजारों में होने वाली रोजमर्रा की बात हे लेकिन इस तरह की दुकानदारी में वास्तविकता यह थी कि वे पहले से खरीददारी कर रहे 5-10 जनों की भीड़ फर्जी थी, वे उस ठग गिरोह के ही सदस्य थे और उनकी देखा-देखी अन्य लोगो ने 50/- की वास्तविक कीमत के सामान के 100/- दे दिए इस तरह उन्हें ठगों के सरदार और गिरोह के द्वारा बड़ी ही योजनाबद्ध तरीके से ठगा गया.
ठीक इसी तरह RCM में भी कंपनी और लीडरों (सरदार और गिरोह) के द्वारा सदस्यों की फर्जी संख्या व मासिक बिक्री के फर्जी आकडे बता कर शुरू से ही ठगी का कार्य बदस्तूर चालु था.
शुरू से ऐसे कि सदस्य संख्या आई डी 1 नंबर से शरु करने की बजाय टी सी जी ने जानबूझ कर चालाकी से 10001 से शरु की और शरुआती मीटिंगों में लोगो को यह बताया गया कि कंपनी में दस हजार से अधिक लोग जोइनिंग ले चुके हे जबकि वास्तविकता यह थी कि 31 अगस्त 2000 को एक साथ कुछ लोगो की जोइनिंग की गयी जिनमे से ज्यादातर टी सी जी के परिवार के सदस्य और मित्र आदि ही थे जिनमे से प्रमुख श्री मुकेश कोठारी का डिस्ट्रीब्यूटर नंबर 10009 था जो की वास्तव में 9 नंबर ही था, दस हजार की संख्या तो हाथी के दिखावे के लम्बे दांतों की तरहा ही थी.
यहाँ में एक बात और बताना चाहूँगा की टी सी जी शरुआत से ही कितने घाघ व्यक्ति थे, वो यह कि उन्होंने अपने कम्पूटर सिस्टम में छेड़खानी कर के करीब एक माह के समय में जो तारीख वाइज पहले फार्म जमा हुए थे उनको “पहले आओ पहले पाओ” के सिद्धांत की जगह अपनी मनमर्जी से कई दिनों तक एक ही तारीख कम्पूटर में सेट कर के खुद को, परिवार को, ख़ास मित्रो को बाद में अधिक से अधिक फायदा हो उस हिसाब से ट्री में ऊपर-नीचे कर के जमाया. यह बात इससे भी पुख्ता होती हे कि उस समय ऑन लाइन इंटरनेट सिस्टम नहीं था और एक ही 286 टाइप के बहुत ही धीमी गति के कम्पूटर पर कैसे एक ही दिन 31 अगस्त 2000 की तारीख में करीब 400 सदस्यों के फार्म की पूरी की पूरी डाटा बेस टाइप कर के लोड की गयी? जो की असंभव हे.
बाद में भी टी सी जी ने सेकड़ो बार भगवान् के द्वारा बनाए गए प्राकतिक समय चक्र की घड़ी की सुइयों को अपने और अपने परिवार के फायदे के लिए उलटा घुमाया था, दिन को रात और रात को दिन, नए माह की 1, 2, 3 तारीख को पुराने माह की 30 तारीख पर ही रोके रखना तो जेसे उनके बायें हाथ का खेल था, आखिर वे कलयुग के अवतार थे, इस स्रश्ठी की रचना करने वाले भगवान् से भी बड़े जो थे, लीडरो के साथ-साथ समय को भी उन्होंने अपने हाथो की कठपुतली बना रखा था, समय अपने नहीं उनके हिसाब से चलता था.
अब इनके द्वारा कंपनी के बंद होने तक और अभी तक चिल्ला-चिल्ला कर कही जा रही करीब एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का सच जानते हे. इसके लिए हमें नीचे दी गयी कंपनी ही की कुछ बातो, आकड़ो पर गहराई से गौर करना होगा.
* जैसा कि आप सभी जानते हे कंपनी अपने अंतिम तौर पर चेंज किये गये “लोयलटी बोनस” ड्रा प्लान में पुरे देश में विक्रय हुए सामान के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% फंड प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये के ड्रा के लिए रखती थी.
* कम्पनी के तत्कालीन बिजनस प्लान अनुसार हर सदस्य (डिस्ट्रीब्यूटर) को हर माह कम से कम 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज का सामान खरीदना अनिवार्य था तभी वह सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर कहलाता और सभी तरह के कंपनी से मिलने वाले लाभों का हकदार होता.
* 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज के सामान की औसत BV 600/- रुपये के करीब होती थी यानि कि सामान की मूल कीमत का 60% .
* कंपनी बंद होने के एक माह पूर्व माह अक्टुबर 2011 के “लोयलटी बोनस” ड्रा जो की माह नवम्बर 2011 के प्रथम सप्ताह में निकाला गया, में प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये प्राप्त करने वाले सदस्यों की पूरे देश भर की कुल संख्या केवल 338 थी. (हमारे पास प्रथम से ले कर अंतिम तक की सारी लिस्टे पड़ी हे)
* अन्तह कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% की राशी 338 X 11000 = 37,18,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस लाख अठारह हजार केवल) थी.
* अन्तह जब कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV की 1% राशी का योग 37,18,000/- रुपये होता हे तो कंपनी की कुल मासिक BV 100% राशी का योग होगा 37,18,000 X 100 = 37,18,00,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस करोड़ अठारह लाख केवल)
* अब जब एक सदस्य की मासिक खरीद पर औसत BV 600/- रुपये करीब होती हे तो कंपनी के देश भर में फैले कुल सक्रीय सदस्यों (डिस्ट्रीब्यूटर) की संख्या हुई 37,18,00,000 / 600 = 6,19,667 **( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ )
* कुल मासिक विक्रय हुए सामान की 60% BV का योग जब 37,18,00,000 रुपये होता हे तो मासिक विक्रय हुए कुल सामान की मूल कीमत यानि की कंपनी का मासिक टर्न ओवर होगा 371800000 / 60 X 100 = 61,96,66,667 (अक्षरे इकसठ करोड़ छियानवे लाख छासठ हजार छह सौ सडसठ)
उपरोक्त गणित कोई बहुत कठिन गणित नहीं हे जो किसी ‘सी ऐ’ की जरुरत पड़े, किसी भी स्कूल की पांचवी क्लास में पढ़ रहा बच्चा भी कंपनी के स्वंय के दिए आंकड़ो के आधार पर दूध का दूध, पानी का पानी कर देगा.
दोस्तों, इस तरह कंपनी और लीडरो के द्वारा बार-बार कही जा रही RCM में एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और कंपनी का मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का यदि कंपनी के खुद के द्वारा ऑफिशियली जारी आंकड़ो से तुलना की जाए तो पूरी तरह से फर्जी हे, मनघडंत हे, झूट का पुलिंदा हे, केवल हवाई किला हे.
हकीकत में इस संख्या का 5% (7,50,000 सात लाख पचास हजार) भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और इनमे से केवल 1% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही थी जो की “ऊंट के मुह में जीरे के सामान हे” 99% सदस्य हर माह कंपनी के द्वारा ठगे जा रहे थे. और बताया जा रहा कुल मासिक टर्न ओवर का हकीकत में करीब 6% ही मासिक टर्न ओवर हे. अंत कंपनी की मीटिंगों में और अब सरकार को दिए गए ज्ञापनो में जो संख्या व टर्न ओवर बताया गया हे वह आटे में नमक जितना झूट नहीं पूरा का पूरा ही नमक हे यानि की सफ़ेद झूट हे.
** 6,19,667 ( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ ) पूरे देश में RCM के कुल सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर की यह संख्या तब और भी कम हो जाती हे (i) यदि हर लीडर, पिन अचीवर द्वारा हर माह खरीदा जाना जरुरी 750-1500 BV का सामान को भी ध्यान में रख कर गणना की जाए. (ii) लोयलटी बोनस प्लान के अलावा भी कंपनी कोई विशेष प्रोडक्ट की ज्यादा खरीद पर सेल्स प्रमोशन स्कीम ड्रा भी चलाती थी जिसके झांसे में आ कर कई डिस्ट्रीब्यूटर अकेले ही उस माह हजारों-लाखों BV का वह सामान विशेष खरीद लेते थे. जेसे माह अक्टुबर 2011 में मर्दानगी ताकत बढाने की गोलियों के 200 पेकेट खरीदने पर विशेष प्रोत्साहन ड्रा में शामिल करना. (सीधे तौर पर बिना सेल्स टेक्स नंबर लिए डिस्ट्रीब्यूटर (फर्जी केवल नाम के एजेंट) द्वारा इस तरह से सामानों का विक्रय करना गेर कानूनी हे क्योकि डिस्ट्रीब्यूटर तो वापस कोई बिल, इन्वोइस नहीं बना सकता था, लेकिन इस तरह का कार्य अपराध हे यह बात इतना बड़ा व्यापारी टी सी जी क्या नहीं जानता था? जानते बुझते उन्होंने लाखों लोगो को गेर कानूनी कार्यों में धकेला)
DEAR SACH KA SAMANA itni sari jankari tune ikathaa ki yadi tu plan aur apn karya sahi rakhta to tu rcm ke bhar nahi jata , mujhe tujh per taras ata hai , teri baukhlahat jayaj hai , kyonki tune sahi jankari nahi lee aur na hi ise gambheerata se nahi liye , kyonki tu sorthi hai , bhagwan tere ko sadbhudhi de jai RCM MERA BHARAT MAHAN
A new politcs is going to start under joint company. The owner of the company is Our leader and Media is partner. Ek choti si ghatna ko rat aur din tv par dikha kar rai ko pahar bana wala ye tv or paper ko janta ki takat ka anubhaw ho to raha hai. lekin kary kaya.
दोस्तों, मनुष्य के स्वभाव की एक कमजोरी हे कि वह जहां ज्यादा लोग किसी कार्य या विचार से सहमत होते हे वहां वह अपने स्वयं के विवेक से निर्णय करने की बजाय लोगो की विशाल संख्या के विचार या कार्य से प्रभावित हो कर उनके पक्ष में अपना निर्णय करता हे.
मनुष्य की इसी स्वाभाविक कमजोरी का श्री 420 टी सी जी ने भरपूर फायदा कंपनी के शुरूआती दिनों से ले कर बंद होने के कगार पर पहुँचने तक सक्रीय सदस्यों की गलत संख्या बता कर यानि की झूट बोल-बोल कर उठाया. लीडर लोग अपनी हर मीटिंग में
पहले भी इस झुटी संख्या को जोर दे दे कर हाई लाईट करते थे और अब भी मीडिया, सरकार, न्यायपालिका, आम जनता को बेवकूफ बनाने से बाज नहीं आ रहे हे, इनके द्वारा कही जा रही एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या पूरी तरह से बकवास हे, झूट का पुलिंदा हे, हवाई किला हे. हकीकत में इस संख्या का 5% भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और १% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही हे 99% सदस्य जोइनिंग लेने के बाद आखिर में अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हे.
एक छोटा सा उदाहरण पेश हे :-
दिल्ली के चोर बाजार या हाट बाजार में चतुर ठग व्यापारी 200 का माल 100 में चिल्ला-चिल्ला कर बेच रहा होता हे और उसके ठेले के चारों तरफ 5-10 जनों की भीड़ इक्कठा हुई हुवी होती हे और उनमे से कई जने 100/- दे कर वह माल खरीद रहे होते हे, ऐसे में भीड़ देख कर और उनको खरीददारी करते देख कर और कंही सारा माल समाप्त नहीं हो जाए बाजार में आये इस गोरखधंधे से अनजान कुछ लोग भी 100 दे कर सामान खरीद कर खुद को होशियार ग्राहक समझते हुए अपने घर को चले जाते हे.
अब देखने में तो यह बड़ी सामान्य सी बाजारों में होने वाली रोजमर्रा की बात हे लेकिन इस तरह की दुकानदारी में वास्तविकता यह थी कि वे पहले से खरीददारी कर रहे 5-10 जनों की भीड़ फर्जी थी, वे उस ठग गिरोह के ही सदस्य थे और उनकी देखा-देखी अन्य लोगो ने 50/- की वास्तविक कीमत के सामान के 100/- दे दिए इस तरह उन्हें ठगों के सरदार और गिरोह के द्वारा बड़ी ही योजनाबद्ध तरीके से ठगा गया.
ठीक इसी तरह RCM में भी कंपनी और लीडरों (सरदार और गिरोह) के द्वारा सदस्यों की फर्जी संख्या व मासिक बिक्री के फर्जी आकडे बता कर शुरू से ही ठगी का कार्य बदस्तूर चालु था.
शुरू से ऐसे कि सदस्य संख्या आई डी 1 नंबर से शरु करने की बजाय टी सी जी ने जानबूझ कर चालाकी से 10001 से शरु की और शरुआती मीटिंगों में लोगो को यह बताया गया कि कंपनी में दस हजार से अधिक लोग जोइनिंग ले चुके हे जबकि वास्तविकता यह थी कि 31 अगस्त 2000 को एक साथ कुछ लोगो की जोइनिंग की गयी जिनमे से ज्यादातर टी सी जी के परिवार के सदस्य और मित्र आदि ही थे जिनमे से प्रमुख श्री मुकेश कोठारी का डिस्ट्रीब्यूटर नंबर 10009 था जो की वास्तव में 9 नंबर ही था, दस हजार की संख्या तो हाथी के दिखावे के लम्बे दांतों की तरहा ही थी.
यहाँ में एक बात और बताना चाहूँगा की टी सी जी शरुआत से ही कितने घाघ व्यक्ति थे, वो यह कि उन्होंने अपने कम्पूटर सिस्टम में छेड़खानी कर के करीब एक माह के समय में जो तारीख वाइज पहले फार्म जमा हुए थे उनको “पहले आओ पहले पाओ” के सिद्धांत की जगह अपनी मनमर्जी से कई दिनों तक एक ही तारीख कम्पूटर में सेट कर के खुद को, परिवार को, ख़ास मित्रो को बाद में अधिक से अधिक फायदा हो उस हिसाब से ट्री में ऊपर-नीचे कर के जमाया. यह बात इससे भी पुख्ता होती हे कि उस समय ऑन लाइन इंटरनेट सिस्टम नहीं था और एक ही 286 टाइप के बहुत ही धीमी गति के कम्पूटर पर कैसे एक ही दिन 31 अगस्त 2000 की तारीख में करीब 400 सदस्यों के फार्म की पूरी की पूरी डाटा बेस टाइप कर के लोड की गयी? जो की असंभव हे.
बाद में भी टी सी जी ने सेकड़ो बार भगवान् के द्वारा बनाए गए प्राकतिक समय चक्र की घड़ी की सुइयों को अपने और अपने परिवार के फायदे के लिए उलटा घुमाया था, दिन को रात और रात को दिन, नए माह की 1, 2, 3 तारीख को पुराने माह की 30 तारीख पर ही रोके रखना तो जेसे उनके बायें हाथ का खेल था, आखिर वे कलयुग के अवतार थे, इस स्रश्ठी की रचना करने वाले भगवान् से भी बड़े जो थे, लीडरो के साथ-साथ समय को भी उन्होंने अपने हाथो की कठपुतली बना रखा था, समय अपने नहीं उनके हिसाब से चलता था.
अब इनके द्वारा कंपनी के बंद होने तक और अभी तक चिल्ला-चिल्ला कर कही जा रही करीब एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का सच जानते हे. इसके लिए हमें नीचे दी गयी कंपनी ही की कुछ बातो, आकड़ो पर गहराई से गौर करना होगा.
* जैसा कि आप सभी जानते हे कंपनी अपने अंतिम तौर पर चेंज किये गये “लोयलटी बोनस” ड्रा प्लान में पुरे देश में विक्रय हुए सामान के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% फंड प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये के ड्रा के लिए रखती थी.
* कम्पनी के तत्कालीन बिजनस प्लान अनुसार हर सदस्य (डिस्ट्रीब्यूटर) को हर माह कम से कम 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज का सामान खरीदना अनिवार्य था तभी वह सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर कहलाता और सभी तरह के कंपनी से मिलने वाले लाभों का हकदार होता.
* 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज के सामान की औसत BV 600/- रुपये के करीब होती थी यानि कि सामान की मूल कीमत का 60% .
* कंपनी बंद होने के एक माह पूर्व माह अक्टुबर 2011 के “लोयलटी बोनस” ड्रा जो की माह नवम्बर 2011 के प्रथम सप्ताह में निकाला गया, में प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये प्राप्त करने वाले सदस्यों की पूरे देश भर की कुल संख्या केवल 338 थी. (हमारे पास प्रथम से ले कर अंतिम तक की सारी लिस्टे पड़ी हे)
* अन्तह कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% की राशी 338 X 11000 = 37,18,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस लाख अठारह हजार केवल) थी.
* अन्तह जब कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV की 1% राशी का योग 37,18,000/- रुपये होता हे तो कंपनी की कुल मासिक BV 100% राशी का योग होगा 37,18,000 X 100 = 37,18,00,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस करोड़ अठारह लाख केवल)
* अब जब एक सदस्य की मासिक खरीद पर औसत BV 600/- रुपये करीब होती हे तो कंपनी के देश भर में फैले कुल सक्रीय सदस्यों (डिस्ट्रीब्यूटर) की संख्या हुई 37,18,00,000 / 600 = 6,19,667 **( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ )
* कुल मासिक विक्रय हुए सामान की 60% BV का योग जब 37,18,00,000 रुपये होता हे तो मासिक विक्रय हुए कुल सामान की मूल कीमत यानि की कंपनी का मासिक टर्न ओवर होगा 371800000 / 60 X 100 = 61,96,66,667 (अक्षरे इकसठ करोड़ छियानवे लाख छासठ हजार छह सौ सडसठ)
उपरोक्त गणित कोई बहुत कठिन गणित नहीं हे जो किसी ‘सी ऐ’ की जरुरत पड़े, किसी भी स्कूल की पांचवी क्लास में पढ़ रहा बच्चा भी कंपनी के स्वंय के दिए आंकड़ो के आधार पर दूध का दूध, पानी का पानी कर देगा.
दोस्तों, इस तरह कंपनी और लीडरो के द्वारा बार-बार कही जा रही RCM में एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और कंपनी का मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का यदि कंपनी के खुद के द्वारा ऑफिशियली जारी आंकड़ो से तुलना की जाए तो पूरी तरह से फर्जी हे, मनघडंत हे, झूट का पुलिंदा हे, केवल हवाई किला हे.
हकीकत में इस संख्या का 5% (7,50,000 सात लाख पचास हजार) भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और इनमे से केवल 1% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही थी जो की “ऊंट के मुह में जीरे के सामान हे” 99% सदस्य हर माह कंपनी के द्वारा ठगे जा रहे थे. और बताया जा रहा कुल मासिक टर्न ओवर का हकीकत में करीब 6% ही मासिक टर्न ओवर हे. अंत कंपनी की मीटिंगों में और अब सरकार को दिए गए ज्ञापनो में जो संख्या व टर्न ओवर बताया गया हे वह आटे में नमक जितना झूट नहीं पूरा का पूरा ही नमक हे यानि की सफ़ेद झूट हे.
** 6,19,667 ( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ ) पूरे देश में RCM के कुल सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर की यह संख्या तब और भी कम हो जाती हे (i) यदि हर लीडर, पिन अचीवर द्वारा हर माह खरीदा जाना जरुरी 750-1500 BV का सामान को भी ध्यान में रख कर गणना की जाए. (ii) लोयलटी बोनस प्लान के अलावा भी कंपनी कोई विशेष प्रोडक्ट की ज्यादा खरीद पर सेल्स प्रमोशन स्कीम ड्रा भी चलाती थी जिसके झांसे में आ कर कई डिस्ट्रीब्यूटर अकेले ही उस माह हजारों-लाखों BV का वह सामान विशेष खरीद लेते थे. जेसे माह अक्टुबर 2011 में मर्दानगी ताकत बढाने की गोलियों के 200 पेकेट खरीदने पर विशेष प्रोत्साहन ड्रा में शामिल करना. (सीधे तौर पर बिना सेल्स टेक्स नंबर लिए डिस्ट्रीब्यूटर (फर्जी केवल नाम के एजेंट) द्वारा इस तरह से सामानों का विक्रय करना गेर कानूनी हे क्योकि डिस्ट्रीब्यूटर तो वापस कोई बिल, इन्वोइस नहीं बना सकता था, लेकिन इस तरह का कार्य अपराध हे यह बात इतना बड़ा व्यापारी टी सी जी क्या नहीं जानता था? जानते बुझते उन्होंने लाखों लोगो को गेर कानूनी कार्यों में धकेला)
DEAR SACH KA SAMANA itni sari jankari tune ikathaa ki yadi tu plan aur apn karya sahi rakhta to tu rcm ke bhar nahi jata , mujhe tujh per taras ata hai , teri baukhlahat jayaj hai , kyonki tune sahi jankari nahi lee aur na hi ise gambheerata se nahi liye , kyonki tu sorthi hai , bhagwan tere ko sadbhudhi de aur dil main aram dain , kahin aisa na ho ki RCM start hone ki khabar per tera heart attack na ho jaye jai RCM MERA BHARAT MAHAN
Dear sach ka saman , jise to mardangi takat badhane wali goli keh raha hai , kahi ye baat Mr. amitabko pat chal gaye to iske lene ke dene pad jayega , apni jubaan ko lagam main rakh ker baat kiya ker befkoof, murkh , nikamma jai RCM
Dear sach ka saman , jise to mardangi takat badhane wali goli keh raha hai , kahi ye baat Mr. amitabko pat chal gaye to iske lene ke dene pad jayega , apni jubaan ko lagam main rakh ker baat kiya ker befkoof, murkh , nikamma Aur ek baatye goliya yani Nutricharge pehel bhi market main bikta tha aur abhi bhi bik raha hai , apni jankari ko update kar , anavsask lanchan mat laga
Dear sach ka saman , jise to mardangi takat badhane wali goli keh raha hai , kahi ye baat Mr. amitabko pat chal gaye to iske lene ke dene pad jayega , apni jubaan ko lagam main rakh ker baat kiya ker befkoof, murkh , nikamma Aur ek baatye goliya yani Nutricharge pehel bhi market main bikta tha aur abhi bhi bik raha hai , apni jankari ko update kar , anavsask lanchan mat laga
aaj t.c ji ke bare mai kuchh log bahut galat likh rahe hai. mai kahta hoo ki jo subah se sham tak tv per badi -2 company 100% jhoote vigyapan dikha kar apna fayada le rahe hai. hai koi jo in company ke maliko ke bare mai likhe.
sarkar ko wohin rajstahn me ladhne do,humko chahiya ki kahin aur state se isko chalu kar deni chahiye.jab case solve hoga dono company ko mila denge.2Gspectrum ki case me mobile company chalte geye,sath hi sath case apni jagah chalta geya,tob phir rcm ki case me company aur server ko kyon band karba diya geya.
aaj 12 June 2012 me kranti hone wali thi lekin kuch chand bhrast netao ki wajah se hame aur thoda intejar karna padega, lekin hum tayar hai, RCM ne koi galat kam nahi kiya hai, yeh sache deshpremi aur RCM premiki pariksha chal rahi hai, Agar bhagwan bhi yahi chahta hai to hume bhi woh manjur hai. lekin ye bat dhyan me rakhiye jisne bhi itne RCM ke logonko pareshan kiya hai use bhagwan kabhi bhi maaf nahi karega
DEAR SACH KA SAMANA itni sari jankari tune ikathaa ki yadi tu plan aur apn karya sahi rakhta to tu rcm ke bhar nahi jata , mujhe tujh per taras ata hai , teri baukhlahat jayaj hai , kyonki tune sahi jankari nahi lee aur na hi ise gambheerata se nahi liye , kyonki tu sorthi hai , bhagwan tere ko sadbhudhi de jai RCM MERA BHARAT MAHAN
24www.jbmparivar.webnode.comJune 15, 2012 at 2:39 pm
जेबीएम परिवार आपका स्वागत करता है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप द्वारा जेबीएम परिवार में शामिल होने का लिया गया फैसला, आपके सपनों को साकार करने में मददगार सिद्ध होगा। जय भारत मार्केटिंग केवल मार्किटिंग नहीं बल्कि खुद को विकसित करने का एक सुनहरा अवसर है। जय भारत
जेबीएम परिवार के दरवाजे खुले हैं उनके लिए…. हर व्यक्ति की आंखों में स्वप्न होते हैं, और वह उन स्वप्नों के लिए दिन रात दौड़ता है, लेकिन जिन्दगी एक झटका देती है, वह कुछ समय के लिए रूकता है, फिर उसके दिल से आवाज निकलती है, एक दरवाजा बंद हुआ है तो दूसरा ईश्वर ने आपके लिए खोला है, अब साहस उस व्यक्ति को करना रहता है, जैसे सूर्य रोज निकलता है, मगर सूर्य रोशनी उस कमरे में देता है, जिसका दरवाजा खुला हो, जेबीएम परिवार का दरवाजा उन लोगों के लिए ईश्वर ने खोला है, जो नेटवर्किंग की दुनिया में अपने नाम की अमिट छाप छोड़ना चाहते हैं। समु्द्र की गहराई तक जाने के लिए किनारे पर खड़े रहने की बजाय सही साधनों का प्रबन्ध करके साहस के साथ कूद जाने वाले को ही हीरे, मोती प्राप्त होते है, करने से ज्यादा सोचने में वक्त जाया ना करें, वक्त व छूटी हुई ट्रेन को पकड़ना बहुत मुश्किल होता है.
High Lights प्रमुखताएँ
साथियों, आज हमारे देश में नेटवर्किंग, प्रोडक्ट डायरेक्ट सेलिंग का कार्य कोई नया नहीं रह गया हें, इस समय कई कंपनियाँ कार्यरत हें, सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए रोज़गार के अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद हे, और आने वाले वर्षों में यह और तेज़ी से बढ़ेगा. देश में इस समय जेबीएम परिवार, एन-मार्ट, आई एम सी, जी टी एफ एस, आर सी एम, फॉरएवर, वेस्टिज, डी-हेल्थ एण्ड केयर, एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कई कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हे जिनसे करोड़ो लोग लाभावन्तित हो रहें हें.
आप भी अपने खाली समय का सदुपयोग नेटवर्किंग का कार्य अपना कर कर सकते हें व अपना और अपने देश का भविष्य उज्ज्वल कर सकते हें, इसके लिए वर्तमान में तेज़ी से पूरे देश भर में अपना डंका बजवाने वाली और अन्य कंपनियों से तुलनात्मक तौर पर सबसे ज़्यादा अच्छा, सरल और वास्तव में हर एक को कमाई देने वाला बिजनस प्लान ले कर आने वाली कंपनी “जेबीएम परिवार” JBMparivar.com में आपका स्वागत हें.
कोई भी नेटवर्किंग कंपनी को जोइन करने से पहले आप इस कंपनी के नीचे दी गयी बिजनस प्लान की प्रमुखताएँ ‘High Lights’ और प्रॉडक्ट को आप उस अन्य कंपनी के प्लान और प्रॉडक्ट से ज़रूर टेली कर लें फिर निर्णय लें ताकि वास्तव में आपके फालतू समय का सदुपयोग हो और भरपूर कमाई भी हो साथ में देश हित भी सर्वोपरि हो.
S. No विषय JBM parivar अन्य कंपनी
1 मीटिंग प्रवेश शुल्क किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता हें. 30 से 500 रुपये शुल्क लिया जाता हें.
2 ज़ोइनिंग शुल्क मात्र 240 रु में मनपसंद सामान के साथ ज़ोइनिंग कर सकते हें 1500 से 3000 में थोपे गये सामान के किट से ज़ोइनिंग हो पाती हें
3 किट के सामान की बाजार में कीमत % पूरी 100% आधी 50% से भी कम
4 खुद की ज़ोइनिंग किट की बी वी पर खुद को आय 22% 0%
5 कमीशन सार खरीदी के बिजनस वैल्यू का कुल 51% हिस्सा वितरण करती है खुद की खरीद पर : 22% 5000 to 9999 : 2% 10,000 to 19,999 : 4% 20,000 to 39,999 : 6% 40,000 to 69,999 : 8% 70,000 to 1,14,999 : 10% 1,15,000 to 1,39,999 : 12% 1,40,000 to 1,74,999 : 14% 1,75,000 and above : 16%
खरीदी के बिजनस वैल्यू का कुल 36% हिस्सा ही वितरण करती है खुद की खरीद पर : 10% 5000 to 9999 : NIL 10,000 to 19,999 : 1.5% 20,000 to 39,999 : 3% 40,000 to 69,999 : 5% 70,000 to 1,14,999 : 7% 1,15,000 to 1,69,999 : 9% 1,70,000 to 2,59,999 : 11% 2,60,000 to 3,49,999 : 13% 3,50,000 and above : 15%
6 बेंक में फॅंड ट्रांसफर 1 रुपया भी कमीशन बना हो तो भी ट्रांसफर होगा सभी कटोती काटनें के बाद कम से कम 500 रु का कमीशन जमा हो जाये तो ही फॅंड ट्रांसफर होगा
7 स्वंय की मासिक खरीद के बी वी पर परफॉर्मेंस बोनस का % स्वयं की खरीदी के बी वी का 22% एवं 16% तक टीम परफॉर्मेंस बोनस, कुल 38% स्वयं की खरीदी के बी वी का 10% एवं 15% तक टीम परफॉर्मेंस बोनस, कुल 25% केवल
8 हर भुगतान पर कटौती 0 रु 30 से 300 रु तक राशि अनुसार
9 लीडरशिप बोनस ए लेग में 135000 बी वी एवं बी लेग में केवल 40000 बी वी होने पर लीडरशिप बोनस 3 फीसदी + 2000 रुपए
ए लेग में 280000 बी वी एवं बी लेग में 70000 बी वी होने पर लीडरशिप बोनस कुल 2000 रुपए केवल
10 लीडरशिप बोनस की शर्तें लीडरशिप बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा
लीडरशिप बोनस की स्थति में पहुँचने के पश्चात दूसरे माह में भी उसी स्थति में बने रहने पर ही दिया जाएगा और लगातार हर माह उसी स्थति में बने रहने पर ही जारी रहेगा
11 रॉयल्टी बोनस ए लेग में 175000 बी वी एवं बी लेग में केवल 70000 – 175000 बी वी होने पर रॉयल्टी बोनस 2 – 6 फीसदी + 4000 रुपए
ए लेग में 350000 बी वी एवं बी लेग में 115000 – 350000 बी वी होने पर रॉयल्टी बोनस 2 – 6 फीसदी + 4000 रुपए
12 रॉयल्टी बोनस की शर्तें रॉयल्टी बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा
रॉयल्टी बोनस की स्थति में पहुँचने के पश्चात दूसरे माह में भी उसी स्थति में बने रहने पर ही दिया जाएगा और लगातार हर माह उसी स्थति में बने रहने पर ही जारी रहेगा
13 टेक्नीकल बोनस दोनों लेगो में 250000 होने पर 1%, 500000 होने पर 1.5%, 1000000 होने पर 2%, 2000000 होने पर 2.5% + कंपनी के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम पर 1.5% औसत आधार पर हर टेक्नीकल अचिवर के बीच डिवाइड किया जाता हें ये बोनस आपकी मेन लेग के बी वी में से 2.5 लाख घटा कर शेष के औसत के आधार पर निकाला जाता हे
दोनों लेगो में 500000 होने पर 1%, 1000000 होने पर 1.5%, 2200000 होने पर 2%, 4800000 होने पर 2.5% + कंपनी के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम पर 1.5% औसत आधार पर हर टेक्नीकल अचिवर के बीच डिवाइड किया जाता हें ये बोनस आपकी बी लेग के बी वी में से 5 लाख घटा कर शेष के औसत के आधार पर निकाला जाता हे
14 टेक्नीकल बोनस की शर्तें टेक्नीकल बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा
कम से कम 2 माह किसी रॉयल्टी लेवल पर रहना हे, उसके पश्चात 1 माह 6% लेवल रॉयल्टी पर, व उसके पश्चात 1 माह में 5-5 लाख या इससे ज़्यादा का बी वी दोनो लेगो में होना चाहिये, और इन चारो माह का लक्ष्य 6 माह की अवधि मे पूर्ण हो जाना चाहिये या जब भी किसी भी 6 माह या उससे कम अवधि में ये चारों लक्ष्य पूरे होने पर ही उसकी टेक्निकल बोनस की पात्रता मानी जाएगी.
15 दुर्घटना म्रत्यु अनुदान 1000 रु. या ज़्यादा की खरीद प्रति माह करने पर नॉमिनी को 2.51 लाख की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी हर सक्रिय डिस्ट्रीब्यूटर को कंपनी अपने परिवार का सदस्य मानती हे और किंतु-परंतु के शर्तों के जाल में नहीं उलझाती, यानी की जिस माह भी उसकी 1000 रु की खरीद होगी उस माह के लिए वह इसका पात्र होगा
नॉमिनी को 2 लाख की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी इसकी पात्रता लगातार 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से मानी जाएगी और पात्रता को जारी रखने के लिये लगातार हर माह खरीद जारी रहनी चाहिये, यदि किसी माह 1000 रु. की खरीद छूट जाती हे तो वापस 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से ही मानी जा सकेगी.
16 खरीद प्रोत्साहन राशि 1000 रु. या ज़्यादा की खरीद प्रति माह करने पर कंपनी अपने इस तरह के सक्रिय, समर्पित सदस्य को 5100 रुपए की गारंटिड प्रोत्साहन राशि के लिए चुनती है, जो “प्रथम आओ, प्रथम पाओ” की स्लेब के आधार पर गारंटेड हर सक्रिय सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर मिलता ही हे
कंपनी अपने इस तरह के डिस्ट्रीब्यूटर को 11000, 5000, 1000 रुपए की प्रोत्साहन राशि के लिए चुनती है, जो कि कंपनी के कुल मासिक खरीद टर्न ओवर के 4% राशि जिसमे से भी दुर्घटना म्रत्यु अनुदान में देय राशि को घटा कर शेष राशि से क्रमश 1% – 1% – 2% राशि का वितरण ड्रा (लॉटरी) आधार पर करती हे. (वर्षो से अपने नंबर आने का इंतजार करने वाले मेहनती सदस्य तो इस सिस्टम में इंतजार ही करते रह जाते हे और कल परसों आने वाले का नंबर ड्रा में आ जाता हे)
17 खरीद प्रोत्साहन राशि की शर्तें “प्रथम आओ, प्रथम पाओ” की स्लेब के आधार पर गारंटेड हर सक्रिय सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर मिलता ही हे उल-जुलुल शर्तें नहीं थोपी जाती हें
इसकी पात्रता लगातार 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से मानी जाएगी और पात्रता को जारी रखने के लिये लगातार हर माह खरीद जारी रहनी चाहिये, यदि किसी माह 1000 रु. की खरीद छूट जाती हे तो वापस 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से ही मानी जा सकेगी
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SIR, HOW IT POSSIBLE ?……panskura, purba medinipur, w.b
“CHOR MACHAAYE SHOR”
RCM कंपनी शुरू से ही अपने सक्रीय सदस्यों की मनघडंत, फर्जी विशाल संख्या बता कर नए लोगो की जोइनिंगे ले कर ठग रही थी
दोस्तों, मनुष्य के स्वभाव की एक कमजोरी हे कि वह जहां ज्यादा लोग किसी कार्य या विचार से सहमत होते हे वहां वह अपने स्वयं के विवेक से निर्णय करने की बजाय लोगो की विशाल संख्या के विचार या कार्य से प्रभावित हो कर उनके पक्ष में अपना निर्णय करता हे.
मनुष्य की इसी स्वाभाविक कमजोरी का श्री 420 टी सी जी ने भरपूर फायदा कंपनी के शुरूआती दिनों से ले कर बंद होने के कगार पर पहुँचने तक सक्रीय सदस्यों की गलत संख्या बता कर यानि की झूट बोल-बोल कर उठाया. लीडर लोग अपनी हर मीटिंग में
पहले भी इस झुटी संख्या को जोर दे दे कर हाई लाईट करते थे और अब भी मीडिया, सरकार, न्यायपालिका, आम जनता को बेवकूफ बनाने से बाज नहीं आ रहे हे, इनके द्वारा कही जा रही एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या पूरी तरह से बकवास हे, झूट का पुलिंदा हे, हवाई किला हे. हकीकत में इस संख्या का 5% भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और १% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही हे 99% सदस्य जोइनिंग लेने के बाद आखिर में अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हे.
एक छोटा सा उदाहरण पेश हे :-
दिल्ली के चोर बाजार या हाट बाजार में चतुर ठग व्यापारी 200 का माल 100 में चिल्ला-चिल्ला कर बेच रहा होता हे और उसके ठेले के चारों तरफ 5-10 जनों की भीड़ इक्कठा हुई हुवी होती हे और उनमे से कई जने 100/- दे कर वह माल खरीद रहे होते हे, ऐसे में भीड़ देख कर और उनको खरीददारी करते देख कर और कंही सारा माल समाप्त नहीं हो जाए बाजार में आये इस गोरखधंधे से अनजान कुछ लोग भी 100 दे कर सामान खरीद कर खुद को होशियार ग्राहक समझते हुए अपने घर को चले जाते हे.
अब देखने में तो यह बड़ी सामान्य सी बाजारों में होने वाली रोजमर्रा की बात हे लेकिन इस तरह की दुकानदारी में वास्तविकता यह थी कि वे पहले से खरीददारी कर रहे 5-10 जनों की भीड़ फर्जी थी, वे उस ठग गिरोह के ही सदस्य थे और उनकी देखा-देखी अन्य लोगो ने 50/- की वास्तविक कीमत के सामान के 100/- दे दिए इस तरह उन्हें ठगों के सरदार और गिरोह के द्वारा बड़ी ही योजनाबद्ध तरीके से ठगा गया.
ठीक इसी तरह RCM में भी कंपनी और लीडरों (सरदार और गिरोह) के द्वारा सदस्यों की फर्जी संख्या व मासिक बिक्री के फर्जी आकडे बता कर शुरू से ही ठगी का कार्य बदस्तूर चालु था.
शुरू से ऐसे कि सदस्य संख्या आई डी 1 नंबर से शरु करने की बजाय टी सी जी ने जानबूझ कर चालाकी से 10001 से शरु की और शरुआती मीटिंगों में लोगो को यह बताया गया कि कंपनी में दस हजार से अधिक लोग जोइनिंग ले चुके हे जबकि वास्तविकता यह थी कि 31 अगस्त 2000 को एक साथ कुछ लोगो की जोइनिंग की गयी जिनमे से ज्यादातर टी सी जी के परिवार के सदस्य और मित्र आदि ही थे जिनमे से प्रमुख श्री मुकेश कोठारी का डिस्ट्रीब्यूटर नंबर 10009 था जो की वास्तव में 9 नंबर ही था, दस हजार की संख्या तो हाथी के दिखावे के लम्बे दांतों की तरहा ही थी.
यहाँ में एक बात और बताना चाहूँगा की टी सी जी शरुआत से ही कितने घाघ व्यक्ति थे, वो यह कि उन्होंने अपने कम्पूटर सिस्टम में छेड़खानी कर के करीब एक माह के समय में जो तारीख वाइज पहले फार्म जमा हुए थे उनको “पहले आओ पहले पाओ” के सिद्धांत की जगह अपनी मनमर्जी से कई दिनों तक एक ही तारीख कम्पूटर में सेट कर के खुद को, परिवार को, ख़ास मित्रो को बाद में अधिक से अधिक फायदा हो उस हिसाब से ट्री में ऊपर-नीचे कर के जमाया. यह बात इससे भी पुख्ता होती हे कि उस समय ऑन लाइन इंटरनेट सिस्टम नहीं था और एक ही 286 टाइप के बहुत ही धीमी गति के कम्पूटर पर कैसे एक ही दिन 31 अगस्त 2000 की तारीख में करीब 400 सदस्यों के फार्म की पूरी की पूरी डाटा बेस टाइप कर के लोड की गयी? जो की असंभव हे.
बाद में भी टी सी जी ने सेकड़ो बार भगवान् के द्वारा बनाए गए प्राकतिक समय चक्र की घड़ी की सुइयों को अपने और अपने परिवार के फायदे के लिए उलटा घुमाया था, दिन को रात और रात को दिन, नए माह की 1, 2, 3 तारीख को पुराने माह की 30 तारीख पर ही रोके रखना तो जेसे उनके बायें हाथ का खेल था, आखिर वे कलयुग के अवतार थे, इस स्रश्ठी की रचना करने वाले भगवान् से भी बड़े जो थे, लीडरो के साथ-साथ समय को भी उन्होंने अपने हाथो की कठपुतली बना रखा था, समय अपने नहीं उनके हिसाब से चलता था.
अब इनके द्वारा कंपनी के बंद होने तक और अभी तक चिल्ला-चिल्ला कर कही जा रही करीब एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का सच जानते हे. इसके लिए हमें नीचे दी गयी कंपनी ही की कुछ बातो, आकड़ो पर गहराई से गौर करना होगा.
* जैसा कि आप सभी जानते हे कंपनी अपने अंतिम तौर पर चेंज किये गये “लोयलटी बोनस” ड्रा प्लान में पुरे देश में विक्रय हुए सामान के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% फंड प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये के ड्रा के लिए रखती थी.
* कम्पनी के तत्कालीन बिजनस प्लान अनुसार हर सदस्य (डिस्ट्रीब्यूटर) को हर माह कम से कम 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज का सामान खरीदना अनिवार्य था तभी वह सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर कहलाता और सभी तरह के कंपनी से मिलने वाले लाभों का हकदार होता.
* 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज के सामान की औसत BV 600/- रुपये के करीब होती थी यानि कि सामान की मूल कीमत का 60% .
* कंपनी बंद होने के एक माह पूर्व माह अक्टुबर 2011 के “लोयलटी बोनस” ड्रा जो की माह नवम्बर 2011 के प्रथम सप्ताह में निकाला गया, में प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये प्राप्त करने वाले सदस्यों की पूरे देश भर की कुल संख्या केवल 338 थी. (हमारे पास प्रथम से ले कर अंतिम तक की सारी लिस्टे पड़ी हे)
* अन्तह कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% की राशी 338 X 11000 = 37,18,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस लाख अठारह हजार केवल) थी.
* अन्तह जब कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV की 1% राशी का योग 37,18,000/- रुपये होता हे तो कंपनी की कुल मासिक BV 100% राशी का योग होगा 37,18,000 X 100 = 37,18,00,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस करोड़ अठारह लाख केवल)
* अब जब एक सदस्य की मासिक खरीद पर औसत BV 600/- रुपये करीब होती हे तो कंपनी के देश भर में फैले कुल सक्रीय सदस्यों (डिस्ट्रीब्यूटर) की संख्या हुई 37,18,00,000 / 600 = 6,19,667 **( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ )
* कुल मासिक विक्रय हुए सामान की 60% BV का योग जब 37,18,00,000 रुपये होता हे तो मासिक विक्रय हुए कुल सामान की मूल कीमत यानि की कंपनी का मासिक टर्न ओवर होगा 371800000 / 60 X 100 = 61,96,66,667 (अक्षरे इकसठ करोड़ छियानवे लाख छासठ हजार छह सौ सडसठ)
उपरोक्त गणित कोई बहुत कठिन गणित नहीं हे जो किसी ‘सी ऐ’ की जरुरत पड़े, किसी भी स्कूल की पांचवी क्लास में पढ़ रहा बच्चा भी कंपनी के स्वंय के दिए आंकड़ो के आधार पर दूध का दूध, पानी का पानी कर देगा.
दोस्तों, इस तरह कंपनी और लीडरो के द्वारा बार-बार कही जा रही RCM में एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और कंपनी का मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का यदि कंपनी के खुद के द्वारा ऑफिशियली जारी आंकड़ो से तुलना की जाए तो पूरी तरह से फर्जी हे, मनघडंत हे, झूट का पुलिंदा हे, केवल हवाई किला हे.
हकीकत में इस संख्या का 5% (7,50,000 सात लाख पचास हजार) भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और इनमे से केवल 1% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही थी जो की “ऊंट के मुह में जीरे के सामान हे” 99% सदस्य हर माह कंपनी के द्वारा ठगे जा रहे थे. और बताया जा रहा कुल मासिक टर्न ओवर का हकीकत में करीब 6% ही मासिक टर्न ओवर हे. अंत कंपनी की मीटिंगों में और अब सरकार को दिए गए ज्ञापनो में जो संख्या व टर्न ओवर बताया गया हे वह आटे में नमक जितना झूट नहीं पूरा का पूरा ही नमक हे यानि की सफ़ेद झूट हे.
** 6,19,667 ( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ ) पूरे देश में RCM के कुल सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर की यह संख्या तब और भी कम हो जाती हे (i) यदि हर लीडर, पिन अचीवर द्वारा हर माह खरीदा जाना जरुरी 750-1500 BV का सामान को भी ध्यान में रख कर गणना की जाए. (ii) लोयलटी बोनस प्लान के अलावा भी कंपनी कोई विशेष प्रोडक्ट की ज्यादा खरीद पर सेल्स प्रमोशन स्कीम ड्रा भी चलाती थी जिसके झांसे में आ कर कई डिस्ट्रीब्यूटर अकेले ही उस माह हजारों-लाखों BV का वह सामान विशेष खरीद लेते थे. जेसे माह अक्टुबर 2011 में मर्दानगी ताकत बढाने की गोलियों के 200 पेकेट खरीदने पर विशेष प्रोत्साहन ड्रा में शामिल करना. (सीधे तौर पर बिना सेल्स टेक्स नंबर लिए डिस्ट्रीब्यूटर (फर्जी केवल नाम के एजेंट) द्वारा इस तरह से सामानों का विक्रय करना गेर कानूनी हे क्योकि डिस्ट्रीब्यूटर तो वापस कोई बिल, इन्वोइस नहीं बना सकता था, लेकिन इस तरह का कार्य अपराध हे यह बात इतना बड़ा व्यापारी टी सी जी क्या नहीं जानता था? जानते बुझते उन्होंने लाखों लोगो को गेर कानूनी कार्यों में धकेला)
DEAR SACH KA SAMANA
itni sari jankari tune ikathaa ki yadi tu plan aur apn karya sahi rakhta to tu rcm ke bhar nahi jata ,
mujhe tujh per taras ata hai ,
teri baukhlahat jayaj hai , kyonki tune sahi jankari nahi lee aur na hi ise gambheerata se nahi liye , kyonki tu sorthi hai ,
bhagwan tere ko sadbhudhi de
jai RCM
MERA BHARAT MAHAN
jo sahi hai to chalu karo
Ritire Rich
RCM net koi subji mandi nahi
Apni theli kahi aur lagao
JAI RCM,
JUNE 15 —JULY 01 TAK BHAHUT KUCH HONEWALA HAI.
SABSE PEHLE THO U- TURN HOGI, KARWAHI KO LEKE.
BE +VE, HAVE PATIENCE.
A new politcs is going to start under joint company. The owner of the company is Our leader and Media is partner. Ek choti si ghatna ko rat aur din tv par dikha kar rai ko pahar bana wala ye tv or paper ko janta ki takat ka anubhaw ho to raha hai. lekin kary kaya.
Jai rcm pr rcm ne kai galtya be ki h .. Jo sachai mujay pata lagi vaha badi dard nak h .
दोस्तों, मनुष्य के स्वभाव की एक कमजोरी हे कि वह जहां ज्यादा लोग किसी कार्य या विचार से सहमत होते हे वहां वह अपने स्वयं के विवेक से निर्णय करने की बजाय लोगो की विशाल संख्या के विचार या कार्य से प्रभावित हो कर उनके पक्ष में अपना निर्णय करता हे.
मनुष्य की इसी स्वाभाविक कमजोरी का श्री 420 टी सी जी ने भरपूर फायदा कंपनी के शुरूआती दिनों से ले कर बंद होने के कगार पर पहुँचने तक सक्रीय सदस्यों की गलत संख्या बता कर यानि की झूट बोल-बोल कर उठाया. लीडर लोग अपनी हर मीटिंग में
पहले भी इस झुटी संख्या को जोर दे दे कर हाई लाईट करते थे और अब भी मीडिया, सरकार, न्यायपालिका, आम जनता को बेवकूफ बनाने से बाज नहीं आ रहे हे, इनके द्वारा कही जा रही एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या पूरी तरह से बकवास हे, झूट का पुलिंदा हे, हवाई किला हे. हकीकत में इस संख्या का 5% भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और १% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही हे 99% सदस्य जोइनिंग लेने के बाद आखिर में अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हे.
एक छोटा सा उदाहरण पेश हे :-
दिल्ली के चोर बाजार या हाट बाजार में चतुर ठग व्यापारी 200 का माल 100 में चिल्ला-चिल्ला कर बेच रहा होता हे और उसके ठेले के चारों तरफ 5-10 जनों की भीड़ इक्कठा हुई हुवी होती हे और उनमे से कई जने 100/- दे कर वह माल खरीद रहे होते हे, ऐसे में भीड़ देख कर और उनको खरीददारी करते देख कर और कंही सारा माल समाप्त नहीं हो जाए बाजार में आये इस गोरखधंधे से अनजान कुछ लोग भी 100 दे कर सामान खरीद कर खुद को होशियार ग्राहक समझते हुए अपने घर को चले जाते हे.
अब देखने में तो यह बड़ी सामान्य सी बाजारों में होने वाली रोजमर्रा की बात हे लेकिन इस तरह की दुकानदारी में वास्तविकता यह थी कि वे पहले से खरीददारी कर रहे 5-10 जनों की भीड़ फर्जी थी, वे उस ठग गिरोह के ही सदस्य थे और उनकी देखा-देखी अन्य लोगो ने 50/- की वास्तविक कीमत के सामान के 100/- दे दिए इस तरह उन्हें ठगों के सरदार और गिरोह के द्वारा बड़ी ही योजनाबद्ध तरीके से ठगा गया.
ठीक इसी तरह RCM में भी कंपनी और लीडरों (सरदार और गिरोह) के द्वारा सदस्यों की फर्जी संख्या व मासिक बिक्री के फर्जी आकडे बता कर शुरू से ही ठगी का कार्य बदस्तूर चालु था.
शुरू से ऐसे कि सदस्य संख्या आई डी 1 नंबर से शरु करने की बजाय टी सी जी ने जानबूझ कर चालाकी से 10001 से शरु की और शरुआती मीटिंगों में लोगो को यह बताया गया कि कंपनी में दस हजार से अधिक लोग जोइनिंग ले चुके हे जबकि वास्तविकता यह थी कि 31 अगस्त 2000 को एक साथ कुछ लोगो की जोइनिंग की गयी जिनमे से ज्यादातर टी सी जी के परिवार के सदस्य और मित्र आदि ही थे जिनमे से प्रमुख श्री मुकेश कोठारी का डिस्ट्रीब्यूटर नंबर 10009 था जो की वास्तव में 9 नंबर ही था, दस हजार की संख्या तो हाथी के दिखावे के लम्बे दांतों की तरहा ही थी.
यहाँ में एक बात और बताना चाहूँगा की टी सी जी शरुआत से ही कितने घाघ व्यक्ति थे, वो यह कि उन्होंने अपने कम्पूटर सिस्टम में छेड़खानी कर के करीब एक माह के समय में जो तारीख वाइज पहले फार्म जमा हुए थे उनको “पहले आओ पहले पाओ” के सिद्धांत की जगह अपनी मनमर्जी से कई दिनों तक एक ही तारीख कम्पूटर में सेट कर के खुद को, परिवार को, ख़ास मित्रो को बाद में अधिक से अधिक फायदा हो उस हिसाब से ट्री में ऊपर-नीचे कर के जमाया. यह बात इससे भी पुख्ता होती हे कि उस समय ऑन लाइन इंटरनेट सिस्टम नहीं था और एक ही 286 टाइप के बहुत ही धीमी गति के कम्पूटर पर कैसे एक ही दिन 31 अगस्त 2000 की तारीख में करीब 400 सदस्यों के फार्म की पूरी की पूरी डाटा बेस टाइप कर के लोड की गयी? जो की असंभव हे.
बाद में भी टी सी जी ने सेकड़ो बार भगवान् के द्वारा बनाए गए प्राकतिक समय चक्र की घड़ी की सुइयों को अपने और अपने परिवार के फायदे के लिए उलटा घुमाया था, दिन को रात और रात को दिन, नए माह की 1, 2, 3 तारीख को पुराने माह की 30 तारीख पर ही रोके रखना तो जेसे उनके बायें हाथ का खेल था, आखिर वे कलयुग के अवतार थे, इस स्रश्ठी की रचना करने वाले भगवान् से भी बड़े जो थे, लीडरो के साथ-साथ समय को भी उन्होंने अपने हाथो की कठपुतली बना रखा था, समय अपने नहीं उनके हिसाब से चलता था.
अब इनके द्वारा कंपनी के बंद होने तक और अभी तक चिल्ला-चिल्ला कर कही जा रही करीब एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का सच जानते हे. इसके लिए हमें नीचे दी गयी कंपनी ही की कुछ बातो, आकड़ो पर गहराई से गौर करना होगा.
* जैसा कि आप सभी जानते हे कंपनी अपने अंतिम तौर पर चेंज किये गये “लोयलटी बोनस” ड्रा प्लान में पुरे देश में विक्रय हुए सामान के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% फंड प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये के ड्रा के लिए रखती थी.
* कम्पनी के तत्कालीन बिजनस प्लान अनुसार हर सदस्य (डिस्ट्रीब्यूटर) को हर माह कम से कम 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज का सामान खरीदना अनिवार्य था तभी वह सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर कहलाता और सभी तरह के कंपनी से मिलने वाले लाभों का हकदार होता.
* 1000/- रुपये की सेलिंग प्राइज के सामान की औसत BV 600/- रुपये के करीब होती थी यानि कि सामान की मूल कीमत का 60% .
* कंपनी बंद होने के एक माह पूर्व माह अक्टुबर 2011 के “लोयलटी बोनस” ड्रा जो की माह नवम्बर 2011 के प्रथम सप्ताह में निकाला गया, में प्रथम पुरस्कार 11000/- रुपये प्राप्त करने वाले सदस्यों की पूरे देश भर की कुल संख्या केवल 338 थी. (हमारे पास प्रथम से ले कर अंतिम तक की सारी लिस्टे पड़ी हे)
* अन्तह कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV का 1% की राशी 338 X 11000 = 37,18,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस लाख अठारह हजार केवल) थी.
* अन्तह जब कंपनी का कुल मासिक बिजनस वोल्यूम BV की 1% राशी का योग 37,18,000/- रुपये होता हे तो कंपनी की कुल मासिक BV 100% राशी का योग होगा 37,18,000 X 100 = 37,18,00,000/- रुपये (अक्षरे सेतिस करोड़ अठारह लाख केवल)
* अब जब एक सदस्य की मासिक खरीद पर औसत BV 600/- रुपये करीब होती हे तो कंपनी के देश भर में फैले कुल सक्रीय सदस्यों (डिस्ट्रीब्यूटर) की संख्या हुई 37,18,00,000 / 600 = 6,19,667 **( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ )
* कुल मासिक विक्रय हुए सामान की 60% BV का योग जब 37,18,00,000 रुपये होता हे तो मासिक विक्रय हुए कुल सामान की मूल कीमत यानि की कंपनी का मासिक टर्न ओवर होगा 371800000 / 60 X 100 = 61,96,66,667 (अक्षरे इकसठ करोड़ छियानवे लाख छासठ हजार छह सौ सडसठ)
उपरोक्त गणित कोई बहुत कठिन गणित नहीं हे जो किसी ‘सी ऐ’ की जरुरत पड़े, किसी भी स्कूल की पांचवी क्लास में पढ़ रहा बच्चा भी कंपनी के स्वंय के दिए आंकड़ो के आधार पर दूध का दूध, पानी का पानी कर देगा.
दोस्तों, इस तरह कंपनी और लीडरो के द्वारा बार-बार कही जा रही RCM में एक करोड़ पचास लाख RCM सक्रीय सदस्यों की संख्या और कंपनी का मासिक 1000 करोड़ रुपयों से भी अधिक के कुल टर्न ओवर का यदि कंपनी के खुद के द्वारा ऑफिशियली जारी आंकड़ो से तुलना की जाए तो पूरी तरह से फर्जी हे, मनघडंत हे, झूट का पुलिंदा हे, केवल हवाई किला हे.
हकीकत में इस संख्या का 5% (7,50,000 सात लाख पचास हजार) भी सक्रीय सदस्य नहीं हे और इनमे से केवल 1% सदस्यों को भी आय नहीं हो रही थी जो की “ऊंट के मुह में जीरे के सामान हे” 99% सदस्य हर माह कंपनी के द्वारा ठगे जा रहे थे. और बताया जा रहा कुल मासिक टर्न ओवर का हकीकत में करीब 6% ही मासिक टर्न ओवर हे. अंत कंपनी की मीटिंगों में और अब सरकार को दिए गए ज्ञापनो में जो संख्या व टर्न ओवर बताया गया हे वह आटे में नमक जितना झूट नहीं पूरा का पूरा ही नमक हे यानि की सफ़ेद झूट हे.
** 6,19,667 ( छह लाख उन्नीस हजार छह सौ सडसठ ) पूरे देश में RCM के कुल सक्रीय डिस्ट्रीब्यूटर की यह संख्या तब और भी कम हो जाती हे (i) यदि हर लीडर, पिन अचीवर द्वारा हर माह खरीदा जाना जरुरी 750-1500 BV का सामान को भी ध्यान में रख कर गणना की जाए. (ii) लोयलटी बोनस प्लान के अलावा भी कंपनी कोई विशेष प्रोडक्ट की ज्यादा खरीद पर सेल्स प्रमोशन स्कीम ड्रा भी चलाती थी जिसके झांसे में आ कर कई डिस्ट्रीब्यूटर अकेले ही उस माह हजारों-लाखों BV का वह सामान विशेष खरीद लेते थे. जेसे माह अक्टुबर 2011 में मर्दानगी ताकत बढाने की गोलियों के 200 पेकेट खरीदने पर विशेष प्रोत्साहन ड्रा में शामिल करना. (सीधे तौर पर बिना सेल्स टेक्स नंबर लिए डिस्ट्रीब्यूटर (फर्जी केवल नाम के एजेंट) द्वारा इस तरह से सामानों का विक्रय करना गेर कानूनी हे क्योकि डिस्ट्रीब्यूटर तो वापस कोई बिल, इन्वोइस नहीं बना सकता था, लेकिन इस तरह का कार्य अपराध हे यह बात इतना बड़ा व्यापारी टी सी जी क्या नहीं जानता था? जानते बुझते उन्होंने लाखों लोगो को गेर कानूनी कार्यों में धकेला)
DEAR SACH KA SAMANA
itni sari jankari tune ikathaa ki yadi tu plan aur apn karya sahi rakhta to tu rcm ke bhar nahi jata ,
mujhe tujh per taras ata hai ,
teri baukhlahat jayaj hai , kyonki tune sahi jankari nahi lee aur na hi ise gambheerata se nahi liye , kyonki tu sorthi hai ,
bhagwan tere ko sadbhudhi de aur dil main aram dain ,
kahin aisa na ho ki RCM start hone ki khabar per tera heart attack na ho jaye
jai RCM
MERA BHARAT MAHAN
Dear sach ka saman ,
jise to mardangi takat badhane wali goli keh raha hai , kahi ye baat Mr. amitabko pat chal gaye to iske lene ke dene pad jayega , apni jubaan ko lagam main rakh ker baat kiya ker befkoof, murkh , nikamma
jai RCM
Dear sach ka saman ,
jise to mardangi takat badhane wali goli keh raha hai , kahi ye baat Mr. amitabko pat chal gaye to iske lene ke dene pad jayega , apni jubaan ko lagam main rakh ker baat kiya ker befkoof, murkh , nikamma
Aur ek baatye goliya yani Nutricharge pehel bhi market main bikta tha aur abhi bhi bik raha hai , apni jankari ko update kar , anavsask lanchan mat laga
jai RCM
Dear sach ka saman ,
jise to mardangi takat badhane wali goli keh raha hai , kahi ye baat Mr. amitabko pat chal gaye to iske lene ke dene pad jayega , apni jubaan ko lagam main rakh ker baat kiya ker befkoof, murkh , nikamma
Aur ek baatye goliya yani Nutricharge pehel bhi market main bikta tha aur abhi bhi bik raha hai , apni jankari ko update kar , anavsask lanchan mat laga
jai RCM
Galtiyaan kis tarah ki kee hai kirpaya usko bhi sankhep main likhain
jisse hum isko aur behtar bana sakain ,
dhanyabaad
MERA BHARAT MAHAN
aaj t.c ji ke bare mai kuchh log bahut galat likh rahe hai. mai kahta hoo ki jo subah se sham tak tv per badi -2 company 100% jhoote vigyapan dikha kar apna fayada le rahe hai. hai koi jo in company ke maliko ke bare mai likhe.
JAY RCM JAY BHARAT……….DOSTO KOIBHI KISIKO GALOT BHASA KO PROYOG NA KARE..HAMARA RCM AA RAHA HAY….6 MAHINE INTIJAR KIYA AUB SIRF 6DEEN….JAYRCM…
sarkar ko wohin rajstahn me ladhne do,humko chahiya ki kahin aur state se isko chalu kar deni chahiye.jab case solve hoga dono company ko mila denge.2Gspectrum ki case me mobile company chalte geye,sath hi sath case apni jagah chalta geya,tob phir rcm ki case me company aur server ko kyon band karba diya geya.
aaj 12 June 2012 me kranti hone wali thi lekin kuch chand bhrast netao ki wajah se hame aur thoda intejar karna padega, lekin hum tayar hai, RCM ne koi galat kam nahi kiya hai, yeh sache deshpremi aur RCM premiki pariksha chal rahi hai, Agar bhagwan bhi yahi chahta hai to hume bhi woh manjur hai. lekin ye bat dhyan me rakhiye jisne bhi itne RCM ke logonko pareshan kiya hai use bhagwan kabhi bhi maaf nahi karega
vijay rcm
some days I win
Vijay Rcm
DEAR SACH KA SAMANA
itni sari jankari tune ikathaa ki yadi tu plan aur apn karya sahi rakhta to tu rcm ke bhar nahi jata ,
mujhe tujh per taras ata hai ,
teri baukhlahat jayaj hai , kyonki tune sahi jankari nahi lee aur na hi ise gambheerata se nahi liye , kyonki tu sorthi hai ,
bhagwan tere ko sadbhudhi de
jai RCM
MERA BHARAT MAHAN
intazar ki ghadi khatam hone wali hai
RCM to chalu hokar rahega. samay dhairya se rahte hue rcm ke virodhiyon ke bahkave main nahi aane ka hai.
जेबीएम परिवार आपका स्वागत करता है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप द्वारा जेबीएम परिवार में शामिल होने का लिया गया फैसला, आपके सपनों को साकार करने में मददगार सिद्ध होगा। जय भारत मार्केटिंग केवल मार्किटिंग नहीं बल्कि खुद को विकसित करने का एक सुनहरा अवसर है। जय भारत
जेबीएम परिवार के दरवाजे खुले हैं उनके लिए….
हर व्यक्ति की आंखों में स्वप्न होते हैं, और वह उन स्वप्नों के लिए दिन रात दौड़ता है, लेकिन जिन्दगी एक झटका देती है, वह कुछ समय के लिए रूकता है, फिर उसके दिल से आवाज निकलती है, एक दरवाजा बंद हुआ है तो दूसरा ईश्वर ने आपके लिए खोला है, अब साहस उस व्यक्ति को करना रहता है, जैसे सूर्य रोज निकलता है, मगर सूर्य रोशनी उस कमरे में देता है, जिसका दरवाजा खुला हो, जेबीएम परिवार का दरवाजा उन लोगों के लिए ईश्वर ने खोला है, जो नेटवर्किंग की दुनिया में अपने नाम की अमिट छाप छोड़ना चाहते हैं। समु्द्र की गहराई तक जाने के लिए किनारे पर खड़े रहने की बजाय सही साधनों का प्रबन्ध करके साहस के साथ कूद जाने वाले को ही हीरे, मोती प्राप्त होते है, करने से ज्यादा सोचने में वक्त जाया ना करें, वक्त व छूटी हुई ट्रेन को पकड़ना बहुत मुश्किल होता है.
High Lights प्रमुखताएँ
साथियों, आज हमारे देश में नेटवर्किंग, प्रोडक्ट डायरेक्ट सेलिंग का कार्य कोई नया नहीं रह गया हें, इस समय कई कंपनियाँ कार्यरत हें, सरकार ने कहा है कि वर्ष 2022 तक देश में रोजगार के 50 करोड़ नए रोज़गार के अवसर पैदा करने के लक्ष्य में डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में सीधी बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2003 से 2010 के दौरान इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह उद्योग इस समय 49,400 करोड़ रुपये का है। वर्ष 2013 तक इसके 71,500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद हे, और आने वाले वर्षों में यह और तेज़ी से बढ़ेगा.
देश में इस समय जेबीएम परिवार, एन-मार्ट, आई एम सी, जी टी एफ एस, आर सी एम, फॉरएवर, वेस्टिज, डी-हेल्थ एण्ड केयर, एमवे इंडिया, ओरीफ्लेम, टप्परवेयर, एवन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, के-लिंक हेल्थकेयर, 4लाइफ ट्रेडिंग इंडिया, मैक्स न्यूयार्क लाइफ इंश्योरेंस, मोदीकेयर जैसी कई कंपनियां डायरेक्ट सेलिंग कारोबार में सक्रिय हे जिनसे करोड़ो लोग लाभावन्तित हो रहें हें.
आप भी अपने खाली समय का सदुपयोग नेटवर्किंग का कार्य अपना कर कर सकते हें व अपना और अपने देश का भविष्य उज्ज्वल कर सकते हें, इसके लिए वर्तमान में तेज़ी से पूरे देश भर में अपना डंका बजवाने वाली और अन्य कंपनियों से तुलनात्मक तौर पर सबसे ज़्यादा अच्छा, सरल और वास्तव में हर एक को कमाई देने वाला बिजनस प्लान ले कर आने वाली कंपनी “जेबीएम परिवार” JBMparivar.com में आपका स्वागत हें.
कोई भी नेटवर्किंग कंपनी को जोइन करने से पहले आप इस कंपनी के नीचे दी गयी बिजनस प्लान की प्रमुखताएँ ‘High Lights’ और प्रॉडक्ट को आप उस अन्य कंपनी के प्लान और प्रॉडक्ट से ज़रूर टेली कर लें फिर निर्णय लें ताकि वास्तव में आपके फालतू समय का सदुपयोग हो और भरपूर कमाई भी हो साथ में देश हित भी सर्वोपरि हो.
S. No
विषय
JBM parivar
अन्य कंपनी
1
मीटिंग प्रवेश शुल्क
किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता हें.
30 से 500 रुपये शुल्क लिया जाता हें.
2
ज़ोइनिंग शुल्क
मात्र 240 रु में मनपसंद सामान के साथ ज़ोइनिंग कर सकते हें
1500 से 3000 में थोपे गये सामान के किट से ज़ोइनिंग हो पाती हें
3
किट के सामान की बाजार में कीमत %
पूरी 100%
आधी 50% से भी कम
4
खुद की ज़ोइनिंग किट की बी वी पर खुद को आय
22%
0%
5
कमीशन सार
खरीदी के बिजनस वैल्यू का कुल 51% हिस्सा वितरण करती है
खुद की खरीद पर : 22%
5000 to 9999 : 2%
10,000 to 19,999 : 4%
20,000 to 39,999 : 6%
40,000 to 69,999 : 8%
70,000 to 1,14,999 : 10%
1,15,000 to 1,39,999 : 12%
1,40,000 to 1,74,999 : 14%
1,75,000 and above : 16%
खरीदी के बिजनस वैल्यू का कुल 36% हिस्सा ही वितरण करती है
खुद की खरीद पर : 10%
5000 to 9999 : NIL
10,000 to 19,999 : 1.5%
20,000 to 39,999 : 3%
40,000 to 69,999 : 5%
70,000 to 1,14,999 : 7%
1,15,000 to 1,69,999 : 9%
1,70,000 to 2,59,999 : 11%
2,60,000 to 3,49,999 : 13%
3,50,000 and above : 15%
6
बेंक में फॅंड ट्रांसफर
1 रुपया भी कमीशन बना हो तो भी ट्रांसफर होगा
सभी कटोती काटनें के बाद कम से कम 500 रु का कमीशन जमा हो जाये तो ही फॅंड ट्रांसफर होगा
7
स्वंय की मासिक खरीद के बी वी पर परफॉर्मेंस बोनस का %
स्वयं की खरीदी के बी वी का 22% एवं 16% तक टीम परफॉर्मेंस बोनस, कुल 38%
स्वयं की खरीदी के बी वी का 10% एवं 15% तक टीम परफॉर्मेंस बोनस, कुल 25% केवल
8
हर भुगतान पर कटौती
0 रु
30 से 300 रु तक राशि अनुसार
9
लीडरशिप बोनस
ए लेग में 135000 बी वी एवं बी लेग में केवल 40000 बी वी होने पर लीडरशिप बोनस 3 फीसदी + 2000 रुपए
ए लेग में 280000 बी वी एवं बी लेग में 70000 बी वी होने पर लीडरशिप बोनस कुल 2000 रुपए केवल
10
लीडरशिप बोनस की शर्तें
लीडरशिप बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा
लीडरशिप बोनस की स्थति में पहुँचने के पश्चात दूसरे माह में भी उसी स्थति में बने रहने पर ही दिया जाएगा और लगातार हर माह उसी स्थति में बने रहने पर ही जारी रहेगा
11
रॉयल्टी बोनस
ए लेग में 175000 बी वी एवं बी लेग में केवल 70000 – 175000 बी वी होने पर रॉयल्टी बोनस 2 – 6 फीसदी + 4000 रुपए
ए लेग में 350000 बी वी एवं बी लेग में 115000 – 350000 बी वी होने पर रॉयल्टी बोनस 2 – 6 फीसदी + 4000 रुपए
12
रॉयल्टी बोनस की शर्तें
रॉयल्टी बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा
रॉयल्टी बोनस की स्थति में पहुँचने के पश्चात दूसरे माह में भी उसी स्थति में बने रहने पर ही दिया जाएगा और लगातार हर माह उसी स्थति में बने रहने पर ही जारी रहेगा
13
टेक्नीकल बोनस
दोनों लेगो में 250000 होने पर 1%, 500000 होने पर 1.5%, 1000000 होने पर 2%, 2000000 होने पर 2.5%
+
कंपनी के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम पर 1.5% औसत आधार पर हर टेक्नीकल अचिवर के बीच डिवाइड किया जाता हें
ये बोनस आपकी मेन लेग के बी वी में से 2.5 लाख घटा कर शेष के औसत के आधार पर निकाला जाता हे
दोनों लेगो में 500000 होने पर 1%, 1000000 होने पर 1.5%, 2200000 होने पर 2%, 4800000 होने पर 2.5%
+
कंपनी के कुल मासिक बिजनस वोल्यूम पर 1.5% औसत आधार पर हर टेक्नीकल अचिवर के बीच डिवाइड किया जाता हें
ये बोनस आपकी बी लेग के बी वी में से 5 लाख घटा कर शेष के औसत के आधार पर निकाला जाता हे
14
टेक्नीकल बोनस की शर्तें
टेक्नीकल बोनस की स्थति में जिस माह भी पहुँचेगा उस हर माह का दिया जाएगा
कम से कम 2 माह किसी रॉयल्टी लेवल पर रहना हे, उसके पश्चात 1 माह 6% लेवल रॉयल्टी पर, व उसके पश्चात 1 माह में 5-5 लाख या इससे ज़्यादा का बी वी दोनो लेगो में होना चाहिये, और इन चारो माह का लक्ष्य 6 माह की अवधि मे पूर्ण हो जाना चाहिये या जब भी किसी भी 6 माह या उससे कम अवधि में ये चारों लक्ष्य पूरे होने पर ही उसकी टेक्निकल बोनस की पात्रता मानी जाएगी.
15
दुर्घटना म्रत्यु अनुदान
1000 रु. या ज़्यादा की खरीद प्रति माह करने पर
नॉमिनी को 2.51 लाख की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी
हर सक्रिय डिस्ट्रीब्यूटर को कंपनी अपने परिवार का सदस्य मानती हे और किंतु-परंतु के शर्तों के जाल में नहीं उलझाती, यानी की जिस माह भी उसकी 1000 रु की खरीद होगी उस माह के लिए वह इसका पात्र होगा
नॉमिनी को 2 लाख की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी
इसकी पात्रता लगातार 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से मानी जाएगी और पात्रता को जारी रखने के लिये लगातार हर माह खरीद जारी रहनी चाहिये, यदि किसी माह 1000 रु. की खरीद छूट जाती हे तो वापस 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से ही मानी जा सकेगी.
16
खरीद प्रोत्साहन राशि
1000 रु. या ज़्यादा की खरीद प्रति माह करने पर
कंपनी अपने इस तरह के सक्रिय, समर्पित सदस्य को 5100 रुपए की गारंटिड प्रोत्साहन राशि के लिए चुनती है, जो “प्रथम आओ, प्रथम पाओ” की स्लेब के आधार पर गारंटेड हर सक्रिय सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर मिलता ही हे
कंपनी अपने इस तरह के डिस्ट्रीब्यूटर को 11000, 5000, 1000 रुपए की प्रोत्साहन राशि के लिए चुनती है, जो कि कंपनी के कुल मासिक खरीद टर्न ओवर के 4% राशि जिसमे से भी दुर्घटना म्रत्यु अनुदान में देय राशि को घटा कर शेष राशि से क्रमश 1% – 1% – 2% राशि का वितरण ड्रा (लॉटरी) आधार पर करती हे.
(वर्षो से अपने नंबर आने का इंतजार करने वाले मेहनती सदस्य तो इस सिस्टम में इंतजार ही करते रह जाते हे और कल परसों आने वाले का नंबर ड्रा में आ जाता हे)
17
खरीद प्रोत्साहन राशि की शर्तें
“प्रथम आओ, प्रथम पाओ” की स्लेब के आधार पर गारंटेड हर सक्रिय सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर मिलता ही हे
उल-जुलुल शर्तें नहीं थोपी जाती हें
इसकी पात्रता लगातार 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से मानी जाएगी और पात्रता को जारी रखने के लिये लगातार हर माह खरीद जारी रहनी चाहिये, यदि किसी माह 1000 रु. की खरीद छूट जाती हे तो वापस 3 माह तक खरीद करने के पश्चात 4 माह से ही मानी जा सकेगी
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